Extraction and Four More Shots Please
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कोरोना काल ने जितना कन्फ्यूजन ओटीटी की दर्शक संख्या को लेकर फैलाया है, उतना तो कभी रायता भी नहीं फैला होगा। नेटफ्लिक्स का कहना है कि उसकी फिल्म एक्स्ट्रैक्शन भारत में सबसे ज्यादा देखी गई। अब इसका सीक्वेल इसीलिए बनने जा रहा है। प्राइम वीडियो का कहना है कि उसका शो फोर मोर शॉट्स प्लीज का दूसरा सीजन सबसे ज्यादा देखा गया। अब इसका भी सीक्वेल बनने जा रहा है। ये अलग बात है कि हिट शो का डायरेक्टर इसे बनाने वाली कंपनी ने बदल दिया है। दावा मनीष पॉल जैसों का भी है कि उनका शो फ्लिपकार्ट पर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है।
एवेंजर्स सीरीज के निर्देशक जो रूसो और उनके भाई एंथनी रूसो के प्रोडक्शन हाउस की फिल्म एक्स्ट्रैक्शन को अमेरिका से लेकर भारत औसत दो स्टार से तीन स्टार के बीच की रेटिंग मिली है। रॉटेन टॉमैटोज ने इसे 169 रिव्यूज के आंकलन के बाद 68 फीसदी लोगों की पसंद बताया और 10 के पैमाने पर इसकी रेटिंग 6.1 रखी। ऐसे पैमानों में 8 या उसके ऊपर की रेटिंग अच्छी मानी जाती है। लेकिन, चैनल की आधिकारिक प्रवक्ता का कहना है कि फिल्म भारत समेत दूसरे देशों में भी हिट है। उनका हिट का आंकलन इसके व्यूज से है। ये कुछ कुछ वैसा ही जैसे सामान की बिक्री को सामान की गुणवत्ता का पैमाना मान लिया जाए।
प्राइम वीडियो के शो 'फोर मोर शॉट्स प्लीज!' के दूसरे सीजन की आईएमडीबी रेटिंग अभी तक सामने नहीं आई है। पिछले सीजन की रेटिंग इसकी आईएमडीबी पर 4.5 है। रॉटेन टोमैटोज पर तो इसके पहले सीजन को इतने रिव्यूज भी नहीं मिले कि किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता। लेकिन इसके निर्माताओं ने इसके दूसरे सीजन को भी हिट घोषित कर दिया है। अब प्राइम वीडियो में कोई ये बताने वाला नहीं है कि अगर इसके पहले के दो सीजन हिट रहे तो फिर इसकी निर्देशक की छुट्टी क्यों कर दी गई और क्यों अरसे से अटकी पड़ी फिल्म रोम रोम में की निर्देशक तनिष्ठा चटर्जी को इसका अगला सीजन बनाने के लिए बुलाया गया है।
ओटीटी पर वीडियो ऑन डिमांड की खपत पर लगातार नजर रखने वाली कंपनी पैरट एनालिटिक्स के एक मई को जारी आंकड़े बताते हैं कि ओटीटी पर दर्शकों की संख्या एकदम से बढ़ जाने जैसा कुछ नहीं हुआ है। पैरट के मुताबिक सिर्फ एप्पल टीवी के दर्शकों में इस दौरान उल्लेखनीय बढ़त 10 फीसदी से ज्यादा की हुई है। नेटफ्लिक्स के दर्शक सिर्फ 2.8 फीसदी बढ़े, प्राइम वीडियो और डिजनी प्लस के दर्शकों में तो कोरोना काल में गिरावट ही देखी गई है।
पैरट एनालिटिक्स के 1 मई को जारी ये आंकड़े 11 मार्च के बाद से यूएस के दर्शकों में आए बदलाव का नतीजा है। भारत में अभी ऐसी कोई स्वतंत्र कंपनी या एजेंसी निष्पक्ष तरीके से ओटीटी के आंकड़े नहीं जुटा रही है, हालांकि मांग की जारी रही है कि टीवी रेटिंग जारी करने वाली बार्क जैसी कोई संस्था ओटीटी के लिए भी सरकारी पहल से बने। ओटीटी की रेटिंग को लेकर शुरू हुए इस स्वयं अपनी पीठ ठोको अभियान का नतीजा ये हुआ है कि फ्लिपकार्ट पर क्विज शो चलाने वाले होस्ट मनीष पॉल की टीम को भी उनका शो नंबर बन कहने में कतई हिचक नहीं हो रही है।