रामायण के दिनों का किस्सा किया याद
उन्होंने बताया कि इस घटना ने उन्हें ‘रामायण’ के समय की एक और घटना याद दिला दी। उस पल को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘एक दिन हम धूप में लंबे समय तक शूटिंग कर रहे थे, उसके बाद मुझे 2-3 दिन का ब्रेक मिला था। उस समय मेरी दाढ़ी नहीं थी और मैंने बालों में तेल लगाया हुआ था।
मैं स्टूडियो के मेन गेट के पास टहल रहा था, तभी एक सज्जन आए और बोले, ‘हेलो, मैं सुनील लहरी से मिलना चाहता हूं।’ मैंने उनसे पूछा कि आप कौन हैं, तो उन्होंने कहा, ‘मैं उनका भाई हूं, भोपाल से आया हूं।’ ये काफी हैरान करने वाला था। वो मुझसे मिलने आए थे, लेकिन मुझे पहचान नहीं पाए और खुद को मेरा भाई बताने लगे।’
इस अजीब लेकिन मजेदार अनुभव को याद करते हुए सुनील लहरी ने आखिरी में एक दिल छू लेने वाली बात भी कही। उन्होंने कहा, ‘कहते हैं जब समय सही होता है तो अजनबी भी रिश्तेदार बन जाते हैं। वाह री दुनिया, कमाल है। अपना ख्याल रखिए, खुश रहिए, स्वस्थ रहिए। जय श्री राम।’