कहा- 'कभी-कभी इरादों को गलत समझ लिया जाता है'
ए आर रहमान का कहना है, 'मेरा मकसद कभी भी किसी को दर्द पहुंचाना या नफरत फैलाना नहीं था। मैं एक संगीतकार हूं और मेरा काम लोगों को जोड़ना है, ना कि बांटना। मैंने सिर्फ वही साझा किया, जो मैंने अनुभव किया है। मेरी फितरत में नफरत नहीं है और मैं हमेशा से ही एकता के पक्षधर रहा हूं'। उन्होंने आगे कहा कि इरादों को कभी-कभी गलत समझा जा सकता है, लेकिन उनका मकसद हमेशा संगीत के जरिए सेवा करना रहा है। एक्टर ने पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा है, 'संगीत, संस्कृति, आभार। हमेशा उस कला और जमीन की सेवा में हूं, जिसने मुझे बनाया'।
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'रामायण' का संगीत तैयार करने को बताया गर्व की बात
संगीतकार ने आगे कहा है, 'मैं खुद को बेहद खुशनसीब मानता हूं कि मैं भारतीय हूं, क्योंकि ये पहचान मुझे ऐसी जगह बनाने की शक्ति देती है, जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को महत्व दिया जाता है'। उन्होंने कहा कि उनकी संगीत यात्रा हमेशा ईमानदारी और उद्देश्य से जुड़ी रही है। उन्होंने वेव समिट में 'जला' की प्रस्तुति, नागालैंड के युवा संगीतकारों संग काम और बहुसांस्कृतिक वर्चुअल बैंड सीक्रेट माउंटेन का जिक्र किया। साथ ही, हैंस जिमर के साथ नितेश तिवारी की रणबीर कपूर अभिनीत फिल्म 'रामायण' के लिए संगीत तैयार करने को गर्व और सम्मान की बात बताया।