आशा भोसले, आर डी बर्मन
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आरडी बर्मन ने आशा को पहचाना
बर्मन ने उनकी काबिलियत को पहचाना और उनकी आवाज में कुछ ऐसा देखा जिसे कई दूसरे लोग नहीं देख पाए थे। उन्होंने आशा को ऐसी शैलियां आजमाने के लिए प्रोत्साहित किया जो उस समय आम नहीं थीं। आशा भोसले ने नई जरूरतों के हिसाब से खुद को बहुत तेजी से ढाल लिया।
कब हुई आशा की शादी?
उनका रिश्ता सिर्फ रिकॉर्डिंग स्टूडियो तक ही सीमित नहीं था। आशा भोसले और आर.डी. बर्मन ने कई वर्षों तक साथ काम करने के बाद, 1980 में शादी कर ली। साल 2025 में, आशा भोसले ने आरजे अनमोल और अमृता राव के साथ 'कपल ऑफ थिंग्स' पॉडकास्ट पर बातचीत की।
बड़े संगीतकार थे आर डी बर्मन
इस बातचीत के दौरान, उन्होंने अपने दिवंगत पति और संगीत निर्देशक, आर.डी. बर्मन के बारे में कुछ दिलचस्प किस्से साझा किए। उनके शब्दों में 'उन्हें खुद यह एहसास भी नहीं था कि वह इतने बड़े संगीत निर्देशक हैं। वह संगीत बनाते थे, लेकिन उन्हें इस बात का जरा भी घमंड नहीं था। लोग पैसे के लिए जान तक दे देते हैं, लेकिन अगर मैं उन्हें कोई हीरा देती, तो वह कहते, 'यह क्या है? कोई पत्थर? इसकी जगह कोई अच्छा सा गाना रिकॉर्ड करवा लो।'
निकनेम से बुलाते थे
आशा ने बताया कि वह और आर.डी. बर्मन एक-दूसरे को प्यार भरे उपनामों से बुलाते थे, जो उनके आपसी स्नेह को दर्शाते थे। उन्होंने बताया कि शुरू में, वह अपने पति को 'पंचम' कहकर बुलाती थीं, जो इंडस्ट्री में उनका मशहूर निकनेम था। बर्मन, आशा को 'बबुआ' के नाम से बुलाते थे। समय के साथ, उन्होंने उनसे इस नाम को छोटा करके 'बब' करने को कहा। इन प्यारे निकनेम के बावजूद, दूसरों और सहकर्मियों के सामने वह उन्हें उनके असली नाम से ही बुलाते थे।
कमी खलती है
अपने साथ बिताए पलों को याद करते हुए उन्होंने कहा, 'स्टूडियो में, जब कोई म्यूजिक डायरेक्टर आस-पास होता है, तो चीजें आसान लगती हैं। लेकिन अब जब वह नहीं रहे, तो स्टेज पर भावनाएं हावी हो जाती हैं। मेरा गला रुंध जाता है, और मेरी आवाज कांपने लगती है।'