आपका चुनाव कैसा रहा? मतदान के बाद आपको केरल में भाजपा के लिए क्या संभावनाएं दिखाई पड़ रही हैं?
- बहुत अच्छा चुनाव रहा है। जनता का बहुत जबरदस्त साथ मिला है। हम बहुत अच्छे परिणाम की उम्मीद कर रहे हैं। जहां तक केरल की बात है, इस बार हम केवल वोट प्रतिशत के मामले में ही नहीं, सीटों के मामले में भी बहुत अच्छा करने जा रहे हैं। चार जून (मतगणना के दिन) को आपको दिखाई पड़ेगा कि भाजपा ने केरल में अपना मजबूत कदम रख दिया है।
अब तक दो चरणों के चुनावी ट्रेंड को देखते हुए अब आपको पूरे दक्षिण भारत में पार्टी के लिए क्या संभावनाएं दिखाई दे रही हैं?
- निश्चय ही पूरे दक्षिण में भाजपा बहुत अच्छा करने जा रही है। केरल से इसकी शुरुआत हो चुकी है। आपको कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु से भी भाजपा के लिए काफी बेहतर समाचार की उम्मीद करनी चाहिए। केरल के साथ-साथ कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु में भी पार्टी बहुत अच्छा प्रदर्शन करेगी।
प्रज्ज्वल रेवन्ना के कथित सेक्स कांड पर कांग्रेस हमलावर है। राहुल गांधी इस मामले पर आपके शीर्ष नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठा रहे हैं। क्या कहेंगे?
- हमारे नेता अमित शाह जी ने बिल्कुल साफ कह दिया है कि भाजपा नारी शक्ति के साथ खड़ी है। रेवन्ना की पार्टी ने भी उसे निलंबित कर दिया है। असली सवाल तो कांग्रेस से पूछा जाना चाहिए कि यह सेक्स वीडियो अब तक किसके पास था? उस व्यक्ति ने इस मामले पर अब तक चुप्पी क्यों साधे रखी? पुलिस को यह जांच करना पड़ेगा कि इस वीडियो को एक खास टाइमिंग पर जनता के सामने क्यों लाया गया?
यह दावा किया जा रहा है कि कर्नाटक कांग्रेस के नेताओं और पुलिस सबके पास यह वीडियो काफी पहले आ चुका था। कांग्रेस को यह बताना पड़ेगा कि उसने अब तक इस मामले पर चुप्पी क्यों साधे रखी? कर्नाटक में पहले चरण का मतदान होने के बाद ही यह वीडियो सामने क्यों लाया गया? कांग्रेस इन सवालों का जवाब देने की अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए उतावला है। उनका आरोप है कि पाकिस्तान राहुल गांधी को सपोर्ट कर रहा है?
- बिल्कुल सही बात है। पाकिस्तान से बार-बार इस तरह के संदेश, समाचार मिलते रहते हैं, जहां उनके (पाकिस्तान के) नेता राहुल गांधी को प्रमोट करने की बात करते रहते हैं। खुद कांग्रेस के कई नेता पाकिस्तान में जाकर देश विरोधी बातें करते रहे हैं। अब यह तो कांग्रेस और राहुल गांधी को ही बताना पड़ेगा कि पाकिस्तान के साथ उनका रिश्ता क्या है? और यह कोई नई बात तो नहीं है। कांग्रेस ने इसी आम चुनाव में खुलेआम प्रतिबंधित संगठन पीएफआई और एसडीपीआई से समर्थन लिया है। उनके घोषणा पत्र में भी मुस्लिम लीग की विचारधारा दिखाई दे रही है। ऐसे में संदेह की संभावना कहां बचती है? पूरा देश देख रहा है कि किस तरह कांग्रेस चुनाव जीतने के लिए देश के प्रतिबंधित संगठनों से भी सहयोग लेने के लिए तैयार है। ऐसे में इसका जवाब तो कांग्रेस को ही देना पड़ेगा। जनता का निर्णय तो चार जून को सामने आ ही जाएगा।