गलत को चुपचाप सहन नहीं करना चाहिए
अपनी प्रतिक्रिया के बारे में बताते हुए कायादु ने आगे कहा कि मैं इतनी परेशान और गुस्से में थी कि मैंने एक पत्थर उठाया और उनमें से एक पर फेंक दिया। वह पत्थर उसके सिर पर लगा और उससे खून बहने लगा। मैं तुरंत वहां से चली गई। मुझे नहीं पता कि उसके बाद क्या हुआ। पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि वह बहुत हिंसक हरकत थी।
मुझे नहीं लगता कि किसी को पत्थर उठाकर किसी को घायल करना चाहिए। लेकिन उस पल मुझे ऐसा ही महसूस हुआ और मैंने वही किया। शायद लोग सोचते हों कि मैं शांत हूं और ज्यादा बात नहीं करती। लेकिन जब कोई कुछ गलत करता है, तो मुझे नहीं लगता कि उसे चुपचाप सह लेना चाहिए। आपको अपने लिए आवाज उठानी चाहिए।