18वीं लोकसभा के लिए चुनाव संपन्न हो चुके हैं और अब सभी को चुनाव परिणाम का इंतजार है। इन चुनावों में कुछ नेताओं के द्वारा बोली गईं अभद्र भाषा के कारण भी यह चुनाव लंबे समय तक याद किया जाएगा। लेकिन अभी भी कुछ लोग हैं, जो भारतीय लोकतंत्र को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसी दिशा में एक ऐसा शिक्षण संस्थान भी काम कर रहा है, जो दुनिया में उच्च स्तर के नेता तैयार करने का दावा करता है। यह स्कूल अपने नौ महीने के कोर्स में अपने छात्रों को जनता की नब्ज पर पकड़ बनाने के साथ-साथ एक बेहतर नेता बनने के लिए हर गुण सिखाने का दावा करता है। संस्था से प्रशिक्षित होकर निकले कई छात्र अब विभिन्न राजनीतिक दलों में अलग-अलग पदों पर काम भी कर रहे हैं।
इंडियन स्कूल ऑफ डेमोक्रेसी के विशेष कोर्स में आवेदन करने वाले लोगों को विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। इस ट्रेनिंग सेशन में वर्तमान राजनीति के बेहतरीन नेताओं को लाकर छात्रों से उनकी मुलाकात भी कराई जाती है। इन नेताओं के अनुभवों से सीखकर भी छात्र राजनीति में अपना भविष्य बेहतर कर रहे हैं।
संस्था के संस्थापक प्रखर भारतीय ने कहा कि सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के नाते पूरी दुनिया का ध्यान हमारे देश के चुनावों पर रहता है। सफलतापूर्वक चुनाव संपन्न कराने के लिए पूरी दुनिया में हमारी साख है। लेकिन इन्हीं चुनावों में कुछ ऐसी बातें भी दिखाई दे जाती हैं, जिसके कारण हमें नीचा भी देखना पड़ता है। इसका एक बड़ा कारण हमारे राजनेताओं के द्वारा बोली जाने वाली अभद्र भाषा होती है, जिसे सामान्य जन पसंद नहीं करते। इसी तरह प्रत्याशियों के आपराधिक इतिहास और उनकी कई दूसरी हरकतें भी हमारे इस महान भारतीय लोकतंत्र को नीचा दिखाने का काम करती हैं।
इस स्थिति को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने एक स्कूल खोलने की सोची, जिसमें छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बेहतर नेता बनने के सारे गुण सिखाए जाते हों। उन्होंने कहा कि उनके संस्थान में छात्रों को बेहतर नेता बनने की ट्रेनिंग दी जा रही है। उन्हें पूरा भरोसा है कि उनकी संस्था से निकले छात्र एक बेहतर नेता बनकर देश का निर्माण करने में अपना योगदान देंगे। इस समय भी संस्था में प्रवेश का समय चल रहा है। जो छात्र संस्था में प्रवेश पाना चाहते हों, वे आवेदन कर सकते हैं।