पीड़िता के मौलिक अधिकारों की रक्षा नहीं की गई
एक इमोशनल सोशल मीडिया पोस्ट में, उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रायल के दौरान उनके मौलिक अधिकारों की रक्षा नहीं की गई। उन्होंने यह भी कहा कि फैसले से यह पता चलता है कि इंसानी सोच न्यायिक फैसलों को प्रभावित कर सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि हर अदालत एक तरह से काम नहीं करती है।
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क्या है पूरा मामला?
फरवरी 2017 में अभिनेत्री एक फिल्म की शूटिंग के लिए जा रही थीं। इसी दौरान कुछ लोगों ने चलती गाड़ी में अभिनेत्री का अपहरण कर लिया था। अभिनेत्री का यौन उत्पीड़न किया गया और हमलावरों ने इस घटना का वीडियो भी बनाया। घटना के अगले ही दिन गाड़ी के चालक मार्टिन एंटनी को गिरफ्तार कर लिया गया था। एक हफ्ते के अंदर ही हिस्ट्रीशीटर सुनील एनएस उर्फ पल्सर सुनी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में सुनी को मुख्य आरोपी बनाया गया था। एक महीने के अंदर ही चार अन्य लोगों को भी गिरफ्तार कर आरोपी बनाया गया था।
एक्टर दिलीप हुए बरी
एक्टर दिलीप पर इस अपराध में साजिश रचने का आरोप लगा था। जांच के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया था, लेकिन लगभग छह साल तक चले ट्रायल के बाद कोर्ट ने उन्हें निर्दोष पाया। दिलीप के बरी होने पर कई अभिनेत्रियों और कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाए थे।