बहराइच की मटेरा विधानसभा सीट 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई। 2012 में यहां पहली बार चुनाव हुआ। इस चुनाव में सपा के यासर शाह ने जीत दर्ज की। 2022 में यहां से यासर की पत्नी मारिया शाह यहां से जीतीं। आइए जानते हैं मटेरा सीट का चुनावी इतिहास और सियासी गणित...
उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। जैसे-जैसे चुनाव के दिन नजदीक आ रहे हैं, राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो रही है। यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अभी से चुनावी बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है। आने वाले चुनाव में जहां भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष सत्ता परिवर्तन की उम्मीदों के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है। पक्ष और विपक्ष दोनों मतदाताओं को लुभाने में लग गए हैं। इसी चुनावी सरगर्मी के बीच, हम आपको उत्तर प्रदेश की हर विधानसभा सीट के इतिहास, सामाजिक ताने-बाने और उसके राजनीतिक परिदृश्य के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। इसी कड़ी में आज चर्चा बहराइच जिले की मटेरा विधानसभा सीट की। आइए, जानते हैं इस सीट का पूरा सियासी गणित और इतिहास।
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पहले जानते हैं मटेरा विधानसभा सीट के बारे में
उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में से एक जिला बहराइच है। जिले में कुल सात विधानसभा सीटें हैं। इनमें- बलहा, नानपारा, मटेरा, महसी, बहराइच, पयागपुर और कैसरगंज शामिल हैं। 'सीट का समीकरण' की कड़ी में आज हम मटेरा विधानसभा सीट की बात करेंगे। बहराइच जिले की मटेरा विधानसभा सीट साल 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी। यहां पहला चुनाव 2012 में हुआ था। यहां के पहले विधायक यासर शाह बने थे। उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी।
2012 का नतीजा
- फोटो : अमर उजाला
मटेरा विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास
2012 का चुनाव
2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई मटेरा विधानसभा सीट पर 2012 में पहला चुनाव हुआ था। इस चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के यासर शाह विजयी हुए। उन्होंने कांग्रेस के अली अकबर को 2,801 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में यासर शाह को 41,944 वोट मिले, जबकि अली अकबर को 39,143 वोट प्राप्त हुए। वहीं भाजपा के पदम सेन चौधरी 29,137 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे।
कौन हैं यासर शाह?
यासर शाह सपा के कद्दावर नेता और राज्य के पूर्व मंत्री डॉक्टर वकार अहमद शाह के बेटे हैं। वकार अहमद बगल की बहराइच सीट से 1993 से 2012 तक लगातार पांच बार जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। वकार अहमद मुलायम सिंह और अखिलेश यादव दोनों की सरकार में मंत्री रहे। 2012 में वकार अहमद बहराइच से लगातार पांचवीं बार जीते। वहीं, उनके बेटे यासर बगल की मटेरा सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे।
2017 का नतीजा
- फोटो : अमर उजाला
सपा ने दोहराई जीत
2012 के बाद उत्तर प्रदेश में 2017 में चुनाव हुए। इन चुनावों में बहराइच जिले की मटेरा विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के यासर शाह विजयी हुए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अरुण वीर सिंह को 1,595 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में यासर शाह को 79,188 वोट मिले, जबकि अरुण वीर सिंह को 77,593 वोट प्राप्त हुए। वहीं बसपा के सुल्तान अहमद खान 33,482 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे।
हालांकि, 2017 बहराइच जिले में एक बदालव भी आया। यासर के पिता चुनाव उस वक्त गंभीर रूप से बीमार चल रहे थे। सपा ने बहराइच सीट से वकार अहमद की पत्नी रुवाब सईदा को टिकट दिया। रुवाब 2004 में बहराइच लोकसभा सीट से सांसद रह चुकी थीं। हालांकि, 2017 के विधानसभा चुनाव में रुवाब को हार का सामना करना पड़ा। इस तरह वकार अहमद परिवार को पांच चुनाव और 24 साल बाद बहराइच का किला ढह गया।
सपा ने लगाई जीत की हैंट्रिक
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बहराइच जिले की मटेरा विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी की मारिया शाह विजयी हुईं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के अरुण वीर सिंह को 10,428 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में मारिया को 1,02,255 वोट मिले, जबकि अरुण वीर सिंह को 91,827 वोट मिले। वहीं बहुजन समाज पार्टी के आकिब उल्ला खान 8,918 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे।
दअअसल, 2022 में सपा ने तत्कालीन मटेरा विधायक यासर शाह को बहराइच सीट से उतार दिया। यासर की जगह उनकी पत्नी मारिया को मटेरा से टिकट मिला। मारिया मटेरा से जीतने में सफल रहीं, लेकिन उनके पति यासर बहराइच सीट से हार गए। इस तरह बहराइच में अनुपमा पटेला लगातार दूसरी बार जीतने में सफल रहीं और उन्होंने वाकर अहमद शाह के परिवार के एक और सदस्य को यहां शिकस्त दी।