बीजेडी नेता वीके पांडियन और 5 टी के चेयरमैन ने ओडिशा विधानसभा चुनाव के लिए बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि 9 जून को भूमिपुत्र ही सत्ता की कमान अपने हाथों में लेगा। जो ओड़िया बोलने के साथ-साथ ओडिशा के लोगों के दिल में बसता है, वही मुख्यमंत्री बनेगा। वरिष्ठ नेता वीके पांडियन ने कहा कि ओडिशा खनिज से समृद्ध है। लेकिन केंद्र राज्य के खनिजों से लाभ बटोर रहा है।
मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि ओडिशा प्राकृतिक संसाधनों और खनिज संपदा से समृद्ध है। लेकिन यहां के लोग गरीब हैं और उन्होंने राज्य की स्थिति में सुधार न करने के लिए उन्होंने सीएम नवीन पटनायक को दोषी ठहराया था।
इस बयान पर पलटवार करते हुए वरिष्ठ नेता वीके पांडियन ने कहा कि हां, ओडिशा खनिजों से समृद्ध है और यहां अपार संपदा है। लेकिन लाभ केंद्र को जाता है। बावजूद ओडिशा को उसके अधिकार नहीं दिए जाते। केंद्र ओडिशा में कोयला खदानों और रेलवे से लगभग 50,000 से 60,000 करोड़ रुपये लेता है। जबकि देता तो सिर्फ 4,000 करोड़ रुपये।
उन्होंने कहा कि जब हम इन मुद्दों को उठाते हैं, वे श्री जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार के बारे में बात करके और अपमानजनक भाषा का उपयोग करके सीएम का अनादर कर विषय को भटका देते हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र पिछले 10 वर्षों से कोयला रॉयल्टी के संशोधन में देरी कर रहा है। इससे राज्य को प्रति वर्ष लगभग 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा, "राज्य कोयला खनन के कारण प्रदूषण झेल रहा है, केंद्र को अधिकतम लाभ मिल रहा है।"
नेता वीके पांडियन ने आरोप लगाया कि भगवा पार्टी किसानों की समस्याओं को हल करने में "विफल" रही है। पांडियन ने कहा, "वे किसानों की एमएसपी और आय को दोगुना करने में विफल रहे हैं, जो 2014 में केंद्र में सत्ता में आने के बाद किया गया वादा था। अब चुनाव से 10 दिन पहले, उन्हें अचानक किसानों की याद आ गई। वे एक क्विंटल धान के लिए 3,100 रुपये एमएसपी का वादा करके एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में शामिल हो गए।
देश में लोकसभा चुनाव चल रहे हैं। सात चरणों में होने वाले लोकसभा चुनाव के छह चरण हो चुके हैं। 4 जून को मतगणना होनी। इसी बीच बीजेडी नेता और 5T के चेयरमैन वीके पांडियन ने मुख्यमंत्री पद को लेकर बड़ा दावा किया। साथ ही उन्होंने ओडिशा सीएमओ में अधिकारियों के खिलाफ चुनाव आयोग की कार्रवाई पर कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। चुनाव आयोग ने सीएमओ में काम कर रहे कुछ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की।
उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि वे दोनों अधिकारी ओडिशा के बेहतरीन अधिकारी हैं। दोनों अधिकारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर ओडिशा में नक्सलवाद को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुझे लगता है कि उनकी प्रतिबद्धता, समर्पण और बलिदान के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च अधिकारियों द्वारा सम्मानित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा बीजेडी के हाथों अपनी हार को पचा नहीं पा रही है। वह नवीन बाबू की लोकप्रियता और ओडिशा के लोगों पर उनके प्रभाव के सामने टिक नहीं पा रही है।"
उन्होंने मुख्यमंत्री सीट का दावा करते हुए कहा कि मुझे लगता है कि 9 जून को 'भूमिपुत्र' सत्ता संभालेंगे। जो न केवल ओड़िया बोलते है बल्कि ओडिशा के लोगों के दिलों में रहते है। उन्होंने कहा कि 9 जून को सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच धरती का बेटा ही मुख्यमंत्री का पद संभालेगा।