श्रुति ने किसके खिलाफ किया मुकदमा?
श्रुति हासन ने यह मुकदमा कई भारतीय और विदेशी कंपनियों, सोशल मीडिया मंचों तथा कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ दायर किया है। याचिका में महालक्ष्मी आर्ट्स एंड क्राफ्ट वर्क का भी नाम शामिल है। आरोप है कि यह संस्था फ्लिपकार्ट के जरिए उनकी अनुमति के बिना उनके नाम और तस्वीर वाले पोस्टर बेच रही थी। इसके अलावा गूगल, यूट्यूब, मेटा, फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और पिनटेरेस्ट जैसे डिजिटल मंचों को भी पक्षकार बनाया गया है।
अभिनेत्री ने क्या कहा?
याचिका में कहा गया है कि इन मंचों पर बड़ी संख्या में ऐसा कंटेंट मौजूद है, जो उनकी पहचान और लोकप्रियता का गलत फायदा उठा रहा है। इसमें एआई से तैयार किए गए फर्जी वीडियो शामिल हैं, जिनमें उन्हें दूसरे कलाकारों के साथ भ्रामक तरीके से दिखाया गया है। इसके अलावा डीपफेक तकनीक से बनाई गई फर्जी, आपत्तिजनक और अश्लील तस्वीरों का भी जिक्र किया गया है। अर्जी के मुताबिक कुछ लोग एआई और डीपफेक तकनीक की मदद से उनका चेहरा लगाकर आपत्तिजनक तस्वीरें तैयार कर रहे हैं। इसलिए उन्होंने अदालत से उनके नाम, तस्वीर, आवाज और व्यक्तित्व से जुड़ी किसी भी सामग्री के बिना अनुमति इस्तेमाल पर रोक लगाने का आदेश देने की मांग की है।
बोलीं- 'छवि को नुकसान पहुंचा रहा है'
याचिका में यह भी कहा गया है कि हिंदी, तमिल और तेलुगु फिल्मों के साथ-साथ संगीत की दुनिया में लंबे समय तक काम करने से 'श्रुति हासन' नाम की अपनी अलग पहचान और साख बनी है। ऐसे में उनकी अनुमति के बिना उनके नाम या चेहरे का इस्तेमाल उनकी प्रतिष्ठा और पेशेवर छवि को नुकसान पहुंचा रहा है। अभिनेत्री ने अदालत से इंटरनेट पर मौजूद ऐसे सभी कंटेंट को हटाने, अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने और उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल करके कमाई गई रकम का पूरा हिसाब देने का आदेश जारी करने की मांग की है।