प्रीति ने क्यों किया अदालत का रुख?
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कई सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपनी एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बनी डीपफेक इमेज और मॉर्फ्ड कंटेंट हटाने की मांग की है। अभिनेत्री ने अदालत से यह मांग भी की है कि उनसे जुड़े किसी भी कंटेंट को उनकी बिना अनुमति के पोस्ट करने पर रोक लगाई जाए। हर उस कंटेंट पर, जिसमें वह दिख रही हों और इसकी इजाजत उन्होंने न दी है।
अगली सुनवाई कब?
जस्टिस माधव जामदार की सिंगल बेंच ने शुक्रवार को मामले में छोटी दलीलें सुनने के बाद, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म समेत सभी पार्टियों से कहा कि वे वेबसाइटों से आपत्तिजनक कंटेंट हटाने का एक तरीका निकालें। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को तय की है। अपने केस में प्रीति जिंटा ने AI से बने डीपफेक और मॉर्फ्ड विजुअल्स के जरिए उन्हें दिखाने वाले वीडियो, इमेज और चैटबॉट-स्टाइल इंटरैक्शन का जिक्र किया है।
प्रीति जिंटा ने क्या कहा?
उन्होंने हाई कोर्ट से तुरंत आदेश देने की मांग की है कि ऐसी साइट्स इस तरह के कंटेंट को तुरंत हटा दें और साथ ही ऐसी संस्थाओं को उनके बारे में अनधिकृत कंटेंट पोस्ट करने से रोकने के लिए रोक का आदेश भी जारी किया जाए। बता दें कि डीपफेक के जरिए किसी तस्वीर, ऑडियो या वीडियो रिकॉर्डिंग को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके बनाया जाता है, ताकि किसी व्यक्ति की शक्ल या आवाज को असल लगने वाले तरीके से बदला या रिप्लेस किया जा सके। प्रीति जिंटा के वर्क फ्रंट की बात करें तो उन्हें सनी देओल के साथ फिल्म 'बंटवारा 1947' में देखा जाएगा।