लोकसभा चुनावों को लेकर निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में एक अहम फैसला लिया है। यहां मतदान उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाने वाले सभी वाहनों में जीपीएस लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम स्थापित किया जाएगा। आयोग ने कहा है कि इस संबंध में मतदान कर्मियों को सूचना भेज दी गयी है।
अधिकारी ने बताया, 'चुनाव से एक दिन पहले वितरण/फैलाव केंद्र और प्राप्ति केंद्र (डीसीआरसी) से मतदान केंद्र तक ईवीएम और अन्य मतदान सामग्री की आवाजाही पर नजर रखने के लिए जीपीएस ट्रैकिंग प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा यह सुनिश्चित किया जाए कि मतदान के बाद स्ट्रांग रूम में लाते समय कोई छेड़छाड़ न हो।'
चुनाव आयोग ने प्रशासन से कहा है कि अगर कोई गड़बड़ी नजर आती है तो तुरंत कार्रवाई की जाए, साथ ही संबंधित वाहनों के ड्राइवरों और ईवीएम के प्रभारी कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाए।इस बीच, आयोग ने सोमवार को स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव अर्नब चटर्जी को सीईसी में संयुक्त मुख्य चुनाव अधिकारी नियुक्त किया।
एक आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि चटर्जी ने राहुल नाथ का स्थान लिया है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में सात चरणों में चुनाव होगा। बंगाल की 42 लोकसभा सीटों पर 19 अप्रैल, 26 अप्रैल, 07 मई, 13 मई, 20 मई, 25 मई और एक जून को मतदान होंगे। देशभर में चार जून को लोकसभा चुनाव के नतीजे आएंगे।
भाजपा और टीएमसी के बीच हुई थी कांटे की टक्कर
पिछली बार की तरह इस बार फिर बंगाल में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा का सीधा सामना ममता बनर्जी की टीएमसी से होने वाला है। पिछली लोकसभा चुनाव में भाजपा और टीएमसी के बीच कांटे की टक्कर हुई थी। जहां भाजपा ने 18 सीटें तो टीएमसी ने 22 सीटें जीतीं थी। 2014 के लोकसभा चुनाव में 17 फीसदी वोट के साथ महज दो सीटें जीतने वाली भाजपा ने 2019 में 40 फीसदी वोट के साथ 18 सीटें जीतकर जबरदस्त राजनीतिक उलटफेर किया था।