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सीट का समीकरण: हरचंदपुर में अबतक तीन चुनाव, दो बार सपा-एक बार कांग्रेस ने मारी बाजी; ऐसा है यहां का इतिहास

Wed, 21 Oct 2026 03:01 PM IST
अमन तिवारी इलेक्शन डेस्क, नोएडा

सार

रायबरेली जिले की हरचंदपुर विधानसभा सीट 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई। यहां 2012 में पहला चुनाव हुआ था। इस सीट पर अब तक तीन चुनाव हुए हैं। इन चुनावों में दो बार समाजवादी पार्टी और एक बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। आइए इस विधानसभा सीट के बारे में विस्तार से जानते हैं...
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हरचंदपुर सीट का समीकरण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही मतदाताओं को साधने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि सत्ताधारी भाजपा अपनी सत्ता कायम रख पाती है या विपक्ष उसके 10 साल के वर्चस्व को खत्म कर देगा। उत्तर प्रदेश की इसी चुनावी सरगर्मी के बीच, हम आपको राज्य की हर सीट के इतिहास और राजनीतिक परिदृश्य के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। इसी कड़ी में आज बात रायबरेली जिले की हरचंदपुर विधानसभा सीट की होगी। आइए, जानते हैं इस सीट का पूरा सियासी गणित और इतिहास।
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पहले जानते हैं हरचंदपुर विधानसभा सीट के बारे में
उत्तर प्रदेश में कुल 75 जिले हैं। इन्हीं में से एक जिला रायबरेली है। जिले के अंतर्गत कुल 6 विधानसभा सीटें आती हैं। इसमें- बछरावां, हरचंदपुर, रायबरेली, सलोन, सरेनी और ऊंचाहार शामिल हैं। सीट का समीकरण की कड़ी में आज हम हरचंदपुर विधानसभा सीट की बात करेंगे। रायबरेली जिले की हरचंदपुर विधानसभा सीट साल 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी। यहां साल 2012 में पहला चुनाव हुआ था। इस चुनाव में सुरेंद्र विक्रम सिंह विजयी हुए थे। उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव में जीत हासिल की थी।

कब-किस पार्टी को मिली जीत? - फोटो : अमर उजाला
हरचंदपुर विधानसभा सीट का जातिगत समीकरण
हरचंदपुर विधानसभा सीट के जातिगत समीकरण की बात करें तो कुल मतदाताओं में यादव, पासी, ब्राह्मण, क्षत्रिय (ठाकुर) और मुस्लिम समुदाय की आबादी सबसे निर्णायक भूमिका निभाती है। क्षेत्र में सर्वाधिक आबादी यादव मतदाताओं की है, जो लगभग 13% हैं। इसके बाद पासी मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 11% और ब्राह्मण मतदाताओं की आबादी लगभग 10% है, जबकि क्षत्रिय (ठाकुर) मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 9% है।

अन्य प्रमुख वर्गों में मुस्लिम समाज के मतदाता लगभग 6% और लोध समुदाय के मतदाता करीब 5% हैं। इसके अलावा बाकी बचे मतदाता अन्य जातियों व समुदायों से आते हैं।

हरचंदपुर विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास
पहले चुनाव में सपा ने मारी बाजी

रायबरेली जिले की हरचंदपुर विधानसभा सीट के पहले यानी कि 2012 के चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के सुरेंद्र विक्रम सिंह विजयी हुए। उन्होंने कांग्रेस के शिव गणेश लोधी को 14,193 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में सुरेंद्र विक्रम सिंह को 51,262 वोट, जबकि शिव गणेश लोधी को 37,069 वोट मिले। वहीं, पीस पार्टी के मनीष कुमार सिंह 26,969 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
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2022 का नतीजा - फोटो : अमर उजाला
2017: कांग्रेस ने जीता चुनाव 
इस चुनाव में रायबरेली जिले की हरचंदपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस के राकेश सिंह विजयी हुए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की कंचन लोधी को 3,652 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में राकेश सिंह को 65,104 वोट, जबकि कंचन लोधी को 61,452 वोट मिले। वहीं, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के मनीष कुमार सिंह 45,057 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

2022: सपा ने की वापसी
वहीं 2022 के चुनाव में रायबरेली जिले की हरचंदपुर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के राहुल राजपूत उर्फ राहुल लोधी विजयी हुए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राकेश सिंह को 14,489 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में राहुल राजपूत को 92,498 वोट, जबकि राकेश सिंह को 78,009 वोट मिले। वहीं, कांग्रेस के सुशील पासी तीसरे स्थान पर रहे। बता दें कि हरचंदपुर विधानसभा सीट पर भाजपा और बसपा को अभी भी अपनी पहली जीत का इंतजार है।
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