बॉलीवुड फिल्मों में बेहतर करने की गुंजाइश है
आमिर खान ने हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया से बातचीत में कहा 'हम नहीं कहते कि हम बेहतर फिल्म निर्माता नहीं हो सकते। मेरे विचार से फिल्म निर्माता के तौर पर हमारे पास सुधार की बहुत गुंजाइश है। हमने कई इंडस्ट्रीज से सीखा है।' आमिर के मुताबिक अगर आप 70 और 80 के दशक की फिल्मों को देखें तो उसके बाद से फिल्में और बेहतर हुई हैं ऐसे में अगर मेहनत की जाए तो और बेहतर हो सकती हैं। आमिर ने कहा 'जब हम 1988 में आए थे तो उस वक्त फिल्मों की संख्या बहुत कम थी। उसके बाद से हमने तरक्की की है। 90 के दशक के बाद जब 2000 आया तो दर्शक बदल गए। वह बहुत खुले हुए और दूसरी तरह की सामग्री देखना चाहते थे।'
Pahalgam Attack: पहलगाम हमले को खुद से जोड़ते हुए आदिल हुसैन ने दी प्रतिक्रिया, कहा- मैं भी हो सकता था
एक अच्छी फिल्म बना लूं यही बहुत है
आमिर से पूछा गया कि वह बॉलीवुड की मौजूदा हालत को बदलने के लिए क्या करना चाहते हैं? इस पर उन्होंने कहा 'मैं बस वही करना चाहता हूं जो मैं कर रहा हूं और वही कहानियां बताना चाहता हूं जिन पर मेरा यकीन है। मैं ऐसा व्यक्ति नहीं हूं जो अपने बारे में कोई बड़ी राय रखता हो कि मैं चीजों को बदल सकता हूं। मैंने कभी अपने बारे में ऐसी राय नहीं रखी। फिल्म बनाना बहुत मुश्किल है। मैं एक फिल्म ही अच्छे से बना लूं वही मेरे लिए बड़ी बात है।'
Pahalgam Attack: पहलगाम हमले के बाद फिल्म 'अबीर गुलाल' के बहिष्कार की हो रही मांग, यह है अहम वजह
'सितारे जमीन पर' में नजर आएंगे आमिर खान
आपको बता दें कि आमिर खान अपनी आने वाली फिल्म 'सितारे जमीन पर' को लेकर चर्चा में हैं। यह फिल्म 'तारे जमीन पर' की सीक्वल है। फिल्म में आमिर खान का किरदार एक बॉस्केटबॉल कोच का है। फिल्म विकलांग लोगों पर आधारित है। फिल्म में जेनेलिया देशमुख भी हैं।