गोवा क्राइम ब्रांच ने अभिनेता गौरव बख्शी पर एक वीडियो के जरिए कथित तौर पर यह दावा करने के लिए मामला दर्ज किया है कि राज्य के वन क्षेत्र में कमी के लिए मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत जम्मेदार हैं। इस मामले में अभिनेता ने एफआईआर को झूठा और तुच्छ बताया है।
एक पुलिस प्रवक्ता ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि उप वन संरक्षक आदित्य मदनपात्रा की शिकायत पर 2 जुलाई को मामला दर्ज किया गया था। क्राइम ब्रांच ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 (1), जो इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों सहित, झूठी सूचना या रिपोर्ट बनाने, प्रकाशित करने या प्रसारित करने से जुड़ी है और धारा 196 (1), जो लिखित या बोलने या ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने से जुड़ी उसके तहत मामला दर्ज किया है।
शिकायत में लगे ये आरोप
शिकायत के अनुसार, अभिनेता गौरव बख्शी ने एक वीडियो बनाकर मुख्यमंत्री सावंत और उनकी सरकार पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के खिलाफ काम करके गोवा के वन क्षेत्र को नष्ट करने का आरोप लगाया। इसके अलावा बख्शी ने जनता में डर पैदा करने के इरादे से यह वीडियो प्रसारित किया।
अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट पहुंचे अभिनेता
इस मामले पर अभिनेता बख्शी ने एक बयान में कहा कि जब उन्हें गोवा में वनों के विनाश के बारे में सोशल मीडिया पर बोलने के लिए अपने खिलाफ दर्ज झूठी और तुच्छ एफआईआर के बारे में पता चला, तब वह छुट्टी पर थे। अभिनेता ने कहा कि उन्हें पहले भी इसी तरह की कार्रवाई का सामना करना पड़ा है, लेकिन अदालतें उनकी मदद के लिए आगे आईं।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने 4 जुलाई को एक नोटिस के साथ उनके दरवाजे पर दस्तक दी, जिसमें उन्हें बिना यह बताए कि वह एक आरोपी हैं, जांच के लिए उपस्थित होने के लिए कहा गया था। बख्शी ने क्राइम ब्रांच पर एफआईआर की एक कॉपी देने से मना करने का भी आरोप लगाया। अभिनेता ने आगे कहा कि उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है।