असम के लोकप्रिय गायक और संगीतकार जुबीन गर्ग के असमय निधन की खबर ने पूरे पूर्वोत्तर को शोक में डूबो दिया है। 51 वर्षीय कलाकार की मौत सिंगापुर में एक स्कूबा डाइविंग सेशन के दौरान हुई। शुक्रवार यानी 19 सितम्बर को आई इस खबर के बाद से ही गुवाहाटी की सड़कों पर उनके प्रशंसकों का सैलाब उमड़ पड़ा, जो अपने प्रिय गायक को अंतिम विदाई देने का इंतजार कर रहे हैं।
गुवाहाटी में प्रशंसकों का हुजूम
शनिवार की सुबह से ही जुबीन गर्ग के घर के बाहर हजारों की संख्या में लोग जमा होने लगे। हर किसी की आंखें नम थीं और दिलों पर गहरा दुख छाया हुआ था। प्रशंसकों से लेकर शुभचिंतक तक, सभी ने इस क्षति को असम की सांस्कृतिक धरोहर के लिए अपूरणीय बताया।
नेताओं ने जताया शोक
असम सरकार में पावर मंत्री प्रसंता फुकन सुबह-सुबह उनके घर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि जुबीन गर्ग से उनका निजी और गहरा संबंध था और उनकी मौत ने व्यक्तिगत रूप से उन्हें बहुत बड़ा आघात पहुंचाया है। वहीं मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की कि सिंगापुर में पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और अब उनके पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने की तैयारियां चल रही हैं।
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मुख्यमंत्री सरमा अपनी पत्नी रिनिकी भुइंया सरमा के साथ गुवाहाटी स्थित उनके निवास पर भी पहुंचे और परिजनों से मिलकर संवेदना प्रकट की। उन्होंने लिखा कि हजारों लोग अपने प्रिय कलाकार की अंतिम झलक पाने को बेचैन हैं और सरकार हर कदम पर परिवार के साथ खड़ी है।
हादसे के हालात
पूर्वोत्तर भारत महोत्सव की ओर से जारी बयान में बताया गया कि जुबीन गर्ग स्कूबा डाइविंग के दौरान अचानक सांस लेने में मुश्किल का सामना करने लगे। मौके पर ही उन्हें सीपीआर दिया गया और फिर अस्पताल ले जाया गया। हालांकि तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और दोपहर करीब ढाई बजे उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
प्रधानमंत्री ने भी जताई संवेदना
जुबीन गर्ग के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गहरा दुख जताया। उन्होंने लिखा कि जुबीन गर्ग का जाना संगीत जगत के लिए बड़ी क्षति है। उनकी आवाज और उनकी प्रस्तुतियां हर वर्ग के श्रोताओं में लोकप्रिय थीं। प्रधानमंत्री ने उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए ॐ शांति लिखा।
संगीत में योगदान
असमिया संस्कृति के प्रतीक माने जाने वाले जुबीन गर्ग ने हिंदी, बांग्ला और असमिया में अनगिनत गाने गाए। उनका सुपरहिट गीत ‘या अली’ फिल्म गैंगस्टर से उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाला साबित हुआ। लोकगीत, पॉप और फिल्मी संगीत- हर शैली में उनका योगदान अमिट है।