जेड प्लस फिल्म में पंचर वाले की भुमिका निभा रहे आदिल कभी अमिताभ बच्चन की आवाज निकाल कर पैसे कमाते थे।
वह अमिताभ बच्चन के बहुत शुक्रगुजार हैं और उन्हें बताना चाहते हैं कि कैसे उन्होंने उनकी जिंदगी में योगदान दिया। आदिल बताते हैं, "मैंने अपनी जिंदगी की शुरुआती कमाई अमिताभ बच्चन की आवाज निकाल कर हासिल की।
इंग्लिश विंग्लिश में उनकी अतिथि भूमिका थी। तब मैं उन्हें ये बात बताना चाहता था लेकिन नहीं बता पाया। कभी मौका मिलेगा तो बताउंगा कि आपकी आवाज निकाल कर मैंने बहुत खाया है। आपका उधार है मुझ पर।"
आदिल हुसैन इस बात से संतुष्ट हैं कि उन्हें कुछ अच्छी फिल्में अब मिल रही हैं। लेकिन बॉलीवुड से एक शिकायत भी है कि बॉलीवुड में अब पैसों का खेल सिर चढ़ कर बोल रहा है। आदिल के मुताबिक कई बार अच्छी फिल्में दर्शकों तक पैसे के अभाव में नहीं पहुंच पातीं।
इश्किया ने दिया सहारा
आदिल 2010 में रिलीज हुई 'इश्किया' से जुड़ा एक मजेदार किस्सा सुनाते हुए कहते हैं कि जब जब मेरी हालत बेहद खराब थी तो इश्किया ने सहारा दिया।
वह कहते हैं, "जब मेरे पास फिल्म का प्रस्ताव आया तो दिल्ली से मुंबई फ्लाइट से जाने के मेरे पास पैसे नहीं थे। तब निर्देशक अभिषेक चौबे मुंबई से दिल्ली आए और मुझे स्क्रिप्ट सुनाई।" 'इश्किया' में खलनायक की भूमिका निभाने के बाद आदिल की गाड़ी चल निकली।
तो मैं कभी फिल्में नहीं करता
फिल्म 'इंग्लिश विंग्लिश' में श्रीदेवी के पति की भूमिका में आदिल हुसैन को खासी वाहवाही मिली। उन्होंने 'कमीने', 'इश्किया' और 'रिलंक्टेंट फंडामेंटलिस्ट' में भी अहम भूमिकाएं निभाईं लेकिन आदिल को फिल्में करके मजा नहीं आता।
24 सालों से थिएटर से जुड़े आदिल कहते हैं, "थिएटर में पैसा नहीं है। अगर पैसे मिलते होते तो मैं कभी फिल्में नहीं करता। बल्कि थिएटर से जुड़े कलाकार फिल्मों में आते ही हैं सिर्फ पैसों के लिए। लेकिन असल मजा तो थिएटर में ही है।"
आदिल हुसैन इस सप्ताह रिलीज होने वाली फिल्म 'जेड प्लस' में लीड रोल में हैं। फिल्म एक राजनीतिक व्यंग्य है, जिसमें आदिल ने गाड़ी के पंक्चर सुधारने वाले की भूमिका निभाई है। फिल्म के निर्देशक चंद्रप्रकाश द्विवेदी हैं।