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रात 8 बजे आमिर खान ने दिया आपको धोखा?

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बीता रविवार फिल्मों और आमिर खान को चाहने वालों के लिए खास था। वे इंतजार कर रहे थे कि एक फिल्म चैनल पर इस सितारे की ऐसी फिल्म दिखाई जाने वाली है, जो पहले कभी रिलीज नहीं हुई। चैनल और आमिर धूमधाम से प्रचार कर रहे थे कि दर्शकों को एक ‘अनरिलीज्ड’ फिल्म दिखाई जाएगी।
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उनकी पीआर मशीनरी भी पूरे मिशन को गुप्त बनाए हुए थी और इस बारे में एक शब्द बोलने को तैयार नहीं थी कि आखिर यह फिल्म क्या है? इसका नाम, निर्देशक, किस विषय पर यह फिल्म है... सब कुछ गुप्त रखा गया था। अतः स्वाभाविक था कि लोगों और मीडिया की दिलचस्पी इसमें बढ़े।

लोगों को थी इसमें दिलचस्पी

आमिर की तरफ से कहा गया था कि यह ऐसी फिल्म होगी जिसे वह प्रशंसकों के साथ बैठ कर देखेंगे। सिनेमा के इतिहास में पहली बार किसी फिल्म का ऐसा प्रीमियर होगा जिसमें सितारा और दर्शक मिल कर पहली बार दिखाई जा रही फिल्म का आनंद लेंगे। आमिर ने सोशल मीडिया को भी इस अभियान से जोड़ रखा था कि देखने वाले उनसे फिल्म से जुड़े सवाल पूछ सकते हैं।

इसके लिए मुंबई के यशराज स्टूडियो में सैट लगाया गया था, जहां इस विशेष आयोजन की बागडोर निर्माता-निर्देशक और एंकर करन जौहर ने संभाल रखी थी। आखिरकार घड़ी ने रात के आठ बजाए और आमिर की ‘अनरिलीज्ड’ फिल्म पर से पर्दा उठा। जिसे देखते ही लोग ठगे-से रह गए। कई लोग तो बहुत नाराज हुए। उन्हें यह आमिर की धोखाधड़ी लगी। यह फिल्म आम अर्थों में फिल्म नहीं थी। यह एक डॉक्यूमेंट्री (वृत्तचित्र) थी, जिसमें आमिर ने अपनी पहली होम प्रोडक्शन फिल्म ‘लगान’ की मेकिंग दिखाई थी।

मार्केटिंग की बाजीगरी

इस फिल्म का नाम थाः चले चलो-द लुनासी ऑफ फिल्म मेकिंग। जिसका निर्देशन आमिर खान के वकील दोस्त सत्यजित भटकल ने किया था। खास बात यह कि खुद मंच पर बैठे आमिर ने प्रसारण शुरू होन से पहले स्वीकार किया यह डॉक्युमेंट्री ‘अनरिलीज्ड’ नहीं है। इसे करीब एक दशक पहले सिनेमाघरों में रिलीज किया गया था और दर्शक न मिलने के कारण दो-एक हफ्ते में उतार ली गई थी।
 
रोचक तथ्य यह है कि ‘चले चलो’ न केवल सिनेमाघरों में रिलीज की गई थी, बल्कि साल 2005 में एक विशेष पैक में इसकी डीवीडी भी जारी की गई थी। मुंबई में इस डीवीडी रिलीज का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें मीडिया को बुलाया गया था। इस तरह से ‘चले चलो’ किसी भी लिहाज से ‘अनरिलीज्ड’ डॉक्युमेंट्री नहीं थी। यह अलग बात है कि इसे ज्यादातर लोगों ने नहीं देखा।

क्यों लिया इस तरह का झूठा सहारा

खुद आमिर भी समझते हैं कि वह इतने लोकप्रिय हैं कि उन्हें किसी तरह के प्रचार के लिए झूठ का सहारा लेने की जरूरत नहीं। इस फिल्म को दिखाने से पहले उन्होंने सिर्फ यह झूठ बोला कि यह अनरिलीज्ड है। वैसे संभव है कि उन्होंने प्रचार के झूठ को झूठ न समझा हो और दर्शकों को सिर्फ ‘सरप्राइज’ दिया हो।

कैसे भूला जा सकता है कि आमिर के चेहरे पर सदा मासूम मुस्कान रहती है और उनका सेंस ऑफ ह्यूमर बॉलीवुड के कई भौंहे चढ़ाए रहने वाले सितारों से बेहतर है। असल में आमिर खान ने एक बार फिर साबित किया है कि मार्केटिंग और फिल्म प्रमोशन के मामले में वह बेहद ‘शातिर’ हैं। उन्होंने अपने प्रमोशन वाले टीवी प्रोमो में इस बात के संकेत छोड़े थे कि वह क्या दिखाने जा रहे हैं।

बताया सच्ची कहानी

उन्होंने प्रोमो में कहा था कि यह एक काल्पनिक नहीं सच्ची कहानी है, सचमुच हुआ है यह सब (यानी फिल्म की मेकिंग)। उन्होंने कहा था कि इस फिल्म की शूटिंग के दौरान कई दुर्घटनाएं हुईं और किसी की पीठ भी टूटी। उल्लेखनीय है कि लगान की मेकिंग के दौरान निर्देशक आशुतोष गोवारिकर की पीठ की तकलीफ ने उन्हें स्ट्रेचर पर ला दिया था।

आमिर ने यह भी कहा कि फिल्म की मेकिंग के दौरान किसी की शादी हुई तो किसी का तलाक। इसी फिल्म के दौरान आमिर और उनकी पहली पत्नी रीना के बीच दूरियां बढ़ गई थीं, जो तलाक तक जा पहुंची। इसी फिल्म के दौरान आमिर की अपनी दूसरी पत्नी किरण राव से नजदीकियां बढ़ी थीं। प्रोमो के अंत में आमिर साफ कहते हैं, ‘मेरे साथ चले चलो।’ ‘चले चलो’ डॉक्यूमेंट्री का शीर्षक!
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क्या इमेज पर लगेगा बट्टा?

किसी को यह लग सकता है कि आमिर अपनी तरफ से पारदर्शी रहते और प्रचार में यही कहते कि मैं अपनी एक फिल्म से बहुत प्यार करता हूं, जिसे आप में से कुछ लोगों ने तो देखा है, लेकिन ज्यादातर लोग उसके बारे में जानते तक नहीं। मैं इस फिल्म को अपने चाहने वालों के साथ फिर से देखना चाहता हूं।

उस पर सबसे बात करना चाहता हूं, इसलिए एक विशेष आयोजन कर रहा हूं। रविवार की रात को फलां चैनल पर रात आठ बजे आपका स्वागत है। निस्संदेह आमिर के इस आह्वान का भी लोग स्वागत करते। लेकिन आमिर ने अपने मार्केटिंग वाले जीनियस दिमाग का इस्तेमाल करते हुए दर्शकों को फिल्म दिखाने का एक नया चलाक दरवाजा खोल दिया है। बॉलीवुड में अलग-अलग समय में हुए बड़े सितारों की हजारों ऐसी फिल्में हैं जो कभी रिलीज नहीं हुईं या फिर थोड़ी सी चल कर उतर गईं। क्या उन्हें भी इस तरह से भविष्य में टीवी पर दिखाया जाएगा?

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