'अवॉर्ड्स चाहिए होते हैं, नहीं मिलने पर दुख होता है'
अनुपम खेर ने साफ कहा कि उन्हें अवॉर्ड्स मिलने की खुशी होती है और न मिलने पर तकलीफ भी। उन्होंने कहा, ‘बचपन से हमें सिखाया गया था कि मेहनत करोगे, तेज दौड़ोगे, तो फर्स्ट आओगे और अवॉर्ड मिलेगा। मैं उन लोगों में से नहीं हूं जो कहते हैं कि अवॉर्ड्स जरूरी नहीं होते। मुझे अच्छा लगता है जब अवॉर्ड मिलता है। और जब नहीं मिलता, तो तकलीफ भी होती है।' उन्होंने माना कि कई बार उन्हें अच्छे काम के बावजूद अवॉर्ड नहीं मिला। 'खोसला का घोंसला’ और ‘स्पेशल 26’ इन दोनों फिल्मों के लिए मुझे कोई अवॉर्ड नहीं मिला। थोड़ा अफसोस जरूर होता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप मेहनत करना छोड़ दें।
'हर फिल्म से पहले नर्वस हो जाता हूं'
इतने वर्षों के अनुभव के बावजूद अनुपम खेर मानते हैं कि उन्हें आज भी फिल्मों की रिलीज से पहले नर्वसनेस होती है। उन्होंने कहा कि हर बार होता है। चाहे थिएटर का प्ले हो, फिल्म का ट्रेलर लॉन्च हो या रिलीज घबराहट होती है, क्योंकि आपने मेहनत की है और चाहते हैं कि फिल्म लोगों तक पहुंचे, पसंद की जाए।
'तन्वी द ग्रेट' के लिए उत्साहित हैं अनुपम
अपने आने वाले प्रोजेक्ट पर बात करते हुए अनुपम खेर ने बताया कि उन्होंने एक फिल्म डायरेक्ट की है - 'तन्वी द ग्रेट'। इस फिल्म को लेकर बहुत मैं बहुत एक्साइटेड हूं। यह मेरी डायरेक्ट की हुई फिल्म है और 18 जुलाई को रिलीज होगी।