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Raanjhanaa: फिल्म की री-रिलीज पर भड़के डायरेक्टर आनंद एल राय, बोले- 'AI से क्लाइमेक्स बदलना सिनेमा से खिलवाड़'

Fri, 18 Jul 2025 12:24 AM IST
हिमांशु सोनी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Anand L Rai: फिल्म डायरेक्टर आनंद एल राय ने हाल ही में फिल्म 'रांझणा' के थिएटर्स में री-रिलीज होने पर अपनी राय दी है। वो मेकर्स के AI की मदद से क्लाइमैक्स को बदलने की बात से खासे नाराज हैं।
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आनंद एल राय - फोटो : एक्स
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विस्तार
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बॉलीवुड की मच टॉक अबाउट रोमांटिक ड्रामा फिल्म 'रांझणा' एक बार फिर सुर्खियों में है। लेकिन इस बार वजह न तो इसकी कहानी है और न ही इसका संगीत, बल्कि इस फिल्म का दोबारा रिलीज होना और उसमें किया गया एक बड़ा बदलाव है। जी हां फिल्म को एक बार फिर से रिलीज किया जा रहा है लेकिन इसे को-प्रोड्यूस करने वाले फिल्ममेकर आनंद एल राय ही इस बात से बिल्कुल भी खुश नहीं हैं।
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एआई की मदद से हुआ बदलाव
2013 में आई इस फिल्म ने दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाई थी। कुंदन और जोया की कहानी की भले ही हैप्पी एंडिंग ना हुई हो, लेकिन इसी दुखद अंत ने फिल्म को यादगार बना दिया था। अब 12 साल बाद निर्माता कंपनी एरोस ने इस फिल्म को फिर से सिनेमाघरों में उतारने का फैसला लिया है। लेकिन इस बार दर्शकों को एक नया क्लाइमेक्स देखने को मिलेगा, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है।

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फिल्म के डायरेक्टर ने जताई नाराजगी 
ये घोषणा जैसे ही सामने आई, फिल्म के निर्देशक आनंद एल राय ने नाराजगी जताई और इसे फिल्म के मूल स्वरूप के साथ हत्या जैसा बर्ताव बताया। उनका कहना है कि उन्हें इस बदलाव की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए मिली और उनसे कोई सलाह नहीं ली गई।

'कुंदन का अंत ही फिल्म की आत्मा था'
आनंद एल राय ने 'द इंडियन एक्सप्रेस' के साथ इंटरव्यू में कहा, 'फिल्म का क्लाइमेक्स ही उसकी पहचान है। कुंदन का बलिदान और उसका दर्द ही दर्शकों को झकझोरता है। अगर उसे बदल दिया जाए, तो पूरी फिल्म का भाव ही बदल जाता है।' उन्होंने ये भी सवाल उठाया कि 'क्या सिर्फ हेप्पी एंडिंद ही दर्शकों को पसंद आती है? त्रासदी भी तो एक भाव है, जो लंबे समय तक असर छोड़ता है।'

फिल्म से आनंद ने हटवाया अपना नाम
आनंद एल राय ने साफ शब्दों में कहा कि वो अब इस AI से बदले गए वर्जन से खुद को अलग करना चाहते हैं। उन्होंने प्रोडक्शन कंपनी एरोस इंटरनेशनल से अनुरोध किया है कि उनका नाम इस वर्जन से हटाया जाए, क्योंकि ये उनके मूल विचार और संवेदना के खिलाफ है।

कंपनी एरोस के फैसले की आलोचना
बताया जा रहा है कि 'एरोस इंटरनेशनल' ने फिल्म के इस नए वर्जन के राइट्स तमिलनाडु के एक डिस्ट्रीब्यूटर 'अपस्विंग एंटरटेनमेंट' को बेच दिए हैं। आनंद एल राय का कहना है कि ये फैसला पूरी तरह से व्यापारिक मुनाफे को देखते हुए किया गया है, जिसमें भावनाओं की कोई अहमियत नहीं रखी गई। बता दें इस फिल्म को थिएटर्स में 1 अगस्त को रि-रिलीज किया जाएगा। फिल्म ने पहली बार भारत में करीब 81.30 करोड़ का कारोबार किया था।
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