Maharashtra Vidhan Sabha Chunav 2024: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि भाजपा-शिवसेना-एनसीपी गठबंधन के बीच एकता नहीं है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बयान को आधार बनाकर कहा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर अजित ने आपत्ति जताई है। ये दिखाता है कि महायुति एकजुट नहीं है।
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव 2024 की सरगर्मियों के बीच 'बंटेंगे तो कटेंगे' बयान लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। भाजपा की सहयोगी पार्टी- एनसीपी के नेता अजित ने इस बयान से असहमति जाहिर की है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की जनता इस तरह के बयानों को पसंद नहीं करती। अजित ने कहा कि महाराष्ट्र की तुलना अन्य राज्यों से नहीं करनी चाहिए। इस राज्य के लोगों ने हमेशा से सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का प्रयास किया है।
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महाराष्ट्र की तुलना अन्य राज्यों से न करें
बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान को लेकर पत्रकारों की तरफ से सवाल पूछे जाने पर गुरुवार को अजित पवार ने कहा, महाराष्ट्र छत्रपति शिवाजी महाराज, राजर्षि शाहू महाराज और महात्मा फुले का है। आप महाराष्ट्र की तुलना अन्य राज्यों से न करें, महाराष्ट्र के लोगों को यह पसंद नहीं है। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज की शिक्षा समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की थी। राकांपा प्रमुख अजित पवार ने कहा, जब अन्य राज्यों के लोग यहां आते हैं, तो वे अपने लोगों को ध्यान में रखते हुए बोलते हैं, लेकिन महाराष्ट्र ने कभी इसे स्वीकार नहीं किया और यह यहां के सभी चुनावों का इतिहास रहा है।
क्या है सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान
इससे पहले भाजपा के स्टार प्रचारक और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाशिम में चुनाव प्रचार के दौरान 'बंटेंगे तो कटेंगे' वाला बयान दिया। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी ने लोगों को एकजुट किया था। लोग एक रहेंगे तभी सुरक्षित रहेंगे। वाशिम में चुनाव प्रचार के दौरान सीएम योगी ने शिवाजी से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए कहा कि इतिहास में हम जब भी बंटे, कटे थे। इसलिए अब हमें एकजुट रहना होगा। सीएम योगी ने महायुति (भाजपा-शिवसेना और अजित पवार खेमे की एनसीपी) की सराहना की और कहा कि प्रदेश के विकास के लिए एक बार फिर महायुति सरकार आनी जरूर है। उन्होंने विपक्षी धड़े पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए आड़े हाथों लिया।
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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव केवल एक चरण में
288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुनाव 20 नवंबर को एक ही चरण में होंगे, जबकि विधानसभा चुनाव के मतों की गिनती 23 नवंबर को होगी। वहीं एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, भाजपा और अजीत पवार की एनसीपी से मिलकर बनी महायुति सत्ता बरकरार रखने की कोशिश कर रही है, जबकि शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (एसपी) और कांग्रेस की विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) इसे सत्ता से बेदखल करने के प्रयास में है।