प्रतीक ने साझा किया अपना दुख
प्रतीक ने हाल ही में बताया कि वह फिल्मों में आने से पहले ही ड्रग्स का सेवन करने लगे। इससे उनकी निजी जिंदगी पर बहुत बुरा असर हुआ। आगे चलकर इस बुरी आदत का असर उनके काम पर फिल्मी करियर पर भी पड़ा। प्रतीक कहते हैं, 'लोगों को लगता है, मैंने फिल्मों के जरिए खूब नाम और पैसा कमाया और फिर ड्रग्स लेना शुरू कर दिया। जबकि सच यह है कि मैं जब 13 साल का था, तभी से ड्रग्स लेने लगा। असल में मेरी परवरिश अलग तरह से हुई और मेरी पारिवारिक स्थिति थोड़ी जटिल रही, इसलिए मैंने ड्रग्स लेना शुरू कर दिया। प्रतीक के ड्रग्स लेने और इस आदत से उबरने के बार में एक इंटरव्यू में राज बब्बर ने भी बात की, उन्होंने खुशी जताई की प्रतीक ने इस लत से छुटकारा पा लिया है।
नहीं मिला मां का प्यार
असल में प्रतीक की मां स्मिता उन्हें जन्म देते ही मर गईं इसलिए उन्हें मां का प्यार तो नहीं मिला। प्रतीक की शुरुआती परवरिश उनके नाना-नानी ने की। वहीं उनके पिता राज बब्बर भी अपनी पहली पत्नी और बच्चों के पास वापस लौट गए। दरअसल, राज बब्बर ने स्मिता से दूसरी शादी की थी, उनकी पहली पत्नी नादिरा हैं। अब तो प्रतीक का रिश्ता अपने सौतेली मां नादिरा और उनके बच्चों आर्य और जूही बब्बर से काफी अच्छा है।
कर रहे हैं अच्छी फिल्में
प्रतीक इन दिनों अपनी एक फिल्म 'ख्वाबों का झमेला' को लेकर भी चर्चा में हैं। हाल ही में यह फिल्म रिलीज हुई है। यह एक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है, जिसे दानिश असलम ने निर्देशित किया है। प्रतीक की हीरोइन इस फिल्म में सयानी गुप्ता हैं। वह अगले साल भी एक फिल्म 'सिकंदर' में नजर आएंगे।