महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024: उद्धव ठाकरे का काफिला रोके जाने की खबर
- फोटो : ANI
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच नेताओं के काफिले, हेलीकॉप्टर जांच और आदर्श आचार संहिता के तहत निर्वाचन आयोग की कार्रवाई लगातार सुर्खियों में है। ताजा घटनाक्रम महाराष्ट्र-गोवा सीमा से सामने आया है। यहां पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे का काफिला रोके जाने की खबर है। चुनाव प्रचार के लिए जा रहे उद्धव काफिला रोक कर जांच किए जाने पर भड़क गए। शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे की वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर भी की जा रही है। समर्थकों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश है। शिवसेना यूबीटी का आरोप है कि उद्धव ठाकरे को जानबूझ कर निशाना बनाया जा रहा है।
देश की तीसरी सबसे बड़ी विधानसभा में सियासी समीकरण
महाराष्ट्र में इस बार सियासी मुकाबला बेहद दिलचस्प होने के आसार हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि लगभग 25 महीने पहले जून, 2022 में महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार गिरी थी। इसके बाद भाजपा समर्थित सरकार बनी। शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दो-फाड़ होने के बाद राज्य में पहली बार विधानसभा चुनाव होंगे। महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा में फिलहाल राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार के पास 202 विधायकों का समर्थन है। 102 विधायकों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है। अजीत पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के 40 विधायक हैं। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के 38 विधायक हैं। 14 निर्दलीय विधायकों ने भी एनडीए सरकार को समर्थन दिया है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की सरकार को पांच अन्य छोटे दलों का समर्थन भी हासिल है।
महाराष्ट्र में विपक्षी खेमा कितना मजबूत
इसके अलावा विपक्षी खेमे (महाविकास अघाड़ी- MVA) में कुल 71 विधायक हैं। विपक्ष में कांग्रेस 37 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना के 16 विधायक हैं। वरिष्ठ राजनेता शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) के 12 विधायक हैं। समाजवादी पार्टी के दो, सीपीआईएम और पीडब्लूपीआई के एक-एक विधायक हैं। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के दो विधायक भी विपक्षी खेमे में हैं। 15 विधानसभा सीटें खाली हैं।
संबंधित वीडियो-