रोमांटिक हीरो और विलेन की छवि
कम ही लोग जानते हैं कि आलोक नाथ ने अपने करियर की शुरुआत रोमांटिक हीरो के रूप में की थी। फिल्म कामाग्नि (1987) में उन्होंने कई रोमांटिक सीन किए, जिसके बाद वो स्टार बन गए थे। इसके अलावा वो 'षड्यंत्र', 'विनाशक' जैसी फिल्मों में खलनायक की भूमिका में भी नजर आए। लेकिन जल्द ही उनकी छवि एक आदर्श पिता के रूप में बनने लगी।
'संस्कारी बाबूजी' की पहचान
1990 के दशक में जब राजश्री प्रोडक्शंस की फिल्में आईं, तो आलोक नाथ की छवि पूरी तरह बदल गई। 'हम आपके हैं कौन', 'मैंने प्यार किया', 'विवाह', 'हम साथ-साथ हैं' जैसी फिल्मों में उन्होंने भावनात्मक पिता की भूमिका निभाई। टीवी पर भी 'बुनियाद', 'सपना बाबुल का बिदाई', 'वो रहने वाली महलों की' जैसे शोज में वो 'बाबूजी' बनकर लोगों के दिलों में बस गए।
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