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सीट का समीकरण: मुंगरा बादशाहपुर सीट पर अब तक हुए तीन चुनाव में हर बार बदला विजेता, ऐसा है इसका इतिहास

Tue, 06 Oct 2026 11:01 PM IST
अमन तिवारी इलेक्शन डेस्क, नोएडा

सार

जौनपुर की मुंगरा बादशाहपुर विधानसभा सीट 2008 के परिसीमन के बाद नए स्वरूप में आई और 2012 में यहां इस नए स्वरूप पर पहला चुनाव हुआ। 2012 में यहां से भाजपा की सीमा द्विवेदी ने जीत दर्ज की। इसके बाद 2017 में बसपा और 2022 में सपा ने जीत हासिल की।
 
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सीट का समीकरण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने चुनावी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर राजनीतिक दल अपने-अपने समीकरण मजबूत करने में जुटे हैं। उत्तर प्रदेश की इसी चुनावी सरगर्मी के बीच, हम आपको राज्य की हर सीट के इतिहास और राजनीतिक परिदृश्य के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। इसी कड़ी में आज चर्चा जौनपुर जिले की मुंगरा बादशाहपुर विधानसभा सीट की। आइए, जानते हैं इस सीट का पूरा सियासी गणित और इसका अब तक का इतिहास क्या रहा है।
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पहले जानते हैं मुंगरा बादशाहपुर सीट के बारे में
उत्तर प्रदेश में कुल 75 जिले हैं, जिनमें 403 विधानसभा सीटें आती हैं। इन्हीं में से एक जिला जौनपुर है। जिले में कुल नौ विधानसभा सीटें हैं। इनमें- बदलापुर, शाहगंज, जौनपुर, मल्हनी, मुंगरा बादशाहपुर, मछलीशहर, मड़ियाहूं, केराकत और जफराबाद शामिल हैं। 'सीट का समीकरण' की कड़ी में आज हम मुंगरा बादशाहपुर विधानसभा सीट की बात करेंगे। मुंगरा बादशाहपुर विधानसभा सीट साल 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी। इस सीट पर पहला चुनाव साल 2012 में हुआ था और यहां की पहली विधायक सीमा द्विवेदी बनी थीं, जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए जीत हासिल की थी।

मुंगरा बादशाहपुर विधानसभा सीट का जातीय समीकरण
मुंगरा बादशाहपुर विधानसभा सीट के जातिगत समीकरण की बात करें तो कुल मतदाताओं में ब्राह्मण, एससी (दलित), पटेल और यादव आबादी सबसे निर्णायक भूमिका निभाती है। क्षेत्र में सर्वाधिक आबादी ब्राह्मण मतदाताओं की है, जो लगभग 19% हैं। इसके बाद एससी (दलित) मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 16% और पटेल मतदाताओं की आबादी लगभग 15% है, जबकि यादव मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 10% है।

अन्य प्रमुख वर्गों में क्षत्रिय मतदाता करीब 7% और वैश्य मतदाता लगभग 6% हैं। इसके अलावा मुस्लिम मतदाता करीब 5% और चौहान मतदाता लगभग 4% हैं, जबकि बाकी बचे मतदाता अन्य जातियों व समुदायों से आते हैं। 
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2022 का नतीजा - फोटो : अमर उजाला
मुंगरा बादशाहपुर विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास
2012: भाजपा ने जीता चुनाव

2012 के यूपी विधानसभा चुनाव में जौनपुर जिले की मुंगरा बादशाहपुर विधानसभा सीट के पहले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की सीमा द्विवेदी विजयी हुईं। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के रमेश को 6,061 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में सीमा द्विवेदी को 50,065 वोट, जबकि रमेश को 44,004 वोट मिले। वहीं, समाजवादी पार्टी के विनोद कुमार 42,045 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

2017: बसपा ने जीता चुनाव
2017 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो मुंगरा बादशाहपुर विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी की सुषमा पटेल विजयी हुईं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सीमा द्विवेदी को 5,920 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में सुषमा पटेल को 69,557 वोट, जबकि सीमा द्विवेदी को 63,637 वोट मिले। वहीं, कांग्रेस के अजय शंकर दुबे 59,288 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

2022: सपा ने मारी बाजी
2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में जौनपुर जिले की मुंगरा बादशाहपुर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के पंकज विजयी हुए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के अजय शंकर दुबे को 5,230 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में पंकज को 92,048 वोट, जबकि अजय शंकर दुबे को 86,818 वोट मिले। वहीं, बहुजन समाज पार्टी के दिनेश कुमार शुक्ला 32,597 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
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