लॉकडाउन खुलने के बाद सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में सिनेमा की तस्वीर बदलने वाली है। फिल्मों में नजर आने वाले नायक और नायिका के अंतरंग दृश्यों की शूटिंग को लेकर अभी से माथापच्ची शुरू हो गई है। इसके अलावा चर्चा इस बात पर भी चल रही है कि लॉकडाउन के बाद शूटिंग को लेकर कानून कौन बनाएगा, राज्य सरकार या केंद्र सरकार?
भारत, अमेरिका और ब्रिटेन समेत फिल्में बनाने वाले 20 देशों के कलाकारों की संस्थाओं के बीच लॉक डाउन के बाद के सिनेमा को लेकर चर्चा चल रही है। इस बारे में इन देशों की संस्थाओं की लगातार ऑन लाइन बैठकें हो रही हैं और मेल्स के जरिए विचारों का आदान प्रदान भी हो रहा है। भारतीय अभिनेताओं की तरफ से मुंबई स्थित सिने एंड टेलीविजन आर्टिस्ट एसोसिएशन यानी सिनटा इन बैठकों में हिस्सा ले रही है। इनमें सबसे बड़ा मुद्दा ये है कि फिल्मों में अंतरंग दृश्यों की शूटिंग सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखते हुए कैसे की जाए।
सिनटा के पदाधिकारी इस बात पर जोर देते हैं कि भारत को दूसरे बड़े देशों के साथ इस समय हाथ मिलाना जरूरी है क्योंकि बिना सर्वमान्य कानून के ये फिल्में दूसरे देशों में रिलीज नहीं हो पाएंगी। ये भी हो सकता है कि आने वाले दिनों में हर फिल्म में निर्माता को एक घोषणा भी करनी पड़े कि ये फिल्म संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए बने दिशानिर्देशों का पालन करते हुए बनाई गई है। हम फिल्मों की शूटिंग शुरू करना चाहते हैं लेकिन जिंदगियों की कीमत चुका कर नहीं।
सारेगामा इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट सिद्धार्थ आनंद कुमार का कहना है कि किसी भी फिल्म के इंटिमेट सीन को हर कलाकार से अलग-अलग भाग में फिल्माया जाएगा। वह अपनी एक फिल्म का उदाहरण देते हैं जिसे वह एक ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए बनाने जा रहे हैं। यह फिल्म एक ऐसे जोड़े की है जो बाहर से भाई बहन की तरह लगता है लेकिन उनकी कहानी अंदर से कुछ और है। हम उनके दृश्यों को एक-एक करके बारी-बारी से फिल्माएंगे। इस सीक्वेंस के लिए हम फिल्म के खत्म होने तक का इंतजार करेंगे। हो सकता है कि इसी बीच नियमों में कुछ बदलाव किए जाएं। हम शुरुआत में सिर्फ 30 लोगों को सेट पर लेकर काम शुरू करना चाहते हैं।