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Aamir Khan: लाल सिंह चड्ढा की असफलता के बाद डिप्रेशन में रहे आमिर खान, बोले- 'मैं दो-तीन हफ्ते तक रोता रहा'

Mon, 24 Feb 2025 11:19 AM IST
तनु चतुर्वेदी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

आमिर खान ने अपनी फ्लॉप फिल्म लाल सिंह चड्डा और ठग्स ऑफ हिंदोस्तान को लेकर बात की है। उन्होंने कहा कि इन फिल्मों के न चलने पर अभिनेता डिप्रेशन में चले गए थे और दो-तीन हफ्ते तक रोते रहे थे।
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आमिर खान (लाल सिंह चड्ढा) - फोटो : एक्स
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विस्तार
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बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान ने हाल ही में लाल सिंह और ठग्स ऑफ हिंदुस्तान फिल्म की असफलता को लेकर बात की है। एबीपी के एक कार्यक्रम में अभिनेता ने फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर नहीं चलने पर अपनी हालत के बारे में बात की है।
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आमिर खान - फोटो : इंस्टाग्राम@amirkhanactor_
डिप्रेशन में चले गए थे आमिर खान
आमिर ने बताया कि जब 'लाल सिंह चड्ढा' और 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान' बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली तो वे दो-तीन हफ्तों तक रोते रहे थे और डिप्रेशन में चले गए थे। उन्होंने बताया कि वह अपनी असफलताओं को कैसे महत्व देते हैं, क्योंकि इससे उन्हें खुद को और काम करने का सबक भी मिलता है। बता दें कि लाल सिंह चड्ढा फिल्म फॉरेस्ट गंप की रीमेक थी, इसमें आमिर के साथ करीना कपूर खान भी नजर आईं थीं।

ठग्स ऑफ हिंदोस्तान - फोटो : स्क्रीन ग्रैब
एक इमोशनल इंसान हैं आमिर
आमिर ने कहा, 'मैं उस समय बहुत दुखी था, 'मैं बहुत इमोशनल भी हूं। ठग्स ऑफ हिंदोस्तान कमजोर फिल्म रही थी, हम जो बनाना चाह रहे थे, नहीं बना पाए थे। फिल्म बनाना एक कठिन काम है, कई बार हम वो काम नहीं कर पाते जो हम करना चाहते हैं'। आमिर ने कहा, इसका मतलब ये नहीं कि हमें काम नहीं आता, हमें अपनी गलतियों से सीखना चाहिए।
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आमिर खान - फोटो : इंस्टाग्राम@aamirkhanproductions
दो हफ्ते तक रोते रहे आमिर खान
लाल सिंह चड्ढा के बारे में बात करते हुए अभिनेता आमिर खान ने कहा कि वह फिल्म पूरी तरह से मुख्य अभिनेता के अभिनय पर निर्भर थी। मुझे लगता है मेरे अभिनय की पिच काफी ज्यादा थी। मूल फिल्म में टॉम हैंक्स ने कितना बढ़िया काम किया था। वह सभी को एक सैर पर ले गया था, मैं ऐसा नहीं कर पाया। आमिर ने कहा कि जब मेरी फिल्में अच्छी नहीं चलती तो मैं दो तीन हफ्ते तक डिप्रेशन में चला जाता हूं, ठीक से काम नहीं कर पाता बस रोता रहता हूं। इसके बाद जब शोक का समय बीत जाता है, अपनी टीम को बुलाता हूं और अपनी असफलताओं के बारे में सोचता हूं, समझने की कोशिश करता हूं कि आखिर मैंने कहां गलती की है। 
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