केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि उडीसा में अगली भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि नवीन पटनायक चार जून के बाद ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री हो जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि भाजपा 75 से अधिक सीटें जीतकर राज्य में अगली सरकार बनाएगी।
ओडिशा में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हो रहे हैं। केंद्रीय गृहमंत्री भद्रक लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत चांदबली में एक चुनावी रैली को संबोधित करने पहुंचे। यहां उन्होंने दावा किया कि भगवा पार्टी ओडिशा की 21 लोकसभा सीटों में से 17 सीटें जीतेगी। उन्होंने सीएम नवीन पटनायक पर निशाना साधते हुए कहा कि 4 जून को नवीन बाबू मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। वे पूर्व मुख्यमंत्री हो जाएंगे। क्योंकि भाजपा ओडिशा में 17 लोकसभा सीटें और 75 विधानसभा सीटें जीतने के लिए तैयार है।
अमित शाह ने कहा कि भाजपा यह सुनिश्चित करेगी कि अगला मुख्यमंत्री उड़िया भाषा में पारंगत हो। वे राज्य की भाषा, संस्कृति और परंपरा को समझे। उन्होंने सीएम पटनायक पर वार करते हुए कहा कि "क्या 'तमिल बाबू' को पर्दे के पीछे से सरकार चलानी चाहिए। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि कमल के निशान को वोट दें। सीएम पटनायक के करीबी सहयोगी और बीजेडी नेता वी के पांडियन पर निशाना साधते हुए बोले कि एक अधिकारी नहीं राज्य में 'जन सेवक' को लाएं।"
नवीन पटनायक की सरकार को बताया झोले वाली सरकार
उन्होंने ओडिशा के लोगों को मुफ्त 5 किलो चावल उपलब्ध कराने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की भी सराहना की। साथ ही अपनी तस्वीरों के साथ जूट के थैलों में चावल वितरित करने के लिए पटनायक की आलोचना की। गृहमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी की सरकार 'चावल वाली सरकार' है, जबकि नवीन पटनायक की सरकार 'झोले वाली सरकार' है।" उन्होंने कहा कि भाजपा ओडिशा में सरकार बनने के 18 महीने के भीतर चिट-फंड कंपनियों द्वारा ठगे गए लोगों को पैसा लौटा देगी।
वहीं जाजपुर में एक अन्य चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि कांग्रेस पीओके के बारे में बात करने से बचती है। क्योंकि कांग्रेसी पाकिस्तान से 'डरे हुए' हैं। उन्होंने वादा किया कि ''पीओके भारत का रहेगा, रहेगा या हम उसको लेकर रहेंगे।'' उन्होंने पलायन और बेरोजगारी पर बात करते हुए कहा कि लाखों युवा काम की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं। एक बार जब भाजपा ओडिशा में सरकार बना ले तो हम उद्योग स्थापित करेंगे। जिससे युवाओं को कहीं और नौकरियों की तलाश न करनी पड़े।