फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Exit Polls: कितने सही होते हैं एग्जिट पोल, महाराष्ट्र-झारखंड के पिछले नतीजों से पहले कैसे थे अनुमान? समझें

Wed, 20 Nov 2024 06:06 PM IST
शिवेंद्र तिवारी स्पेशल डेस्क, अमर उजाला

सार

Exit Polls: महाराष्ट्र और झारखंड में मतदान खत्म होते ही सबकी निगाहें एग्जिट पोल पर हैं। बुधवार शाम को अलग-अलग एजेंसियों के एग्जिट पोल जारी किए जाएंगे। आइए जानते हैं महाराष्ट्र और झारखंड के पिछले नतीजे और एग्जिट पोल के आंकड़े...
विज्ञापन
महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव - फोटो : AMAR UJALA
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराष्ट्र और झारखंड में दूसरे चरण के चुनाव के लिए मतदान बुधवार को खत्म हो गया। महाराष्ट्र और झारखंड में वोटिंग खत्म होते ही सबकी नजरें दोनों राज्यों के एग्जिट पोल पर हैं। नतीजे शनिवार (23 नवंबर) को आने हैं। इससे पहले बुधवार शाम (20 नवंबर) को अलग-अलग एजेंसियों के एग्जिट पोल जारी किए जाएंगे। इन पोल के जरिए ये बताने की कोशिश होगी कि किस राज्य में कौन सी पार्टी सरकार बन सकती है या कितनी सीटें जीत सकती है। 

विज्ञापन


एग्जिट पोल के नतीजों की सटीकता को लेकर अक्सर सवाल उठते रहते हैं। 2023 में छत्तीसगढ़ विधानसभा, 2024 में लोकसभा और हरियाणा विधानसभा चुनावों में एक्जिट पोल के अनुमान नतीजों से काफी दूर रहे। हम आपको दोनों चुनावी प्रदेशों- महाराष्ट्र और झारखंड के पिछले नतीजे और एग्जिट पोल के आंकड़े बताने जा रहे हैं। इससे आप समझ पाएंगे कि यह पोल कितना सही होता है? क्या इनमें किए गए दावे कितने सटीक होते हैं? इन पोल में पिछली बार क्या कहा गया था और बाद में नतीजे क्या निकले?

पिछले चुनाव में कैसे थे एग्जिट पोल के नतीजे?
महाराष्ट्र:
21 सितंबर 2019 को चुनाव आयोग ने राज्य में विधानभा चुनावों का एलान किया। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला दो प्रमुख गठबंधनों के बीच था। पहला भाजपा और शिवसेना का गठबंधन जिसकी उस वक्त सरकार थी। वहीं, विपक्षी गठबंधन में कांग्रेस और एनसीपी शामिल थे। महाराष्ट्र में 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए 21 अक्तूबर, 2019 को वोट डाले गए। 24 अक्तूबर 2019 को मतगणना कराई गई थी। 

मतदान के बाद तमाम न्यूज चैनलों और चुनाव सर्वे एजेंसियों ने एग्जिट पोल नतीजे में आसानी से भाजपा-शिवसेना की सरकार बनती दिखाया था। पांच प्रमुख एग्जिट पोल में सत्ताधारी भाजपा और शिवसेना को एकतरफा 193 से 223 सीटें जीतते हुए दिखाया गया था। वहीं विपक्षी गठबंधन ने विपक्षी गठबंधन (कांग्रेस और एनसीपी) को 50 से 90 के बीच सीटें दी थीं।

झारखंड: 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा के लिए पिछले चुनाव 30 नवंबर से 20 दिसंबर 2019 तक हुए थे। ये चुनाव पांच चरणों में कराए गए थे जिसमें कुल 65.18 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था। नतीजे 23 दिसंबर 2019 को घोषित किए गए। 2019 के अधिकतर एग्जिट पोल में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाले गठबंधन को एनडीए के मुकाबले आगे दिखाया गया था। किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने का अनुमान जताया गया था। झारखंड में सत्ता में किसकी वापसी होगी, इसका अनुमान स्पष्ट नहीं था। 

पिछले चुनाव में एग्जिट पोल्स में किस पार्टी को कितनी सीटें दी गई थीं?
महाराष्ट्र: इंडिया टुडे-एक्सिस MY INDIA का एग्जिट पोल
  • भाजपा-शिवसेना को 166 से 194 सीटें 
  • कांग्रेस-एनसीपी को 72 से 90 सीटें 
  • भाजपा को अकेले 109 से 124 और शिवसेना को 57 से 70 सीटें 
  • कांग्रेस को अकेले 32 से 40 और एनसीपी को 40 से 50 सीटें 

एबीपी-C Voter का एग्जिट पोल    
  • भाजपा-शिवसेना को 209 सीटें 
  • कांग्रेस-एनसीपी को 69 सीटें 
  • अन्य को 15 सीटें 

न्यूज 18-IPSOS  का एग्जिट पोल    
  • भाजपा-शिवसेना को 241 सीटें 
  • कांग्रेस-एनसीपी को 69 सीटें 
  • एआईएमआईएम को एक और अन्य को तीन सीटें 

टाइम्स नाउ का एग्जिट पोल
  • भाजपा-शिवसेना को 230 सीटें 
  • कांग्रेस-एनसीपी को 48 सीटें 
  • अन्य को 10 सीटें 

R भारत-जन की बात का एग्जिट पोल
  • भाजपा-शिवसेना को 223 सीटें 
  • कांग्रेस-एनसीपी को 55 सीटें 

झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 के एग्जिट पोल: 

इंडिया टुडे-माई एक्सिस एग्जिट पोल 

भाजपा को 22-32 सीटें 
झामुमो-कांग्रेस को 38-50 सीटें 
आजसू को 3-5 सीटें 
झाविमो को 2-4 सीटें
अन्य दलों को 4-7 सीटें 

आईएएनएस-सीवोटर-एबीपी एग्जिट पोल 

भाजपा को 28 से 36 सीटें 
झामुमो-कांग्रेस को 31-39 सीटें 
आजसू को 3-7 सीटें 
झाविमो को 1-4 सीटें
अन्य दलों को 4-7 सीटें 

जन की बात एग्जिट पोल 
भाजपा को 22-30 सीटें
झामुमो-कांग्रेस को 43-33 सीटें
आजसू को 3-5 सीटें
झाविमो को 3-4 सीटें
अन्य को 9-10 सीटें
 

महाराष्ट्र विधानसभा - फोटो : AMAR UJALA
एग्जिट पोल्स के बाद नतीजे कैसे रहे?
महाराष्ट्र:
जब नतीजे आए तो ज्यादातर एग्जिट पोल के अनुमान सटीक नहीं ठहरे। जहां अधिकतर अनुमानों में सत्ताधारी भाजपा-शिवसेना गठजोड़ को 200 या इससे अधिक सीटें जीतते दिखाया गया था। वहीं, नतीजों में भाजपा और शिवसेना को बहुमत मिला। 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को सबसे ज्यादा 105 सीटें मिलीं। वहीं, भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना को 56 सीटें आई थीं। इस तरह इस गठबंधन को कुल 161 सीटें मिलीं, जो बहुमत के आंकड़े 145 से काफी ज्यादा था। दूसरी ओर एनसीपी को 54 सीटें जबकि उसकी सहयोगी कांग्रेस को 44 सीटें मिलीं।

विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना और भाजपा में ठन गई। विवाद इतना बढ़ा कि शिवसेना ने एनडीए से अलग होने का फैसला ले लिया। कई दिनों तक राज्य में उहापोह की स्थिति बनी रही। कुछ दिनों तक राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा रहा। बाद में भाजपा के नेता देवेंद्र फडणवीस ने एनसीपी के कुछ विधायकों के साथ तीन दिन तक सरकार चलाई, लेकिन बहुमत परीक्षण से पहले उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

इसके बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी गठजोड़ से हाथ मिलाया और महाविकास अघाड़ी के नाम से नई सरकार बनी। इस सरकार में उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने और करीब ढाई साल उनकी सरकार चली। 2022 में तत्कालीन मंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव के नेतृत्व वाली शिवसेना के खिलाफ बगावत कर दी। शिंदे भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बने और अगले साल अजित पवार एनसीपी तोड़ महायुति सरकार में शामिल हो गए।
विज्ञापन

झारखंड विधानसभा चुनाव - फोटो : AMAR UJALA
झारखंड: प्रदेश में 2019 के एग्जिट पोल्स काफी हद तक सही साबित हुए थे। 81 सदस्यीय विधानसभा में जब नतीजे सामने आए तो सत्ताधारी भाजपा को झटका लगा और वह 41 सीटों के जादुई आंकड़ों से पिछड़ गई। हेमंत सोरेन की पार्टी झामुमो को सबसे ज्यादा 30 सीटें आईं। इसके बाद भाजपा को 25 सीटें मिलीं। अन्य दलों की बात करें तो कांग्रेस के 16 विधायक, झाविमो के तीन और आजसू  के दो विधायक जीते। इसके अलावा दो निर्दलीय विधायक जबकि राजद, भाकपा (माले) और एनसीपी के एक-एक विधायक चुनकर विधानसभा पहुंचे। नतीजों से साफ था कि झामुमो के नेतृत्व वाला गठजोड़ बहुमत के आंकड़े के पार था।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें