मशहूर संगीतकार एआर रहमान ने हाल ही में एक इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू में रहमान ने म्यूजिक इंडस्ट्री में फैली सांप्रदायिकता, बीते आठ साल में मिले कम काम और फिल्म 'छावा' पर भी बात की। रहमान ने इस इंटरव्यू में कई विवादित बयान दिए जिनपर अब बॉलीवुड सेलेब्स और राजनेताओं समेत कई धर्मगुरू भी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। जानिए क्या है पूरा मामला...
2. इंडस्ट्री में फैली सांप्रदायिक भावना
आगे संगीतकार ने इसी इंटरव्यू में यह भी कहा कि धीरे-धीरे वो सांप्रदायिक भावना को फिल्मी और संगीत की दुनिया पर हावी होता हुआ महसूस कर रहे हैं। इसका असर उन्हें अपने काम पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है।
अब जानिए इस बयान पर मिले कैसे रिएक्शन?
आप जैसा नफरत फैलाने वाला इंसान नहीं देखा: कंगना
अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने रहमान विवाद पर एक इंस्टा स्टोरी साझा करते हुए रिएक्शन दिया है। उन्होंने लिखा,
‘प्रिय रहमान जी, मुझे फिल्म इंडस्ट्री में एक भगवा पार्टी को सपोर्ट करने की वजह से बहुत ज्यादा भेदभाव और पक्षपात का सामना करना पड़ता है, फिर भी मुझे कहना होगा कि मैंने आपके जैसा पूर्वाग्रही और नफरत करने वाला इंसान नहीं देखा।
मैं आपको अपनी डायरेक्टोरियल फिल्म ‘इमरजेंसी’ की कहानी सुनाना चाहती थी। कहानी सुनाना तो दूर, आपने मुझसे मिलने से भी इंकार कर दिया था। मुझे बताया गया कि आप किसी प्रोपेगेंडा फिल्म का हिस्सा नहीं बनना चाहते।
विडंबना यह है कि ‘इमरजेंसी’ को सभी क्रिटिक्स ने एक मास्टरपीस कहा, यहां तक कि विपक्षी पार्टी के नेताओं ने भी मेरी फिल्म की तारीफ करते हुए फैन लेटर भेजे, लेकिन आप अपनी नफरत में अंधे हो चुके हैं। मुझे आपके लिए दुख होता है।’
मुंबई में ऐसा महसूस नहीं किया: जावेद अख्तर
लेखक जावेद अख्तर ने इस मामले पर रिएक्शन देते हुए कहा, ‘मैंने कभी ऐसा कुछ महसूस नहीं किया। मैं यहां मुंबई में कई लोगों से मिलता हूं जिनके मन में रहमान के लिए खूब इज्जत है। रहमान बड़े आदमी हैं। छोटे-छोटे प्रोड्यूसर्स तो उनसे संपर्क करने में घबराते हैं पर मुझे नहीं लगता कि इस मामले में कहीं कोई सांप्रदायिक एंगल है। आप उनसे मिलिए, वो भी आपसे जरूर मिलेंगे।’
इंडस्ट्री में ऐसा कुछ भी नहीं: शान
वहीं गायक शान ने इस मामले पर बात करते हुए कहा, 'म्यूजिक इंडस्ट्री में कतई साम्प्रदायिकता नहीं है। संगीतकार का चुनाव सिर्फ म्यूजिक की डिमांड पर होता है, न कि धर्म के आधार पर। अगर ऐसी ही बात है तो बीते 30 साल जो इंडस्ट्री के सुपरस्टार्स हैं, वो भी अल्पसंख्यक हैं क्या वो आगे नहीं बढ़ पाए ? ये सब बकवास बातें हैं। अच्छा काम करिए, अच्छा संगीत बनाइये और ये सब सोचना बंद करिए।'
टैलेंट महत्व रखता है, धर्म नहीं: शोभा डे
वहीं ANI से बातचीत में मशहूर लेखिका शोभा डे ने भी मामले पर बयान दिया। शोभा ने भी हिंदी म्यूजिक इंडस्ट्री में इस तरह के बर्ताव से इंकार किया। उन्होंने कहा, ‘यह बहुत ही खतरनाक बयान है। मैं 50 साल से बॉलीवुड का हिस्सा रहीं हूं मगर आज तक ऐसा कुछ महसूस नहीं हुआ। ये बॉलीवुड है, अगर आपके अंदर प्रतिभा है तो आपका धर्म महत्व नहीं रखता।’ वहीं रहमान के बारे में शोभा ने कहा, ‘वो एक सफल और परिपक्व इंसान हैं। मुझे नहीं पता कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा?’