लोकसभा चुनाव 2024
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देश में इस समय चुनाव की सरगर्मी है। लोकसभा के चुनाव 19 अप्रैल से लेकर 1 जून सात चरणों में कराए जाएंगे। उधर प्रत्याशियों के नामांकन का दौर भी जारी है। केंद्र की सत्ताधारी भाजपा ने 400 से अधिक सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। वहीं, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अब तक 200 से ज्यादा प्रत्याशियों ने नामों की घोषणा कर दी है। इसके अलावा, सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस जैसे दलों ने भी कई चेहरों की घोषणा कर दी है।
उम्मीदवारों के एलान के साथ उन्हें बदले जाने की भी सूचियां जारी हो रही हैं। मेरठ और मिश्रिख लोकसभा सीट पर तो समाजवादी पार्टी ने तो एक नहीं बल्कि दो बार उम्मीदवार बदल दिया।
आइये जानते हैं कि एक बार घोषणा के बाद किन पार्टियों ने अपने उम्मीदवार बदले हैं? ये सीटें कौन सी हैं? आखिर चेहरे बदलने की वजह क्या रही?
सपा ने इन सीटों पर बदलाव किया
गठबंधन के तहत उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन हुआ है। 80 लोकसभा सीटों वाले इस राज्य में सपा ने कांग्रेस को 17 सीटें दी हैं। इस बीच, समाजवादी पार्टी ने कई सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। वहीं, कुछ पर उम्मीदवार बदले भी हैं। जिन सीटों पर उम्मीदवार बदले गए हैं। उनमें मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, बागपत, मुरादाबाद, संभल, मिश्रिख, बिजनौर जैसी सीटें शामिल हैं।
मेरठ: सपा ने मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से दो बार प्रत्याशी बदला है। पहली बार सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता भानु प्रताप सिंह को प्रत्याशी बनाया गया था। भानु की जगह विधायक अतुल प्रधान को टिकट मिला था। प्रधान ने नामांकन भी कर दिया था। हालांकि, उनका टिकट भी काट दिया गया और अब उनकी जगह सुनीता वर्मा उम्मीदवार बनीं। गुरुवार को नामांकन के आखिरी दिन सुनीता ने नामांकन दाखिल कर दिया। 15 मार्च को सपा ने सूची जारी कर भानु प्रताप सिंह को उम्मीदवार घोषित किया। बाहरी उम्मीदवार बता कर उनका विरोध होने लगा। एक अप्रैल को अतुल प्रधान को उम्मीदवार घोषित कर दिया। फिर भी विरोध नहीं थमा। इसके बाद नामांकन के आखिरी दिन 4 अप्रैल को अतुल प्रधान का टिकट काटकर सुनीता वर्मा को मेरठ सीट से उम्मीदवार बना दिया गया।
बदायूं: पहले धर्मेंद्र यादव को टिकट मिला था लेकिन उनकी जगह शिवपाल सिंह यादव को उम्मीदवार बनाया गया। अब अटकलें लगाई जा रही हैं कि शिवपाल सिंह यादव के स्थान पर उनके बेटे आदित्य यादव को चुनाव लड़ाया जा सकता है।
बागपत: सपा ने बागपत में नामांकन खत्म होने से एक दिन पहले प्रत्याशी बदल दिया। यहां अमरपाल शर्मा को प्रत्याशी बनाया गया। सपा ने पहले अपने पुराने कार्यकर्ता मनोज चौधरी को प्रत्याशी बनाया था।
गौतमबुद्धनगर: यहां से लोकसभा प्रत्याशी की पहले ही घोषणा कर दी गई थी। नोएडा से पहले राहुल अवाना प्रत्याशी थे। लेकिन बाद में सपा ने प्रत्याशी को बदल दिया। अब महेंद्र नागर को प्रत्याशी बनाया है।
मिश्रिख: यहां से सपा ने दो बार प्रत्याशी बदले हैं। मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र से सपा ने सबसे पहले पूर्व मंत्री रामपाल राजवंशी को प्रत्याशी घोषित किया था। बाद में रामपाल राजवंशी ने अपनी अवस्था और अस्वस्थता का हवाला दिया, तो पार्टी ने उनके बेटे मनोज राजवंशी को प्रत्याशी घोषित कर दिया। फिर मनोज राजवंशी की पत्नी और सीतापुर से जिला पंचायत सदस्य संगीता राजवंशी को प्रत्याशी घोषित किया गया।
बिजनौर: यहां यशवीर सिंह धोबी का टिकट काटकर नूरपुर सपा ने विधायक रामअवतार सैनी के पुत्र दीपक सैनी को प्रत्याशी बनाया है।
मुरादाबाद: सपा ने सांसद एसटी हसन को अपना प्रत्याशी बनाया था। बाद में एसटी हसन के स्थान पर रुचि वीरा को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। राजनीतिक गलियारों में चर्चा रही कि आजम खां की नाराजगी को देखते हुए सपा नेतृत्व ने मुरादाबाद से मौजूदा सांसद एसटी हसन का टिकट काटते हुए रुचि वीरा को मैदान में उतारा।
खजुराहो: लोकसभा चुनाव के लिए मध्य प्रदेश की खजुराहो सीट पर भी समाजवादी पार्टी ने प्रत्याशी बदला। पहले मनोज यादव उम्मीदवार थे जिनकी जगह निवाड़ी से पूर्व विधायक मीरा दीपनारायण यादव को उम्मीदवार बनाया गया। हालांकि, मीरा यादव का नामंकन शुक्रवार को रद्द हो गया।
वाराणसी और संभल में इस वजह से बदलाव
वाराणसी: कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे पर सहमति के बाद समाजवादी पार्टी वाराणसी लोकसभा सीट से अपना प्रत्याशी वापस ले लिया। पहले सपा ने पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल को प्रत्याशी घोषित किया था। बाद में सीट कांग्रेस के पास चली गई। कांग्रेस ने यूपी इकाई के अध्यक्ष अजय राय को यहां से अपना उम्मीदवार बनाया है।
संभल: सपा ने डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क को संभल लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित कर दिया था। बर्क तीन फरवरी को अचानक बीमार हो गए और इसी बीमारी के चलते उनका निधन हो गया। बाद में सपा ने शफीकुर्रहमान बर्क के पोते व कुंदरकी विधानसभा सीट से पार्टी के विधायक जियाउर्रहमान बर्क को संभल से प्रत्याशी घोषित किया।
कांग्रेस ने भी बदले चेहरे
कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए 220 से अधिक उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुकी है। हालांकि, कई प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस ले लिए हैं जिसकी वजह से पार्टी को अपने उम्मीदवार बदलने पड़े हैं।
सीतापुर: यूपी की इस सीट से कांग्रेस ने पूर्व मंत्री नकुल दुबे के उम्मीदवार घोषित किया था। हालांकि, स्थानीय विरोध की वजह से कांग्रेस को टिकट बदलना पड़ा। नकुल दुबे के स्थान पर पूर्व विधायक राकेश राठौर की घोषणा की गई।
भीलवाड़ा: पूर्व केंद्रीय मंत्री सीपी जोशी को दामोदर गुर्जर के स्थान पर राजस्थान के भीलवाड़ा से मैदान में उतारा गया। सीपी जोशी पिछले साल विधानसभा चुनाव हारने से पहले पिछली राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष थे।
राजसमंद: राजस्थान की राजसमंद लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी सुदर्शन सिंह रावत ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। उन्होंने पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा को पत्र लिखकर किसी और को टिकट देने की बात भी कही। राजसमंद लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने अपना नया प्रत्याशी दामोदर गुर्जर को घोषित किया है।
अहमदाबाद पूर्व: गुजरात की अहमदाबाद पूर्व लोकसभा सीट से कांग्रेस ने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रोहन गुप्ता को अपना उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, रोहन गुप्ता ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि उनके पिता की तबीयत ठीक नहीं है, इस कारण वह चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। कुछ दिन बाद ही रोहन गुप्ता ने पार्टी में अज्ञात नेताओं द्वारा चरित्र हनन का हवाला देते हुए पार्टी से इस्तीफा भी दे दिया।
भाजपा के दो उम्मीदवारों ने वापस लिया नाम
भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अब तक नौ सूची जारी कर चुकी है। इसमें पार्टी ने 400 से ज्यादा चेहरों का एलान कर दिया है। हालांकि, अब तक पार्टी के दो उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिए हैं।
आसनसोल: लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा की पहली सूची जारी हुई तो उसमें भोजपुरी स्टार पवन सिंह का भी नाम था। उन्हें पश्चिम बंगाल में आसनसोल सीट से टिकट दिया गया था। यहां से 'बिहारी बाबू' शत्रुघ्न सिन्हा टीएमसी के मौजूदा सांसद हैं। महज 24 घंटे भी नहीं हुए थे कि पवन ने बतौर प्रत्याशी अपना नाम वापस ले लिया। हालांकि, इस बीच तृणमूल कांग्रेस ने पवन सिंह की कुछ पुरानी फिल्मों के दृश्य साझा किए और इन्हें बंगाली अस्मिता के खिलाफ बताया। हालांकि, भाजपा ने अब तक यहां से अपने उम्मीदवार का एलान नहीं किया है।
बाराबंकी: आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद बाराबंकी सांसद उपेंद्र रावत ने यहां से अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी। सांसद ने निर्दोष साबित होने तक कोई चुनाव नहीं लड़ने की बात कही थी। इस मामले में उपेंद्र ने दावा किया था, 'मेरी छवि धूमिल करने लिए एडिटेड वीडियो वायरल किया गया है। कुछ लोगों को मुझे दोबारा टिकट मिलना गंवारा नहीं था। यह घिनौना कृत्य जिन लोगों ने किया है उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। पार्टी प्रत्याशी हूं, जांच में निर्दोष साबित होने के बाद ही चुनाव लडूंगा।'
बाद में भाजपा ने बाराबंकी लोकसभा क्षेत्र से राजरानी रावत को प्रत्याशी घोषित कर दिया। पहले राजरानी जिला पंचायत सदस्य विधानसभा का चुनाव जीत चुकी हैं। इसके अलावा बॉक्सर विजेंदर सिंह को मथुरा से टिकट मिलने की अटकलें थीं। इस बीच उन्होंने पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। इसके बाद कांग्रेस ने यहां से मुकेश धनगर को मथुरा से अपना उम्मीदवार बनाया है।
टिकट मिलने के बाद भाजपा में चले गए AAP प्रत्याशी
जालंधर: आप ने जालंधर सीट से सांसद सुशील कुमार रिंकू को टिकट दिया था। रिंकू ने प्रचार शुरू कर दिया था लेकिन बाद में वह भाजपा में चले गए। हालांकि, AAP ने अब तक यहां दोबारा अपने उम्मीदवार का एलान नहीं किया है। वहीं, रिंकू अब इस सीट से भाजपा के उम्मीदवार हैं।