पैरानॉर्मल इंवेस्टिगेटर गौरव तिवारी की फाइल फोटो
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भूतों से संपर्क करने के लिए मशहूर हुए
गौरव तिवारी ने पैरानॉर्मल एक्टिविटीज के बारे में काफी कुछ पढ़ा था। साथ ही वह कुछ अलग तरह की मशीनों का इस्तेमाल करके भूतों से संपर्क करने की कोशिश करते थे। हॉन्टेड (भूतों का जहां डेरा होता है) जगहों पर रात के समय गौरव अपनी टीम के साथ पहुंच जाते थे। वह अंधेरी रातों में भूतों से संपर्क करते, उनकी बातें सुनते और उनसे बातें भी करते थे। ऐसा गौरव तिवारी का कहना था।
रहस्यमयी तरीके से हुई मौत
गौरव बतौर पैरानॉर्मल इंवेस्टिगेटर जाना-माना नाम हो चुका थे लेकिन एक दिन उसकी मौत की खबर मिली। 7 जुलाई 2016 को द्वारका, दिल्ली के घर में वह मृत मिले, उन्होंने पत्नी के दुपट्टे से फांसी लगा ली थी। शुरुआत में गौरव के फैंस ने कहा कि भूतों के कारण ऐसा हुआ, भूतों ने गौरव तिवारी को मरने के लिए मजबूर किया है। आखिर में पुलिस ने छान-बीन की। पुलिस ने छानबीन के बाद बताया कि गौरव तिवारी की मौत एक आत्महत्या है। उसके पास काम बहुत अधिक नहीं था, इस कारण परिवार से अक्सर झगड़ा होता था। परिवार चाहता था कि वह पैरानॉर्मल इंवेस्टिगेटर का काम छोड़कर कोई सामान्य जॉब पकड़ ले। लेकिन गौरव नहीं माना और तनाव में मौत को गले लगा लिया।
मौत और भूतों का कनेक्शन भी आया सामने
जब पैरानॉर्मल इंवेस्टिगेटर गौरव तिवारी की मौत की छानबीन चल रही थी तो उसके पिता ने बताया था कि गौरव को कोई बुरी आत्मा अपनी तरफ खींचती थी। पत्नी ने भी यही बात कही थी कि गौरव तिवारी को कोई आत्मा परेशान कर रही है। यह बातें अक्सर गौरव अपने पिता और पत्नी को बताते थे।