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बायोपिक के पीछे भागता बॉलीवुड: क्या स्टारडम से आगे निकला सिनेमा? इन दिग्गजों की कहानी पर दांव खेलेंगे मेकर्स

Sun, 27 Sep 2026 08:30 AM IST
राजश्री वर्मा एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Biopics Movies In Bollywood: साल 2026 के आखिर और 2027 में कई बायोपिक फिल्में मेकर्स लेकर आने वाले हैं। ऐसे में क्या अब असली दिग्गजों की कहानी बॉलीवुड के लिए हिट का नया फार्मूला बन गया है। आइए जानते हैं इसके बारे में।
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बायोपिक के पीछे भागता बॉलीवुड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिंदी सिनेमा का इतिहास सिर्फ फिल्मों की कहानियों का इतिहास नहीं है, बल्कि बदलती पसंद और बदलते सिनेमाई ट्रेंड का भी इतिहास है। एक दौर था जब बड़े पर्दे पर प्रेम कहानियों का जादू चलता था। हीरो-हीरोइन, प्यार, जुदाई और मिलन... यही फॉर्मूला दर्शकों को थिएटर तक खींच लाता था। फिर समय बदला और बॉलीवुड ने कॉमेडी को अपनाया। एक के बाद एक कॉमेडी फिल्मों ने दर्शकों को हंसाया और बॉक्स ऑफिस पर अपनी जगह बनाई।
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इसके बाद हॉरर और हॉरर-कॉमेडी का दौर आया, जब भूत-प्रेत और डर के साथ हंसी का तड़का भी दर्शकों को पसंद आने लगा। फिर आया एक्शन का दौर। बड़े सितारे, बड़े हथियार, बड़े सेट, हाई-ऑक्टेन एक्शन और करोड़ों का बजट... बॉलीवुड की कई बड़ी फिल्में इसी फॉर्मूले पर बनने लगीं। इन सबके बीच मेकर्स कुछ बायोपिक फिल्में भी लेकर आए, जिनमें से कुछ हिट हुईं तो कुछ फ्लॉप। लेकिन अब ऐसा लगता है कि हिंदी सिनेमा का बायोपिक वाला दौर फिर दस्तक दे रहा है। 

दरअसल, साल 2026 में जिस तरह नीम करोली बाबा के जीवन पर बनी 'हनुमान अंश' हिट हुई और चंदू चैंपियन को नेशनल अवॉर्ड मिला। ऐसे में मेकर्स का झुकाव बायोपिक की तरफ बढ़ता नजर आ रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं, 2027 में भी कई बड़े बायोपिक प्रोजेक्ट लाइन में हैं, उससे यह सवाल जरूर उठता है कि क्या बॉलीवुड अब काल्पनिक कहानियों से ज्यादा वास्तविक जिंदगी के किरदारों में नया ड्रामा तलाश रहा है।
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शाहरुख खान - फोटो : X
रोमांस से शुरू हुई थी कहानी
हिंदी सिनेमा में रोमांस कभी सिर्फ एक जॉनर नहीं रहा। यह लंबे समय तक फिल्मों का सबसे मजबूत आधार रहा है। राज कपूर-नर्गिस से लेकर देव आनंद, दिलीप कुमार, राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान और आगे की पीढ़ियों तक प्रेम कहानियों ने बॉलीवुड की पहचान बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। लेकिन दर्शकों की पसंद हमेशा एक जैसी नहीं रहती।

जैसे-जैसे समाज बदला, फिल्मों की कहानियां भी बदलीं। दर्शकों को सिर्फ प्रेम कहानी नहीं चाहिए थी, उन्हें हंसना था, डरना था, रोमांच महसूस करना था और फिर एक्शन फिल्मों के जरिए बड़े पर्दे पर बड़ा तमाशा देखना था। यही बॉलीवुड की खासियत रही है, जो जॉनर दर्शकों को पसंद आया, इंडस्ट्री ने उसी में और कहानियां तलाशनी शुरू कर दीं। अब शायद यही चीज बायोपिक के साथ होती दिखाई दे रही है।

बॉलीवुड की 5 बेहतरीन बायोपिक फिल्म - फोटो : सोशल मीडिया
बायोपिक के लिए चर्चित चेहरों की तलाश
एक समय था जब बॉलीवुड में बायोपिक का मतलब किसी क्रिकेटर, खिलाड़ी, स्वतंत्रता सेनानी या किसी बड़े राजनीतिक व्यक्तित्व की जिंदगी को पर्दे पर उतारना माना जाता था। कहानी में संघर्ष होता था, बीच में मुश्किलें आती थी और आखिर में किरदार की जीत के साथ फिल्म खत्म हो जाती थी। लेकिन अब बायोपिक का दायरा तेजी से बदल रहा है।

आज मेकर्स सिर्फ मशहूर नाम नहीं तलाश रहे, बल्कि ऐसी जिंदगियां तलाश रहे हैं जिनमें ड्रामा, संघर्ष, विवाद, उपलब्धियां और सिनेमाई स्केल... सब कुछ मौजूद हो। यही वजह है कि आने वाले समय में हिंदी और भारतीय सिनेमा में एक साथ कई बायोपिक अलग-अलग क्षेत्रों के चर्चित चेहरों पर बन रही हैं। इनमें क्रिकेट से लेकर संगीत, कानून, सिनेमा, विज्ञान और इतिहास तक की कहानियां शामिल हैं।

फिल्म ईठा में श्रद्धा कपूर - फोटो : वीडियो ग्रैब
श्रद्धा कपूर की 'ईठा'
श्रद्धा कपूर की 'ईठा' महाराष्ट्र की मशहूर लावणी और तमाशा कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर की जिंदगी पर आधारित है। फिल्म का निर्देशन लक्ष्मण उतेकर कर रहे हैं और इसकी रिलीज 4 दिसंबर, 2026 है। यह फिल्म इसलिए भी दिलचस्प है, क्योंकि इसमें बॉलीवुड किसी क्रिकेटर या फिल्म स्टार के बजाय लोक कला से जुड़ी एक महिला कलाकार की कहानी को केंद्र में ला रहा है।

प्रहार - फोटो : यूट्यूब
राजकुमार राव की 'प्रहार'
राजकुमार राव 'प्रहार में मशहूर विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम का किरदार निभा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म एक कोर्टरूम ड्रामा है और इसमें उनके महत्वपूर्ण कानूनी मामलों को कहानी का हिस्सा बनाया गया है। फिल्म 16 अक्टूबर, 2026 को रिलीज होने वाली है। यहां बॉलीवुड को क्रिकेट या फिल्म इंडस्ट्री से बाहर की कहानी मिलती है। कानून, अपराध, अदालत और एक ऐसे व्यक्ति की जिंदगी जिसने देश के चर्चित मामलों में पैरवी की।

विक्रांत मैसी-श्री श्री रविशंकर - फोटो : इंस्टाग्राम
वी. शांताराम की कहानी
2026 की सबसे दिलचस्प बायोपिक में 'वी. शांताराम' भी शामिल है। इसमें सिद्धांत चतुर्वेदी 'शांताराम' की भूमिका निभा रहे हैं और तमन्ना भाटिया भी अहम किरदार में हैं। शांताराम भारतीय सिनेमा के जाने-माने फिल्ममेकर, समाज सुधारक और कलाकार थे। 

वाइट
बायोपिक का यह नया दौर सिर्फ मनोरंजन की दुनिया तक सीमित नहीं है। 'वाइट' नाम की फिल्म श्री श्री रविशंकर की जिंदगी पर आधारित बताई जा रही है, जिसमें विक्रांत मैसी मुख्य भूमिका में हैं। प्रोजेक्ट की रिलीज डेट फिलहाल सामने नहीं आई है।
 

दादा, राजकुमार राव - फोटो : इंस्टाग्राम
अभी तक बन चुकी हैं ये बायोपिक फिल्में
  • दंगल
  • भाग मिल्खा भाग
  • पान सिंह तोमर
  • मैरी कॉम
  • एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी
  • गुंजन सक्सेन
  • सुपर 30
  • सरबजीत
  • संजू
  • अजहर

2027 में और बड़ा होगा खेल?
राजकुमार राव की 'दादा' इस ट्रेंड की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक है। फिल्म में वह भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म का पहला लुक 2002 के लॉर्ड्स के मशहूर शर्टलेस सेलिब्रेशन को रीक्रिएट करता है और फिल्म 14 मई, 2027 को रिलीज होने की घोषणा की गई है। क्रिकेट बायोपिक बॉलीवुड के लिए नई नहीं है, लेकिन गांगुली की कहानी में भारतीय क्रिकेट के एक महत्वपूर्ण दौर, कप्तानी और उनके व्यक्तित्व को बड़े पर्दे पर देखने की उत्सुकता है।

धनुष और एपीजे अब्दुल कलाम
पूर्व राष्ट्रपति और वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जिंदगी भी पर्दे पर आने वाली है और इसमें धनुष के मुख्य भूमिका निभाने की खबरें सामने आई हैं। यह उन फिल्मों में है जो बायोपिक के दायरे को विज्ञान, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण जैसी कहानियों तक ले जाती हैं।

मधुबाला - फोटो : सोशल मीडिया
ऋषभ शेट्टी की 'द प्राइड ऑफ भारत'
2027 की लिस्ट में 'द प्राइड ऑफ भारत- छत्रपति शिवाजी महाराज' भी शामिल है, जिसमें ऋषभ शेट्टी मुख्य भूमिका में हैं। ऐतिहासिक व्यक्तित्वों पर बनने वाली ऐसी फिल्मों में बायोपिक और पीरियड एपिक का मेल दिखाई देता है। यानी वास्तविक व्यक्ति की जिंदगी को बड़े सिनेमाई स्केल पर पेश करना।

महिला किरदारों की कहानियां भी बढ़ रही हैं आगे
मधुबाला और मीना कुमारी जैसे नामों की जिंदगी पर प्रोजेक्ट्स पहले से चर्चा में हैं। एम.एस. सुब्बूलक्ष्मी की जिंदगी पर बनने वाली फिल्म में रश्मिका मंदाना उनका किरदार निभा रही हैं। फिल्म उनके संगीत सफर और उपलब्धियों के साथ उनकी व्यक्तिगत यात्रा को भी सामने लाने की कोशिश करेगी। इसके अलावा मधुबाला की जीवनी में सारा अर्जुन लीड रोल निभाते हुए नजर आ सकती हैं।
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धनुष - फोटो : X
क्या सिर्फ बड़ा नाम फिल्म को हिट करा सकता है?
यहीं इस पूरे ट्रेंड का सबसे बड़ा सवाल आता है। किसी प्रसिद्ध व्यक्ति का जीवन अपने आप में दिलचस्प हो सकता है, लेकिन वह जरूरी नहीं कि दो-ढाई घंटे की फिल्म के लिए भी उतना ही मजबूत ड्रामा बन जाए। कई बायोपिक एक ही पैटर्न पर चलती हैं- गरीबी या संघर्ष, फिर सफलता, फिर संकट और अंत में बड़ी उपलब्धि। यही वजह है कि आने वाली बायोपिक के लिए स्क्रीनप्ले सबसे बड़ा टेस्ट होगा।

स्टार पावर भी है इस फॉर्मूले का बड़ा हिस्सा
बायोपिक की एक और खासियत है- किरदार और अभिनेता का मेल। जब धनुष एपीजे अब्दुल कलाम या इलैयाराजा जैसे किरदार निभाते हैं, राजकुमार राव सौरव गांगुली और उज्ज्वल निकम जैसे बिल्कुल अलग व्यक्तित्वों में दिखाई देते हैं, या सिद्धांत चतुर्वेदी वी. शांताराम का किरदार निभाते हैं, तो फिल्म की घोषणा के साथ ही अभिनेता की कास्टिंग चर्चा का विषय बन जाती है। 

इसमें मेकर्स को एक अतिरिक्त फायदा मिलता है कि दर्शक फिल्म देखने से पहले ही यह सवाल पूछने लगता है कि ये अभिनेता उस असली शख्स जैसा कितना लगेगा? यही सवाल ट्रेलर तक फिल्म के लिए चर्चा बनाए रख सकता है।
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