खान तिकड़ी की रेस में पिछड़ चुके शाहरुख की जगह क्या अक्षय कुमार ने ले ली है? आंकड़े गवाह हैं। अक्षय के पास 2018 में 'पैडमैन', '2.0' और 'गोल्ड' के बाद 2019 में भी 'जॉली एलएलबी-3', 'केसरी', 'हाउसफुल-4', 'मुगल' और 'क्रैक' जैसी फिल्में कतार में हैं। शाहरुख की फिलहाल एक ही फिल्म की चर्चा है, जिसका नाम तय होना है। हाल में शाहरुख ने एक फिल्म में अक्षय के साथ काम करने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन
समय से बड़ा खिलाड़ी कोई नहीं होता। कभी सिर्फ पर्दे पर खिलाड़ी माने जाने वाले अक्षय कुमार आज बॉक्स ऑफिस पर बड़े खेल कर रहे हैं। बॉलीवुड के शिखर पर मौजूद खान तिकड़ी के एकाधिकार को उन्होंने न केवल जबरदस्त चुनौती दी है, बल्कि शाहरुख खान को उनकी जगह से हटा कर खुद जम गए हैं। लोकप्रियता में अव्वल सलमान खान भी अक्षय का लोहा मान रहे हैं। बीते तीन साल के बॉक्स ऑफिस के आंकड़े तो गवाह हैं ही, खबरें यही कह रही हैं कि शाहरुख किसी तरह अक्षय के सामने नहीं पड़ना चाहते।
इसका पहला संकेत इस साल अगस्त में मिला था, जब शाहरुख ने फिल्म 'जब हैरी मेट सेजल' की रिलीज डेट अक्षय की 'टॉयलेटः एक प्रेमकथा' से एक हफ्ते पहले खिसका ली थी। दोनों फिल्में 11 अगस्त को रिलीज होनी थी, मगर शाहरुख अपनी फिल्म चार अगस्त को ले आए। शाहरुख की फिल्म फ्लॉप रही जबकि अक्षय की फिल्म ने 100 करोड़ के ऊपर बिजनेस किया। ताजा मामला 'जॉली एलएलबी-3' का सामने आ रहा है।
विज्ञापन
पिछले साल अक्षय ने फॉक्स स्टार स्टूडियोज के साथ तीन फिल्मों की डील की थी। 'जॉली एलएलबी-2' का कलेक्शन इस साल 100 करोड़ से ऊपर था। निर्माता-निर्देशक और अक्षय इस फिल्म की तीसरी कड़ी की तैयारी कर रहे हैं। खबर है कि निर्देशक सुभाष कपूर ने नई कड़ी में शाहरुख को लाने की कोशिशें की। वह फिल्म को और बड़ा बनाते हुए, इसमें अक्षय तथा शाहरुख को साथ लाना चाहते हैं, मगर शाहरुख ने इंकार कर दिया।
शुरुआत में कहा गया कि शाहरुख दो हीरो वाली फिल्म नहीं करना चाहते, मगर फिल्म से जुड़े सूत्रों के हवाला से कहा जा रहा है कि 'जॉली एलएलबी-3' ठुकराने की वजह अक्षय कुमार हैं। शाहरुख नहीं चाहते कि पर्दे पर उनका सामना अक्षय से हो और लोग उनके स्टारडम की तुलना करें। चर्चा है कि इसमें अक्षय और अरशद दिखाई पड़ सकते हैं। रोचक बात यह है कि सुभाष कपूर ने 2012 में 'जॉली एलएलबी' सबसे पहले शाहरुख खान को ऑफर की थी। शाहरुख इस फिल्म के लिए उत्साहित थे, परंतु तब 'जब तक है जान' और 'चेन्नई ऐक्सप्रेस' की शूटिंग डेट्स से यह फिल्म टकरा रही थी।
शाहरुख ने तब यह फिल्म तारीखों की वजह से छोड़ी और इस बार अक्षय की वजह से पीछे हट गए। बीते तीन साल में अक्षय ने शाहरुख को स्टारडम की रेस में मात दी है। 2015 के बाद उन्होंने पीछे मुड़ कर नहीं देखा। उनकी पिछली पांच फिल्मों (एयरलिफ्ट, हाउसफुल-3, रुस्तम, जॉली एलएलबी-2 और टॉयलेटः एक प्रेमकथा) ने टिकट खिड़की पर लगातार सौ करोड़ से ऊपर का कलेक्शन किया। वहीं शाहरुख की आखिरी हिट 2014 में आई 'हैप्पी न्यू ईयर' थी। 'दिलवाले', 'फैन', 'डियर जिंदगी', 'रईस' और 'जब हैरी मेट सेजल' की कमाई ने उन्हें औसत सितारा साबित किया, जबकि समाज के अनुकूल फिल्में करते हुए अक्षय ने दर्शकों का प्यार और सम्मान पाया है। 2018 में निर्देशक आनंद एल.राय के निर्देशन में बन रही फिलहाल अनाम फिल्म शाहरुख के करियर के लिए बेहद अहम है, जबकि अक्षय की तीन फिल्में 'पैडमैन', '2.0' और 'गोल्ड' अगले साल रिलीज की तैयारियों में लगी हैं।
सलमान खान कहते हैं, ‘आज आमिर, शाहरुख, मैं और अक्षय कुमार सुपरस्टार हैं, लेकिन आमिर तीन साल में एक फिल्म करते हैं। मैं साल में दो फिल्में करता हूं, शाहरुख भी कम फिल्में करते हैं। अक्षय साल में चार-पांच फिल्में करते हैं। आप गणित लगा लीजिए। जो कड़ी मेहनत करते हुए हर चार महीने में ज्यादा से ज्यादा रकम बॉक्स ऑफिस पर बनाता है, ज्यादा निर्माता-निर्देशकों के काम आता है, वही बड़ा स्टार है। कभी मैं भी ऐसा करता था। मुझे लगता है कि सिर्फ अक्षय ने यह बात समझी कि पुराने दिनों में हम चार-पांच लाख के लिए ज्यादा मेहनत करते थे और अब करोड़ों के लिए उतनी मेहनत नहीं कर रहे। 2018 में मैं तीन फिल्में लाने की कोशिश करूंगा।’
खान तिकड़ी से तुलना पर अक्षय कहते हैं, ‘मेरे काम करने का अलग ढंग है और मैंने अपने आपको उस कॉर्नर में फिट कर रखा है, जो मुझे दिया गया। मैं फिल्मों की टक्कर नहीं चाहता। इससे सबका नुकसान होता है। साल भर में करीब 180 फिल्में आती हैं। हर शुक्रवार को फिल्में रिलीज करनी हैं। कोई शुक्रवार खाली नहीं मिल सकता। मेरी कोशिश सिर्फ यही रहती है कि किसी फिल्म से क्लैश न हो।’