नेपाल की एक अदालत ने 22 जून को प्रभास स्टारर 'आदिपुरुष' सहित हिंदी फिल्मों पर प्रतिबंध हटा दिया और अधिकारियों से देश के सेंसर बोर्ड द्वारा पारित किसी भी फिल्म की स्क्रीनिंग को नहीं रोकने को कहा।
साउथ सुपरस्टार प्रभास, कृति सेनन और सैफ अली खान स्टारर फिल्म 'आदिपुरुष' इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। फिल्म पर धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लग रहे हैं। वीएफएक्स से लेकर इसके संवादों पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। कुछ दिन पहले काठमांडू के मेयर बालेन शाह ने आदिपुरुष को काठमांडू में बैन करने का फैसला लिया था। दरअसल, माता सीता के जन्मस्थान को लेकर विवाद हो गया। महाकाव्य के अनुसार वह नेपाल में पैदा हुई थीं जिसका उल्लेख फिल्म में नहीं किया गया था।
विज्ञापन
मेयर बालेन शाह ने जताई नाराजगी
वहीं, इस बीच खबर है कि नेपाल की एक अदालत ने 22 जून को प्रभास स्टारर 'आदिपुरुष' सहित हिंदी फिल्मों पर प्रतिबंध हटा दिया और अधिकारियों से देश के सेंसर बोर्ड द्वारा पारित किसी भी फिल्म की स्क्रीनिंग को नहीं रोकने को कहा। इस दौरान मेयर बालेन शाह कोर्ट के इस फैसले से खुश नजर नहीं आ रहे हैं। शाह ने कहा कि वह किसी भी सजा का सामना करने के लिए तैयार हैं, लेकिन फिल्म की स्क्रीनिंग की अनुमति नहीं देंगे क्योंकि मामला नेपाल की संप्रभुता और स्वतंत्रता से संबंधित है।
यह है पूरा मामला
बता दें कि, आदिपुरुष के एक डायलॉग, जिसमें सीता का उल्लेख भारत की बेटी के रूप में किया गया है, इसके कारण सभी हिंदी फिल्मों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, जिसकी घोषणा काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह ने की थी। साथ ही शहर के सभी सिनेमाघरों को लिखित रूप से हिदायत दी है कि, जब तक फिल्म के इस सीन को नहीं हटाते हैं, तब तक शहर के किसी भी हॉल में इस फिल्म को नहीं दिखा जाएगा।