परेशानियों से घिरे हुए थे सुदीप
सुदीप के निधन के बाद उनके एक दोस्त का कहना है कि वह काफी मुश्किल वक्त से गुजर रहे थे। दोस्त के अनुसार सुदीप का फिल्मी करियर अच्छा नहीं चल रहा था। सुदीप ने एक हिंदी फिल्म 'विक्टर' बनाई थी जिसमें काफी पैसे डूब गए। साथ ही सुदीप का दांपत्य जीवन भी काफी तनाव के दौर से गुजर रहा था। बिहार विधान सभा चुनाव के वक्त एक्टर ने एनसीपी ज्वाइन की थी और पार्टी में उसे कोई पद भी मिला था।
स्वाभाविक है या नहीं मौत
भोजपुरी एक्टर सुदीप पांडे पहले मुंबई के अंधेरी में रहते थे लेकिन इन दिनों वह तलोजा में रहने लगे। अब उनकी मौत स्वाभाविक है या मामला कुछ और है यह जांच के बाद ही सामने आएगा। अभी परिवार वालों का कहना है कि उनका निधन हार्ट अटैक से हुआ है। सुदीप पांडे तलोजा स्थित ग्लोबल सिटी इमारत में रहते थे। सुबह दस बजे वे अचानक बेहोश हो गए। उनकी तबियत बिगड़ने पर उनकी पत्नी ने पुलिस को फोन किया। पुलिस ने सुदीप पांडे को खारघर स्थित मेडिकवर अस्पताल में भर्ती कराया था जहां बुधवार की दोपहर 11.45 बजे उनको चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सुदीप पांडे अपने पीछे पत्नी और दो बेटियों को छोड़ गए हैं।
सुदीप ने की ये भोजपुरी फिल्में
सुदीप पांडे ने करियर की शुरुआत 2007 में भोजपुरी फिल्म ‘भोजपुरिया भईया’ से की, उन्होंने इस फिल्म को प्रोड्यूस भी किया। इसके अलावा उन्होंने ‘भोजपुरिया दरोगा’, ‘मसीहा बाबू’, ‘हमार संगी बजरंगबली’ और ‘हमार ललकार’ जैसी कई फिल्में की थीं।