काम में नहीं लग रहा था मन
गीतांजलि ने बताया कि संचिता किसी गहरे मानसिक तनाव (ट्रॉमा) से भी जूझ रही थी। यहां तक कि लीड रोल मिलने के बावजूद उनका काम में मन नहीं लग रहा था।
गुजरात में शूटिंग से लौटने के बाद संचिता ने उनसे कहा था, ‘मेरा दिल इसमें नहीं लग रहा है।’ जब गीतांजलि ने उन्हें समझाने की कोशिश की, तो संचिता ने जवाब दिया, ‘मुझे किसी चीज में अच्छा नहीं लगता। ये कैसी जिंदगी है? मुझे बहुत तकलीफ होती है।’
कैसे हुई संचिता उगले की मौत?
खबरों के मुताबिक, 14 जून की शाम 7 से 7:30 बजे के बीच यह घटना नालासोपारा ईस्ट के आचोले गांव स्थित साई संतोषी बिल्डिंग में हुई। पुलिस के अनुसार, संचिता अपने कमरे में साड़ी के सहारे पंखे से लटकी हुई मिलीं। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। परिवार वाले तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर गए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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15 जून को उनके पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है और फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इस कदम के पीछे की असली वजह क्या थी।