पीले-लाल रंगों से सजा गुजराती आंगन, शहनाइयों की गूंज, ढलती शाम की सुनहरी रोशनी और नंदिनी-समीर की प्रेम कहानी... 'हम दिल दे चुके सनम' सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि 90 के दशक की सबसे खूबसूरत सिनेमाई यादों में से एक थी। लेकिन पर्दे पर दिखने वाली इस जादुई दुनिया के पीछे कई दिलचस्प फैसले, अनसुने किस्से और चौंकाने वाले संयोग छिपे थे। संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी इस फिल्म को दर्शकों से खूब प्यार मिला था। इसका संगीत भी काफी हिट रहा। फिल्म को रिलीज को आज 27 साल हो चुके हैं। जानते है उन कहानियों को, जिन्होंने 'हम दिल दे चुके सनम' को एक अमर प्रेम कहानी बना दिया।
हम दिल दे चुके सनम
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'वो सात दिन' से मिलती-जुलती थी कहानी
फिल्म की मूल कहानी की तुलना अक्सर 1983 की फिल्म 'वो सात दिन' से की जाती है। उस फिल्म में भी एक पति अपनी पत्नी को उसके पुराने प्रेमी से मिलाने की कोशिश करता है। हालांकि, भंसाली ने इसे अपने अंदाज में पेश किया।
क्या सलमान बदलना चाहते थे क्लाइमैक्स?
फिल्म का अंत आज भी आइकॉनिक है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक सलमान खान चाहते थे कि नंदिनी आखिर में समीर के पास लौट आए। हालांकि, भंसाली अपने ऑरिजनल क्लाइमैक्स पर कायम रहे और नंदिनी ने अपने पति के साथ रहने का फैसला कराया।
हम दिल दे चुके सनम
- फोटो : इंस्टाग्राम@bhansaliproductions
पहली मुलाकात में मिल गई थी 'नंदिनी'
संजय लीला भंसाली नंदिनी के किरदार के लिए एक खास चेहरे की तलाश में थे। राजा हिंदुस्तानी की स्क्रीनिंग के दौरान ऐश्वर्या राय से उनकी मुलाकात हुई और ऐश्नर्या ने उनके काम की तारीफ की। संजय ने बाद में कहा कि ऐश्वर्या की आंखों में एक अलग चमक थी और उसी समय उन्होंने तय कर लिया था कि यही उनकी नंदिनी होंगी।
वनराज के लिए पहली पसंद नहीं थे अजय देवगन
'हम दिल दे चुके सनम' में वनराज का किरदार निभाकर अजय देवगन ने दर्शकों का दिल जीत लिया था। लेकिन, कम ही लोग जानते हैं कि यह रोल पहले आमिर खान, शाहरुख खान और संजय दत्त को ऑफर किया गया था। आखिरकार यह किरदार अजय के पास पहुंचा और उन्होंने इसे बखूबी निभाया।
हम दिल दे चुके सनम
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आखिरी वक्त में बदला गया फिल्म का नाम
बहुत कम लोग जानते हैं कि फिल्म का शुरुआती नाम 'दिल तो हमने दिया सनम' था। बाद में इसे बदलकर 'हम दिल दे चुके सनम' कर दिया था। जो आगे चलकर हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार शीर्षकों में शामिल हो गया।
विदेशी दर्शकों के लिए बदला गया नाम
भारत में फिल्म 'हम दिल दे चुके सनम' नाम से रिलीज हुई थी। लेकिन, इस फिल्म को अंतरराष्ट्रीय बाजार में 'स्ट्रेट फ्रांम द हार्ट' नाम से रिलीज किया गया था। विदेशी दर्शकों तक फिल्म की भावनात्मक कहानी को पहुंचाने के लिए यह बदलाव किया गया।
ऐश्वर्या राय-संजय लीला भंसाली
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इटली नहीं, बुडापेस्ट बना फिल्म का यूरोप
फिल्म में जिन लोकेशनों को इटली के रूप में दिखाया गया है, उनमें से कई सीन्स वास्तव में हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में शूट किए गए थे। उस दौर में विदेशी लोकेशन पर शूटिंग अपने आप में बड़ी बात मानी जाती थी।
समीर की आदत के पीछे भंसाली का बचपन
फिल्म में समीर कई बार आसमान की ओर देखकर अपने दिवंगत पिता से बातें करता नजर आते है। कहा जाता है कि यह आदत भंसाली के बचपन के अनुभवों से प्रेरित थी और उन्होंने इसे किरदार का हिस्सा बनाया।
हम दिल दे चुके सनम
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हर फ्रेम को पेंटिंग बनाने की जिद
भंसाली चाहते थे कि नंदिनी का घर किसी जीवंत पेंटिंग की तरह दिखाई दे। इसलिए सेट डिजाइन, रंगों के चयन, ड्रेस और लाइटिंग पर महीनों तक काम किया गया था। यही वजह है कि फिल्म का विजुअल ट्रीटमेंट आज भी याद किया जाता है।
दूसरे प्रोजेक्ट के लिए बना था 'तड़प तड़प'
फिल्म का सबसे लोकप्रिय गीत 'तड़प तड़प के इस दिल' से शुरुआत में किसी दूसरी फिल्म के लिए बनाया गया था। लेकिन,बाद में संगीतकार इस्माइल दरबार ने इसे 'हम दिल दे चुके सनम' का हिस्सा बनाया और यह गीत फिल्म की पहचान बन गया।
हम दिल दे चुके सनम
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चोट और दर्द के बीच शूट हुआ 'निंबूड़ा'
फिल्म का लोकप्रिय गीत 'निंबूड़ा निंबूड़ा' की शूटिंग के दौरान ऐश्वर्या राय के पैरों में सूजन आ गई थी। इसके बावजूद उन्होंने पूरे जोश और एनर्जी के साथ डांस सीक्वेंस पूरा किया।
माता-पिता के रिश्ते से मिली भावनात्मक प्रेरणा
रिपोर्ट्स के मुताबिक डॉयरेक्टर संजय ने फिल्म में त्याग, इंतजार और प्रेम के बीच चुनाव जैसी भावनाओं की प्रेरणा अपने निजी अनुभवों और अपने परिवार के रिश्तों से ली थी। यही वजह है कि फिल्म के भावनात्मक सीन दर्शकों से गहरा जुड़ाव बनाते हैं।