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Sanjay Nirupam: ऐसा है संजय निरुपम का सफर, बिहार में जन्मे, बिगबॉस प्रतिभागी से लेकर पत्रकार और सांसद तक रहे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Thu, 04 Apr 2024 02:06 PM IST

सार

Sanjay Nirupam: संजय निरुपम दो बार राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। उनका जन्म बिहार के रोहतास में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बतौर पत्रकार की थी। निरुपम ने 2009 में लोकसभा का चुनाव जीता था। 
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संजय निरुपम - फोटो : AMAR UJALA
महाराष्ट्र में कांग्रेस नेताओं का पार्टी छोड़ने का सिलसिला नहीं थम रहा है। अशोक चव्हाण, मिलिंद देवड़ा के बाद अब संजय निरुपम ने पार्टी को अलविदा कह दिया है। निरुपम महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी में सीट बंटवारे से नाराज थे। हाल ही में उन्होंने शिवसेना (उद्धव गुट) की सूची पर भी कड़ी आपत्ति जताई थी। बुधवार को कांग्रेस ने संजय निरुपम को पार्टी से निष्कासित कर दिया।



आइये जानते हैं कि संजय निरुपम का सियासी सफर कैसा रहा है?


 
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संजय निरुपम - फोटो : AMAR UJALA
महाराष्ट्र में कांग्रेस नेताओं का पार्टी छोड़ने का सिलसिला नहीं थम रहा है। अशोक चव्हाण, मिलिंद देवड़ा के बाद अब संजय निरुपम ने पार्टी को अलविदा कह दिया है। निरुपम महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी में सीट बंटवारे से नाराज थे। हाल ही में उन्होंने शिवसेना (उद्धव गुट) की सूची पर भी कड़ी आपत्ति जताई थी। बुधवार को कांग्रेस ने संजय निरुपम को पार्टी से निष्कासित कर दिया।



आइये जानते हैं कि संजय निरुपम का सियासी सफर कैसा रहा है?


 

संजय निरुपम का ताल्लुक बिहार से
कांग्रेस से नाता तोड़ने वाले संजय निरुपम राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। उनका जन्म 6 फरवरी, 1965 को बिहार के रोहतास में हुआ था। उन्होंने पटना के एएन कॉलेज से बी.ए. (ऑनर्स) की पढ़ाई की थी। संजय ने अपने करियर की शुरुआत बतौर पत्रकार की थी। इस दौरान उन्होंने शिवसेना के 'दोपहर का सामना' में पत्रकारिता की। 

संजय निरुपम - फोटो : Sanjay Nirupam/FB
दो बार राज्यसभा सांसद रहे
वह महाराष्ट्र में शिवसेना की तरफ से दो बार राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। उनका पहला कार्यकाल 1996 से लेकर 2000 तक था। वहीं राज्यसभा में उनकी दूसरी पारी 2000 से लेकर 2006 तक चली। इसके बाद उन्होंने शिवसेना को अलविदा कह दिया। निरुपम का अगला सियासी ठिकाना कांग्रेस पार्टी बनी। इसी बीच 2008 में वह बिग बॉस में प्रतियोगी भी बने।

संजय निरुपम - फोटो : Sanjay Nirupam/FB
2009 में जीता लोकसभा का चुनाव
2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने निरुपम को मुंबई उत्तर लोकसभा क्षेत्र में अपना उम्मीदवार बनाया। इस सीट पर गुजरातियों और उत्तर भारतीयों की अच्छी खासी संख्या है। 2009 के चुनाव में निरुपम यहां से एक करीबी मुकाबले में जीतने में कामयाब रहे। इसके साथ ही राज्यसभा के बाद वह लोकसभा के भी सांसद बने।

2014 और 2019 में हार का सामना करना पड़ा
2014 में भी कांग्रेस ने निरुपम को मुंबई उत्तर लोकसभा क्षेत्र में अपना उम्मीदवार बनाया। इस बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। उन्हें 2015 में मुंबई क्षेत्रीय कांग्रेस समिति के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। 

फिर 2019 के लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने संजय पर भरोसा जताया और टिकट दिया। हालांकि, महाराष्ट्र की मुंबई उत्तर-पश्चिम सीट से उतरे कांग्रेस उम्मीदवार को एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा। यहां से भाजपा के गोपाल शेट्टी जीते। 

संजय निरुपम - फोटो : Sanjay Nirupam/FB
अब कांग्रेस से कैसे बिगड़ी बात 
27 मार्च को शिवसेना (यूबीटी) ने लोकसभा चुनाव के लिए अपनी पहली सूची जारी की। इसमें कुल 16 उम्मीदवारों के नाम थे। सूची में मुंबई की छह लोकसभा सीटों में से चार सीटों के लिए भी चेहरों का एलान किया गया था। पार्टी ने मुंबई उत्तर-पश्चिम से अमोल कीर्तिकर को चुनाव मैदान में उतारा। अमोल पूर्व मंत्री और वरिष्ठ शिव सेना नेता गजानन कीर्तिकर के बेटे हैं। 

इस चुनाव में संजय निरुपम मुंबई उत्तर पश्चिम सीट से मैदान में उतरना चाहते थे। निरुपम ने मांग की थी कि यह सीट कांग्रेस ले। जब शिवसेना ने यहां से अपना उम्मीदवार उतारा तो उन्होंने शिवसेना और कांग्रेस दोनों का विरोध किया। निरुपम ने अमोल कीर्तिकर पर खिचड़ी चोरी का आरोप लगाया। वहीं, कांग्रेस की आलोचना करते हुए निरुपम ने कहा कि कांग्रेस ठाकरे गुट के सामने झुक गई है। इससे पार्टी का अस्तित्व ही खत्म हो जायेगा। यूपी की तरह मुंबई में भी कांग्रेस का बुरा हाल होगा। 

संजय निरूपम का कांग्रेस को अल्टीमेटम
इस बीच, संजय निरुपम ने सोशल मीडिया पोस्ट कर कांग्रेस को अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने लिखा, 'एक सप्ताह का समय पूरा हो गया है और अब कल (4 अप्रैल) मैं खुद फैसला ले लूंगा।' अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि कांग्रेस पार्टी मेरे लिए ज्यादा ऊर्जा और स्टेशनरी नष्ट न करे, बल्कि अपनी बची-खुची ऊर्जा और स्टेशनरी का इस्तेमाल पार्टी को बचाने के लिए करे। वैसे भी पार्टी भीषण आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है। 

पार्टी ने किया निष्काषित 
इस बयानबाजी के बाद बुधवार (3 अप्रैल) को कांग्रेस ने संजय निरुपम को पार्टी से निष्कासित कर दिया। बताया गया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी बयानों की शिकायतों के बाद संजय निरुपम के निष्कासन को मंजूरी दी। संजय को छह साल के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। 

Sanjay Nirupam - फोटो : Amar Ujala
कांग्रेस पर लगाए आरोप 
इसके बाद गुरुवार को संजय निरुपम ने कांग्रेस से निकाले जाने पर पार्टी पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शिवसेना (यूबीटी) उम्मीदवार अमोल कीर्तिकर पर फिर निशाना साधा। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस में कई सत्ता केंद्र बनने का भी आरोप लगाया। संजय निरुपम ने कांग्रेस के राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बहिष्कार करने के फैसले पर भी घेरा। 
 
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