फरहान अख्तर की आगामी फिल्म ‘120 बहादुर’ अपनी रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। दरअसल, फिल्म को लेकर अहीर समाज द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। ये विरोध प्रदर्शन फिल्म के नाम को लेकर किया जा रहा है। जानिए आखिर क्यों हो रहा है ये विरोध प्रदर्शन?
पैदल मार्च के कारण लगा लंबा जाम
अहीर समुदाय के लोग फरहान अख्तर की फिल्म ‘120 बहादुर’ के विरोध में अब सड़क पर उतर आए हैं। अहीर समाज के लोग फिल्म का नाम बदलकर ‘120 वीर अहीर’ करने की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर आज गुरुग्राम में अहीर समुदाय के लोगों ने एक पैदल मार्च निकाला। खेड़की दौला टोल से दिल्ली सीमा तक अहीर समुदाय के पैदल मार्च के कारण NH-48 पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया और जिला प्रशासन द्वारा विरोध प्रदर्शन की अनुमति पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रदर्शनकारी सुबह खेड़की दौला टोल से पैदल मार्च शुरू कर दिल्ली बॉर्डर की ओर बढ़े। इस दौरान सैकड़ों अहीर नेता और समर्थक नारों के साथ सड़क पर उतर आए, जिससे एनएच-48 पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। जाम की लंबाई इतनी थी कि जयपुर से आने वाले वाहन घंटों फंसे रहे। टोल प्लाजा को भी प्रदर्शनकारियों ने अवरुद्ध कर दिया, जिससे टैक्स संग्रह प्रभावित हुआ।
1962 के भारत-चीन युद्ध में रेजांगला की लड़ाई पर आधारित है फिल्म
फिल्म '120 बहादुर' 1962 के भारत-चीन युद्ध में रेजांगला की ऐतिहासिक लड़ाई पर आधारित है, जिसमें 13 कुमाऊं रेजिमेंट के 114 अहीर सैनिकों ने अदम्य साहस का परिचय दिया था। इन बहादुरों को 'वीर अहीर' की उपाधि प्राप्त है। अहीर समाज का आरोप है कि फिल्म का टाइटल '120 बहादुर' इन शहीदों का अपमान है, क्योंकि ये संख्या और इतिहास से छेड़छाड़ करता है। अहीर समाज की मांग है कि टाइटल को '120 वीर अहीर' में बदला जाए।