हिंदी सिनेमा में अमिताभ बच्चन का नाम सिर्फ एक अभिनेता के तौर पर नहीं, बल्कि अपनी लोकप्रियता, शानदार अभिनय और कई उपलब्धियों के लिए भी जाना जाता है। पांच दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने कई यादगार फिल्में कीं, बड़े पुरस्कार जीते और बॉक्स ऑफिस पर अपनी बादशाहत कायम की।
फिल्मों के साथ-साथ उन्होंने टेलीविजन पर भी दर्शकों का दिल जीता। अमिताभ बच्चन की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि उन्होंने अलग-अलग दौर में अपनी लोकप्रियता बनाए रखी।
सत्तर और अस्सी के दशक में वह हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में शामिल थे। वहीं, नई सदी में उन्होंने अलग तरह के किरदार निभाकर अपनी अभिनय क्षमता साबित की। उनकी यह लंबी और सफल पारी उन्हें भारतीय मनोरंजन जगत के खास कलाकारों में शामिल करती है। 11 अक्टूबर को बिग बी 84 साल के हो गए हैं। इस मौके पर आइए उनकी बड़ी उपलब्धियों और रिकॉर्ड्स के बारे में जानते हैं। साथ ही डालते हैं एक नजर उनके करियर पर...
अमिताभ बच्चन
- फोटो : सोशल मीडिया
अमिताभ बच्चन की ब्लॉकबस्टर और सुपरहिट फिल्मों का सफर
1969 में फिल्म 'सात हिंदुस्तानी' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत करने वाले अमिताभ बच्चन ने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। 1970 के दशक में 'जंजीर', 'दीवार' और 'शोले' जैसी फिल्मों ने उन्हें बड़ी लोकप्रियता दिलाई।
| साल |
फिल्म |
बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन |
खास पहचान |
| 1971 |
आनंद |
हिट |
राजेश खन्ना के साथ काम किया, बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के तौर पर अपना पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता। |
| 1973 |
जंजीर |
सुपरहिट |
एंग्री यंग मैन की छवि को पहचान मिली |
| 1974 |
मजबूर |
हिट |
सलीम-जावेद की लिखी क्राइम थ्रिलर। |
| 1975 |
दीवार |
ब्लॉकबस्टर |
दमदार एंटी-हीरो किरदार |
| 1975 |
शोले |
ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर |
यह दशकों तक भारत की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी रही। |
| 1977 |
अमर अकबर एंथनी |
ब्लॉकबस्टर |
एंथनी गोंसाल्विस का किरदार निभाने के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का अपना पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। |
| 1978 |
त्रिशूल |
ब्लॉकबस्टर |
यह 1978 की उस शानदार क्लीन स्वीप का हिस्सा था, जब बिग बी ने बॉक्स ऑफिस पर राज किया था। |
| 1978 |
मुकद्दर का सिकंदर |
ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर |
साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म, क्लासिक ट्रैजिक-हीरो परफॉर्मेंस। |
| 1981 |
नसीब |
सुपरहिट |
मनमोहन देसाई द्वारा निर्देशित एक बड़ी मल्टी-स्टारर ब्लॉकबस्टर। |
| 1981 |
लावारिस |
सुपरहिट |
'मेरे अंगने में' के लिए मशहूर। |
| 1983 |
कुली |
ब्लॉकबस्टर |
सेट पर जानलेवा चोट लगने के बाद बॉक्स ऑफिस का इतिहास फिर से लिखा। |
| 1985 |
मर्द |
ब्लॉकबस्टर |
80 के दशक के मध्य की उनकी सबसे बड़ी एक्शन-एंटरटेनर ऑफिस में से एक। |
| 2001 |
कभी खुशी कभी गम |
ब्लॉकबस्टर |
भारत के सबसे बेहतरीन ऑन-स्क्रीन पिता के तौर पर अपने करियर को नई पहचान दी। |
| 2015 |
पीकू |
हिट |
पिता-बेटी के रिश्ते पर आधारित कॉमेडी-ड्रामा |
| 2016 |
पिंक |
हिट |
महिला अधिकारों और सहमति के मुद्दे पर आधारित कोर्टरूम ड्रामा |
| 2022 |
ब्रह्मास्त्र: पार्ट वन |
हिट |
गुरुजी के किरदार में अमिताभ बच्चन, फैंटेसी और पौराणिक तत्वों से जुड़ी फिल्म |
| 2024 |
कल्कि 2898 एडी |
सुपरहिट |
अश्वत्थामा के दमदार किरदार में अमिताभ बच्चन, बड़े स्तर पर व्यावसायिक सफलता |
फिल्म 'शोले' में अमिताभ बच्चन, जया बच्चन
- फोटो : सोशल मीडिया
बॉक्स ऑफिस पर अमिताभ बच्चन का शानदार दौर
अमिताभ बच्चन के करियर का सबसे सफल दौर सत्तर और अस्सी के दशक में रहा। 1973 में फिल्म 'जंजीर' की सफलता के बाद उनका करियर तेजी से आगे बढ़ा। इस फिल्म ने उन्हें हिंदी सिनेमा के बड़े सितारों में शामिल कर दिया।
इसके बाद उन्होंने 'दीवार', 'शोले', 'अमर अकबर एंथनी', 'डॉन', 'त्रिशूल', 'मुकद्दर का सिकंदर', 'नसीब', 'लावारिस', 'कुली' और 'मर्द' जैसी कई सफल फिल्मों में काम किया। इन फिल्मों ने अमिताभ की लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। दर्शकों के बीच उनकी एक ऐसी छवि बनी, जिसमें वह अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले मजबूत किरदारों में नजर आते थे।
गोल्डन जुबली का सिलसिला
अमिताभ बच्चन ने अपने करियर में 1973 से लेकर 1985 तक के बीच उन्होंने कई फिल्म ऐसी की, जिसने गोल्डन जुबली मनाई। यानी वह फिल्म सिनेमाघरों में लगभग 50 सप्ताह या उससे ज्यादा समय तक चली। यह बेमिसाल रिकॉर्ड भी बिग बी के नाम ही है।
पुराने समय में फिल्मों की सफलता सिर्फ उनकी कमाई से नहीं मापी जाती थी। यह भी देखा जाता था कि फिल्म कितने सप्ताह तक सिनेमाघरों में चलती रही। सिल्वर जुबली और गोल्डन जुबली फिल्मों की सफलता के बड़े पैमाने माने जाते थे।
डॉन
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एक साल में रिलीज हुईं चार बड़ी फिल्में
अमिताभ बच्चन के करियर में 1978 का साल खास माना जाता है। इस साल उनकी चार चर्चित फिल्में 'डॉन', 'त्रिशूल', 'मुकद्दर का सिकंदर' और 'कसमें वादे' रिलीज हुईं। इन फिल्मों ने उन्हें बॉक्स ऑफिस के बड़े सितारों में बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। ये सभी फिल्में सिनेमाघरों में 50 हफ्ते तक चलीं।
एक ही फिल्म में निभाए कई किरदार
अमिताभ बच्चन ने अपने करियर में कई फिल्मों में डबल रोल निभाए। 'अदालत', 'डॉन' और 'कसमें वादे' जैसी फिल्मों में उनकी दोहरी भूमिकाएं दर्शकों के बीच चर्चित रहीं। हालांकि, 1983 में आई फिल्म 'महान' में उन्होंने तीन भूमिकाएं निभाईं। इस फिल्म में एक ही अभिनेता के तीन अलग-अलग किरदारों को पर्दे दिखाया गया।
ये रिकॉर्ड काफी खास है, लेकिन हिंदी सिनेमा में एक ही फिल्म में सबसे ज्यादा रोल निभाने का रिकॉर्ड प्रियंका चोपड़ा के नाम है। 'व्हाट्स योर राशि?' में एक्ट्रेस ने 12 किरदार निभाए। इसके बाद कमल हासन ने दस, संजीव कुमार ने नौ, गोविंदा ने छह और फिर बिग बी ने तीन निभाए।
अमिताभ बच्चन
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गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज पिता-पुत्र की जोड़ी
असल जिंदगी में अमिताभ, अभिषेक के पिता हैं, लेकिन फिल्म में दोनों ने इसके उलट रिश्ता निभाया। अमिताभ ने ऑरो नाम के बच्चे का किरदार निभाया, जबकि अभिषेक ने उसके पिता की भूमिका की। असल जिंदगी के पिता-पुत्र का पर्दे पर उलटा रिश्ता निभाना इस फिल्म की सबसे खास बातों में से एक था। इस अनोखी स्थिति को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से जोड़कर भी रिपोर्ट किया गया है।
सिर्फ इतना ही नहीं, अमिताभ बच्चन ने 19 अन्य मशहूर क्लासिकल और प्लेबैक गायकों के साथ मिलकर श्री हनुमान चालीसा गाकर गायन में सहयोग का एक खास गिनीज रिकॉर्ड बनाया।
मैडम तुसाद में सबसे पहले लगा बिग बी का स्टेचू
वहीं, अगर उनकी वैश्विक उपलब्धियां की बात करें, तो 1999 में बीबीसी न्यूज़ के एक ऑनलाइन पोल में दुनिया भर के लोगों ने उन्हें चार्ली चैपलिन और मार्लन ब्रैंडो जैसे वैश्विक दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए 'एक्टर ऑफ द मिलेनियम' चुना। इसके अलावा, वह लंदन के मशहूर मैडम तुसाद म्यूजियम में जिस एशियाई अभिनेता का मोम का स्टेचू लगा वो अमिताभ बच्चन ही थे।
अमिताभ बच्चन
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चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुके हैं अमिताभ
अमिताभ बच्चन ने अपने करियर में कई ऐसी फिल्में कीं, जिनका कोई मुकाबला नहीं। उनके दमदार अभिनय वाली फिल्मों की लिस्ट इतनी लंबी है कि गिनती करना थोड़ा मुश्किल हो जाए, लेकिन बिग बी की कुछ ऐसी भी फिल्में हैं, जिन्हें सिर्फ दर्शकों से ही प्यार नहीं मिला, बल्कि देश के सबसे बड़े सम्मान नेशनल फिल्म अवॉर्ड से भी नवाजा गया। बता दें कि बिग बी को 'अग्निपथ', 'ब्लैक', 'पा' और 'पीकू' में उनके शानदार अभिनय के लिए चार बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता की कैटगरी में नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है।
अग्निपथ
'अग्निपथ' में अमिताभ बच्चन ने विजय दीनानाथ चौहान का किरदार निभाया था। इस फिल्म में उनका किरदार अपने पिता की हत्या का बदला लेना चाहता है। उसके जीवन में गुस्सा, दर्द और बदले की भावना भरी हुई है। अमिताभ ने अपनी आवाज, संवाद बोलने के तरीके और हाव-भाव से इस किरदार को अलग पहचान दी।
ब्लैक
संजय लीला भंसाली की फिल्म 'ब्लैक' में अमिताभ बच्चन ने देबराज सहाय की भूमिका निभाई। वह एक ऐसी लड़की को पढ़ाना और दुनिया को समझना सिखाते हैं, जो देख और सुन नहीं सकती। इस किरदार में बिग बी एक सख्त शिक्षक के साथ-साथ एक संवेदनशील इंसान के रूप में भी दिखाई दिए, जो लड़की को जीवन में आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रेरित करते हैं।
पीकू में अमिताभ बच्चन
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पा
साल 2009 में आई फिल्म 'पा' में अमिताभ बच्चन ने औरो नाम के बच्चे की भूमिका निभाई। औरो प्रोजेरिया नाम की एक बीमारी से पीड़ित होता है। इस किरदार को निभाने के लिए अमिताभ को रोज कई घंटे तक खास मेकअप कराना पड़ता था।
गंभीर और प्रभावशाली किरदारों के लिए पहचाने जाने वाले अमिताभ ने इस फिल्म में एक बच्चे की मासूमियत, हंसी-मजाक और भावनाओं को पर्दे पर उतारा। फिल्म की एक और खास बात यह थी कि अमिताभ के बेटे अभिषेक बच्चन ने इसमें उनके पिता की भूमिका निभाई। यानी असल जिंदगी में पिता अमिताभ ने फिल्म में बेटे का किरदार निभाया और अभिषेक उनके पिता बने।
पीकू
शूजीत सरकार की 'पीकू' में अमिताभ बच्चन ने भास्कर बनर्जी की भूमिका निभाई। वह एक बुजुर्ग बंगाली पिता हैं, जो अपनी सेहत को लेकर लगातार चिंतित रहते हैं और छोटी-छोटी बातों पर बहस करने लगते हैं। उनकी आदतें उनकी बेटी पीकू की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करती हैं। दीपिका पादुकोण और इरफान खान के साथ अमिताभ की केमिस्ट्री ने फिल्म को खास बनाया।
अमिताभ बच्चन
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पद्मश्री से पद्म विभूषण और दादासाहेब फाल्के पुरस्कार तक
अमिताभ बच्चन को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों से भी नवाजा गया है। उन्हें 1984 में पद्मश्री, 2001 में पद्म भूषण और 2015 में पद्म विभूषण प्रदान किया गया।
इन सम्मानों के अलावा, बिग बी को साल 2018 के लिए दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। बता दें कि दादा साहब फाल्के अवॉर्ड सिनेमा के क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा सम्मान है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अमिताभ बच्चन को मान्यता मिली। साल 2007 में फ्रांस के सबसे बड़े नागरिक सम्मान 'ऑफिसर ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर' से भी सम्मानित किया गया था।
अमिताभ बच्चन ने कितने फिल्मफेयर पुरस्कार जीते?
फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में किसी भी मुख्य एक्टिंग कैटेगरी में सबसे ज्यादा बार नॉमिनेट होने वाले कलाकार अमिताभ बच्चन ही हैं। उन्हें कुल 42 नॉमिनेशन मिले, जिनमें से 34 'बेस्ट एक्टर' कैटेगरी के लिए रहे। बिग बी ने अपने करियर में कुल 17 फिल्मफेयर अवॉर्ड जीते।
'केबीसी 18' को होस्ट कर रहे हैं अमिताभ बच्चन
- फोटो : अमर उजाला
टीवी पर महानायक का दूसरा बड़ा रिकॉर्ड
जुलाई 2000 में 'कौन बनेगा करोड़पति' के साथ अमिताभ बच्चन ने टेलीविजन की दुनिया में कदम रखा। उस समय बड़े फिल्मी सितारों का नियमित टेलीविजन होस्ट बनना आम बात नहीं थी, लेकिन अमिताभ ने इस माध्यम को भी अपनी पहचान का हिस्सा बना लिया।
केबीसी की सफलता में सवालों और इनाम की रकम के साथ अमिताभ की मेजबानी का भी बड़ा योगदान रहा। प्रतियोगियों से बातचीत करने का उनका तरीका, सवाल पूछने का अंदाज और उनकी बातों को ध्यान से सुनना कार्यक्रम की पहचान बन गया। शो का 18वां सीजन चल रहा है और अमिताभ बच्चन ने केबीसी के तीसरे सीजन को छोड़कर बाकी सीजन को होस्ट किया है।