लोकसभा और विधानसभा उपचुनाव
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार को झारखंड में पहला चरण का विधानसभा चुनाव है। इसके साथ ही देश भर में 10 राज्यों की 31 विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव भी है। वहीं उत्तर प्रदेश की नौ, पंजाब की चार, केरल और उत्तराखंड की एक-एक सीट और महाराष्ट्र की नांदेड़ संसदीय सीट समेत 15 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए 20 नवंबर को मतदान होगा। मतों की गिनती 23 नवंबर को होगी।
बुधवार को होने वाले चुनाव में सबसे चर्चित वायनाड लोकसभा सीट है जहां से कांग्रेस ने पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी को उतारा है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की बुधनी विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव है। 2023 में बुधनी विधानसभा सीट से जीते शिवराज सिंह के सांसद बनने से यह सीट खाली हुई है।
आइये जानते हैं कि देश भर में किन-किन सीटों पर उपचुनाव है? राज्यों में विधानसभा के उपचुनाव कहां-कहां होंगे? किस सीट पर चुनाव की क्या वजह है?
प्रियंका गांधी, राहुल गांधी, खरगे
- फोटो : एक्स/कांग्रेस
लोकसभा की कौन सी सीट खाली है?
पहले चरण में केवल वायनाड लोकसभा सीट पर उपचुनाव है। वायनाड सीट कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इस्तीफे से रिक्त हुई है जो 2024 के लोकसभा चुनाव में वायनाड के साथ-साथ रायबरेली सीट से भी जीते थे। हालांकि, राहुल ने रायबरेली सीट को अपने पास रखा और वायनाड सीट से इस्तीफा दे दिया। अब यहां उपचुनाव में राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी मैदान में उतरी हैं। कांग्रेस महासचिव का सामना भाकपा के सत्यन मोकेरी और भाजपा की नव्या हरिदास से है। जमीनी स्तर के नेता माने जाने वाले वामपंथी नेता सत्यन मोकेरी ने 1987 से 2001 तक केरल विधानसभा में नादापुरम निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है। वहीं, नव्या हरिदास दो बार कोझिकोड नगर निगम की पार्षद रह चुकी हैं और भाजपा की महिला मोर्चा की राज्य महासचिव हैं।
विधानसभा की कितनी सीटें खाली हैं?
राजस्थान में सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव
| विधानसभा सीट |
उपचुनाव का कारण |
| झुंझुनू |
कांग्रेस विधायक बृजेंद्र ओला के सांसद बनने से सीट खाली हुई |
| रामगढ़ |
कांग्रेस विधायक जुबेर खान का निधन |
| खींवसर |
रालोप विधायक हनुमान बेनीवाल के सांसद बनने से सीट खाली हुई |
| सलूम्बर |
भाजपा विधायक अमृतलाल मीणा का निधन |
| चौरासी |
भारत आदिवासी पार्टी विधायक राजकुमार रोत के सांसद बनने से सीट खाली हुई |
| दौसा |
कांग्रेस विधायक मुरारीलाल मीणा के सांसद बनने से खाली हुई |
| देवली-उनियारा |
कांग्रेस विधायक हरीश मीणा के सांसद बनने से खाली हुई |
झुंझुनू: कांग्रेस ने सांसद बृजेंद्र ओला के बेटे अमित ओला और भाजपा ने राजेंद्र भांबू को टिकट दिया है। पूर्ववर्ती गहलोत सरकार में मंत्री रह चुके राजेन्द्र सिंह गुढ़ा यहां निर्दलीय मैदान में उतरे हैं।
रामगढ़: इस सीट पर कांग्रेस के प्रत्याशी आर्यन जुबेर खान तो भाजपा के सुखवंत सिंह के बीच आमने-सामने का मुकाबला है।
खींवसर: यहां चुनाव आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल की साख का है। आरएलपी की गढ़ मानी जाने वाली खींवसर विधानसभा सीट पर इस बार त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। नागौर से आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने यहां इस बार अपनी पत्नी कनिका बेनीवाल को टिकट दिया है। कांग्रेस से रतन चौधरी चुनाव मैदान में है, वहीं भाजपा रेवंतराम डांगा चुनाव में उतरे हैं।
सलूंबर: विधायक अमृत लाल मीणा के निधन के बाद खाली हुई इस सीट पर भाजपा ने उनकी पत्नी शांता देवी मीणा अपना प्रत्याशी घोषित किया है। कांग्रेस ने रेशमा मीणा को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं भारत आदिवासी पार्टी के चुनावी मैदान में डटे रहने से इस सीट पर भी मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
चौरासी: आदिवासी बाहुल्य इस सीट पर बीएपी ने अनिल कटारा, कांग्रेस ने महेश रोत व भाजपा ने कारीलाल निनामा प्रत्याशी घोषित किया है।
दौसा: इस सीट पर भाजपा की ओर से किरोड़ी लाल मीणा के भाई जगमोहन मीणा और कांग्रेस प्रत्याशी डीडी मीणा के बीच मुकाबला है।
देवली-उनियारा: इस सीट पर
कांग्रेस से केसी मीणा व भाजपा से राजेंद्र गुर्जर चुनाव मैदान में हैं। कांग्रेस भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस बागी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नरेश मीणा ने नामांकन वापस नहीं लेकर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।
पश्चिम बंगाल में छह विधानसभा सीटों पर उपचुनाव
| विधानसभा सीट |
उपचुनाव का कारण |
| सीताई |
तृणमूल विधायक जगदीश चंद्र बर्मा के सांसद बनने से सीट खाली हुई |
| मेदिनीपुर |
तृणमूल विधायक जून मालिया के सांसद बनने से सीट खाली हुई |
| नैहाटी |
तृणमूल विधायक पार्थ भौमिक के सांसद बनने से सीट खाली हुई |
| हरोआ |
विधायक से सांसद बने तृणमूल के हाजी नुरुल इस्लाम का निधन |
| मदारीहाट |
भाजपा विधायक मनोज तिग्गा के सांसद बनने से सीट खाली हुई |
| तालडांगरा |
तृणमूल विधायक अरूप चक्रवर्ती के सांसद बनने से सीट खाली हुई |
सीताई: यह विधानसभा सीट तृणमूल नेता जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया के इस साल कूचबिहार के सांसद चुने जाने के बाद इस्तीफा देने के कारण खाली हुई थी। बसुनिया ने 2021 में यह सीट जीती थी। टीएमसी ने सीताई विधानसभा उपचुनाव के लिए कूचबिहार सांसद की पत्नी संगीता रॉय को उम्मीदवार बनाया है।2023 में संगीता ने सीताई पंचायत समिति की सभापति (प्रमुख) बनने के लिए पंचायत चुनाव जीता।उनके सामने भाजपा उम्मीदवार दीपक कुमार रॉय और कांग्रेस के हरिहर रॉय सिंहा हैं।
मेदिनीपुर: अभिनेत्री से नेता बनीं जून मालिया ने 2021 में मेदिनीपुर विधानसभा सीट जीती थी। वह अब मेदिनीपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। उपचुनाव में टीएमसी ने सुजॉय हाजरा, भाजपा ने सुभाजीत रॉय (बंटी) और कांग्रेस ने श्यामल कुमार घोष को उम्मीदवार बनाया है।
नैहाटी: यह विधानसभा क्षेत्र कभी सीपीएम का गढ़ माना जाता था। यहां तृणमूल कांग्रेस से सनत डे और भाजपा की तरफ से रूपक मित्रा खड़े हैं। वहीं सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी हैं और जूट मजदूरों के बीच लोकप्रिय चेहरा देबज्योति मजूमदार वाम मोर्चा समर्थित भाकपा (माले) के उम्मीदवार हैं।
हरोआ: बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा हरोआ टीएमसी का गढ़ रहा है। 2021 में इस सीट से जीतने वाले हाजी नूरुल इस्लाम ने बशीरहाट से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दे दिया था और 3.33 लाख से अधिक वोटों के अंतर से सीट जीती थी। नूरुल का सितंबर में निधन हो गया और पार्टी ने उनके दूसरे बेटे रबीउल इस्लाम को उपचुनाव के लिए टीएमसी उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा है। उनके सामने भाजपा से बिमल दास उम्मीदवार हैं। वहीं लेफ्ट-आईएसएफ गठबंधन की तरफ से पियारुल इस्लाम और कांग्रेस से हबीब रजा चौधरी खड़े हैं।
मदारीहाट: मौजूदा विधायक मनोज तिग्गा के 2024 में अलीपुरद्वार से संसद के लिए चुने जाने के बाद यह उपचुनाव है। मदारीहाट सीट के लिए भाजपा द्वारा राहुल लोहार को अपना चेहरा बनाया गया है। तृणमूल कांग्रेस ने मदारीहाट में प्रकाश टोप्पो को उम्मीदवार बनाया है। वहीं बिकाश चैम्प्रोमेरी कांग्रेस का चेहरा हैं।
तालडांगरा: इस विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव में मुख्य मुकाबला टीएमसी के सिंघा बाबू और भाजपा की अनन्या रॉय चक्रवर्ती के बीच होने की उम्मीद है। 2021 में टीएमसी के अरूप चक्रवर्ती ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के श्यामल सरकार को 14,000 से अधिक मतों से हराकर विधानसभा सीट जीती थी। चक्रवर्ती ने 2024 का लोकसभा चुनाव बांकुरा से टीएमसी के टिकट पर लड़ा और जीता। इसके कारण तालडांगरा में उपचुनाव की आवश्यकता हुई। पेशे से शिक्षक फल्गुनी सिंघा बाबू तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार हैं, जिनकी इलाके में साफ-सुथरी छवि है। भाजपा की अनन्या रॉय चक्रवर्ती पहले बांकुरा नगर पालिका के वार्ड 18 से टीएमसी पार्षद थीं। पिछले नगर निकाय चुनाव में जब उन्हें टीएमसी ने टिकट नहीं दिया तो रॉय चक्रवर्ती ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। कुछ महीने पहले ही वह भाजपा में शामिल हुई थीं। माकपा ने इस सीट से चुनाव लड़ रहे देबकांति महंती पर भरोसा जताया है। वह भी एक स्कूल शिक्षक हैं। वह पहली बार चुनावी मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने तलडांगरा सीट से पेशे से शिक्षक तुषार कांति सन्निग्रही को मैदान में उतारा है।
असम में पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव
| विधानसभा सीट |
उपचुनाव का कारण |
| धोलाई (एससी) |
भाजपा विधायक परिमल शुक्लबैद्य के सांसद बनने से सीट खाली हुई |
| सिदली (एसटी) |
यूपीपीएल विधायक जोयंता बसुमतारी के सांसद बनने से सीट खाली हुई |
| बोंगाईगांव |
एजीपी विधायक फणी भूषण चौधरी के सांसद बनने से सीट खाली हुई |
| बेहाली |
भाजपा विधायक रंजीत दत्ता के सांसद बनने से सीट खाली हुई |
| सामगुरी |
कांग्रेस विधायक रकीबुल हुसैन के सांसद बनने से सीट खाली हुई |
बिहार में चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव
| विधानसभा सीट |
उपचुनाव का कारण |
| तरारी |
भाकपा माले विधायक सुदामा प्रसाद के सांसद बनने से सीट खाली हुई |
| रामगढ़ |
राजद विधायक सुधाकर सिंह के सांसद बनने से सीट खाली हुई |
| बेलागंज |
राजद विधायक सुरेंद्र यादव के सांसद बनने से सीट खाली हुई |
| इमामगंज |
हम विधायक जीतन राम मांझी के सांसद बनने से सीट खाली हुई |
तरारी: भोजपुर जिले के तरारी विधानसभा चुनाव में राजग समर्थित भाजपा प्रत्याशी विशाल प्रशांत और महागठबंधन समर्थित भाकपा-माले प्रत्याशी राजू यादव के बीच फिलहाल सीधी टक्कर मानी जा रही है।
रामगढ़: विधायक सुधाकर सिंह के बक्सर से सांसद का चुनाव जीतने के बाद सीट खाली हो गई थी। विधानसभा उपचुनाव में राजद और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर है। बहुजन समाजवादी पार्टी ने मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश की है। इस बार चुनावी मैदान में भाजपा के अशोक सिंह फिर उम्मीदवार उतरे हैं। राजद ने जगदानंद सिंह के छोटे बेटे और यहां के पूर्व विधायक सुधाकर सिंह के भाई अजीत सिंह को उम्मीदवार बनाया है। दूसरी तरफ बसपा ने अंबिका यादव के भतीजे सतीश कुमार सिंह उर्फ पिंटू यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है।
बेलागंज: गया जिले की बेलागंज विधानसभा सीट सुरेंद्र प्रसाद यादव के लोकसभा चुनाव में जहानाबाद से जीतने के बाद यह सीट खाली हुई थी। इस उपचुनाव में राजद ने जहानाबाद सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव के पुत्र विश्वनाथ यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है। दूसरी तरफ जदयू ने पूर्व एमएलसी मनोरमा देवी को मैदान में उतारा है।
इमामगंज: गया जिले की इमामगंज विधानसभा सीट पर एनडीए ने हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा- सेक्युलर से केन्द्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की बहू और बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन की पत्नी दीपा मांझी को चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं राजद ने इस सीट पर रौशन मांझी पर दांव खेला है।
कर्नाटक में तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव
| विधानसभा सीट |
उपचुनाव का कारण |
| चन्नपटना |
जेडीएस विधायक एचडी कुमारस्वामी के सांसद बनने से सीट खाली हुई |
| शिगगांव |
भाजपा विधायक बसवराज बोम्मई के सांसद बनने से सीट खाली हुई |
| संदूर |
कांग्रेस विधायक ई. तुकाराम के सांसद बनने से सीट खाली हुई |
चन्नपटना: इस विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में केंद्रीय उद्योग मंत्री कुमारस्वामी के बेटे निखिल जेडीएस से चुनाव लड़ रहे हैं। वे पिछले दो चुनावों में हार के बाद दोबारा अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। उनके सामने कांग्रेस से सी पी योगीश्वर हैं।
शिगगांव: पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के लोकसभा में प्रवेश के बाद यह उपचुनाव जरूरी हो गया था। पूर्व मुख्यमंत्री बसवराजके बेटे भरत बोम्मई भाजपा के उम्मीदवार हैं। भरत का मुकाबला पठान यासिर अहमद खान से है।
संदूर: कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाले संदूर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व 2008 से ई. तुकाराम कर रहे हैं। पार्टी ने इस सीट को बरकरार रखने के लिए उनकी पत्नी अन्नपूर्णा को अपना उम्मीदवार बनाया है।अन्नपूर्णा का मुकाबला भाजपा उम्मीदवार बंगारा हनुमंथा से है।
मध्य प्रदेश में दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव
| विधानसभा सीट |
उपचुनाव का कारण |
| बुधनी |
भाजपा विधायक शिवराज सिंह चौहान के सांसद बनने से सीट खाली हुई |
| विजयपुर |
कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत के इस्तीफे से सीट खाली हुई |
बुधनी: विधानसभा सीट से विधायक पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा चुनाव जीतने के बाद विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके चलते बुधनी की सीट खाली हो गई थी। बुधनी में भाजपा के पूर्व सांसद रमाकांत भार्गव का सामना कांग्रेस के राजकुमार पटेल से है।
विजयपुर: इस सीट से कांग्रेस के छह बार के विधायक रामनिवास रावत ने लोकसभा चुनाव के समय कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद उन्होंने अपनी विधानासभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके चलते विजयपुर विधानसभा सीट खाली हो गई थी। विजयपुर में भाजपा के वनमंत्री रामनिवास रावत का मुकाबला कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा से है।
सिक्किम में दो विधानसभा सीटों पर निर्विरोध चुने गए
सिक्किम की दोनों विधानसभा सीटों पर सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। यहां से कुछ उम्मीदवारों के नामांकन निरस्त हो गए थे। वहीं, सिक्किम लोकतांत्रिक मोर्चा के उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए थे। ऐसे में 30 अक्तूबर को सोरेंग-चाकुंग सीट से आदित्य गोले और नामची-सिंघीथांग सीट से सतीश चंद्र राय निर्विरोध जीत गए।
| विधानसभा सीट |
उपचुनाव का कारण |
| नामची-सिंघीथांग |
एसकेएम विधायक कृष्णा कुमारी राय के इस्तीफे से सीट खाली हुई |
| सोरेंग-चाकुंग |
एसकेएम विधायक प्रेम सिंह तमांग के इस्तीफे से सीट खाली हुई |
गुजरात, केरल, मेघालय और छत्तीसगढ़ में एक-एक विधानसभा सीट पर उपचुनाव
| विधानसभा सीट |
उपचुनाव का कारण |
| वाव, गुजरात |
कांग्रेस विधायक गेनीबेन ठाकोर के सांसद बनने से खाली हुई |
| चेलक्कारा, केरल |
माकपा विधायक के. राधाकृष्णन के सांसद बनने से सीट खाली हुई |
| रायपुर शहर दक्षिण, छत्तीसगढ़ |
भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने से खाली हुई |
| गांबेगरे, मेघालय |
कांग्रेस विधायक सलेंग ए संगमा के सांसद बनने से सीट खाली हुई है। |