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राजद्रोह मामला: लक्षद्वीप पुलिस के सामने पेश हुईं आयशा सुल्ताना, एक हफ्ते की मिली थी जमानत

Sun, 20 Jun 2021 05:59 PM IST
शुभांगी गुप्ता एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

  • अंतरिम जमानत मिल जाने के बाद आयशा सुल्ताना आज यानी 20 जून को कोर्ट के सामने पेश हुईं।
  • हाल ही में कोर्ट ने आयशा को एक हफ्ते की अंतरिम जमानत देने का फैसला किया था।
  • आयशा का कहना था कि जब तक लक्षद्वीप को न्याय नहीं मिल जाता वह लड़ती रहेंगी।
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आयशा सुल्ताना - फोटो : Instagram
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विस्तार
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फिल्म निर्माता आयशा सुल्ताना एक हफ्ते की अंतरिम जमानत मिलने के बाद आज यानी (20 जून) को लक्षद्वीप पुलिस के सामने पेश हुईं। बता दें मामले की 17 जून को सुनवाई हुई थी जिसके बाद उनकी अग्रिम जमानत वाली याचिका पर मामला सुरक्षित रखा गया था। उसके बाद केरल उच्च न्यायालय ने आयशा को एक हफ्ते की अंतरिम जमानत दे दी थी। कोर्ट के इस फैसले पर आयशा का कहना था कि वह इस मामले में पुलिस का पूर्ण रूप से सहयोग करेंगी। आयशा ने आगे कहा, 'मुझे उम्मीद है कि इस बार मुझे न्याय मिलेगा। मैंने देश के खिलाफ ना कुछ बोला है और ना किया है। जब तक लक्षद्वीप को न्याय नहीं मिल जाता, मैं लड़ती रहूंगी।'

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क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पिछले दिनों एक टीवी चैनल डिबेट के दौरान फिल्म निर्माता आयशा सुल्ताना ने कहा कि लक्षद्वीप में अभी तक कोरोना का एक भी केस नहीं था, लेकिन अब हर रोज 100 मामले सामने आ रहे हैं। मैं स्पष्ट तौर पर कह सकती हूं कि केंद्र सरकार ने बायो वेपन के तौर पर प्रशासक प्रफुल्ल पटेल की तैनाती की है। वह यहां पर अलोकतांत्रिक, जनविरोधी नीतियों को लागू कर रहे हैं, जिससे कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। आयशा सुल्ताना के बयान के बाद भाजपा ने इसकी कड़ी आलोचना की और उसके खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करवाया। वहीं केंद्रशासित प्रदेश की भाजपा इकाई के कई नेता इस कार्रवाई पर नाराजगी जता चुके हैं। यहां तक कि एक दर्जन से ज्यादा नेताओं ने पार्टी भी छोड़ दी है।

भाजपा की लक्षद्वीप इकाई के अध्यक्ष अब्दुल खादर ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अब्दुल खादर का आरोप है कि उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश में कोविड-19 के प्रसार के बारे में झूठी खबर फैलाई थी। साथ ही यह भी कहा कि यह सुल्ताना का राष्ट्रविरोधी कृत्य था, जिसने केंद्र सरकार की 'देशभक्ति की छवि' को धूमिल किया। साथ ही उन्होंने इसके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है। बता दें कि इससे पहले भाजपा ने फिल्म निर्माता के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए द्वीप में विरोध प्रदर्शन किया था।

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