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Election 2024: इस चुनाव में 96.8 करोड़ मतदाता, 2019 के मुकाबले 6% बढ़े, जानें महिला-पुरुष और युवा वोटर कितने?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Sat, 16 Mar 2024 04:55 PM IST

सार

Electors In India: विश्व में सबसे बड़ा मतदाता वर्ग भारत में है। देशभर में कुल 96.88 करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं। पुरुष मतदाताओं की संख्या 49.7 करोड़ है जबकि महिला मतदाता 47.1 करोड़ हैं।
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लोकसभा चुनाव 2024 - फोटो : AMAR UJALA

देश में लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया गया है। इस दौरान आयोग ने आम चुनावों के लिए पंजीकृत मतदाताओं के आंकड़े भी जारी किए। ईसीआई के अनुसार, देश में आगामी लोकसभा चुनाव के लिए 96.88 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं।

आइये जानते हैं चुनाव आयोग के अनुसार देश में कितने मतदाता हैं? महिला और पुरुष वोटर कितने हैं? पहली बार के मतदाता कितने हैं? अन्य वोटरों के आंकड़े क्या हैं?

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लोकसभा चुनाव 2024 - फोटो : AMAR UJALA

देश में लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया गया है। इस दौरान आयोग ने आम चुनावों के लिए पंजीकृत मतदाताओं के आंकड़े भी जारी किए। ईसीआई के अनुसार, देश में आगामी लोकसभा चुनाव के लिए 96.88 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं।

आइये जानते हैं चुनाव आयोग के अनुसार देश में कितने मतदाता हैं? महिला और पुरुष वोटर कितने हैं? पहली बार के मतदाता कितने हैं? अन्य वोटरों के आंकड़े क्या हैं?

लोकसभा चुनाव 2024 - फोटो : AMAR UJALA

चुनाव आयोग के अनुसार देश में कितने मतदाता हैं?
आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। चुनाव आयोग ने 1 जनवरी, 2024 को अर्हता तिथि के संदर्भ में ये आंकड़े जारी किए हैं। अंतिम रूप से प्रकाशित मतदाता सूची के मुताबिक, देशभर में कुल 96.88 करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं। इस तरह से विश्व में सबसे बड़ा मतदाता वर्ग हमारे देश में है। 2019 में यह आंकड़ा 89.6 करोड़ था। 

लोकसभा चुनाव 2024 - फोटो : AMAR UJALA

महिला और पुरुष वोटर कितने हैं?
देश में पुरुष मतदाताओं की संख्या 49.7 करोड़ है, जबकि 2019 में यह आंकड़ा 46.5 करोड़ था। दूसरी ओर महिला मतदाता 47.1 करोड़ हैं जो पिछले चुनाव में 43.1 करोड़ थी। चुनाव आयोग ने बताया है कि मतदाता सूची में लिंगानुपात सकारात्मक रूप से बढ़ा है। यह देश के लोकतांत्रिक ढांचे को आकार देने में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का संकेत भी देता है। मतदाता सूची में 2.63 करोड़ से अधिक नए मतदाताओं को शामिल किया गया है। इनमें से लगभग 1.41 करोड़ महिला मतदाता जबकि 1.22 करोड़ पुरुष मतदाता हैं। इस तरह से नए महिला मतदाताओं की संख्या नए पुरुष मतदाताओं के मुकाबले 15% अधिक है। 

बीते पांच वर्षों (2019-2024) में मतदाता लिंगानुपात में काफी सुधार हुआ है। लिंगानुपात 2019 में 928 था जो 2020 में बढ़कर 932 और 2021 में 935 हो गया। 2022 और 2023 में यह 940 ही रहा। वहीं 2024 में बढ़कर 948 हो गया है।

लोकसभा चुनाव 2024 - फोटो : AMAR UJALA

युवा मतदाताओं की संख्या कितनी है?
किसी भी लोकतांत्रिक देश में युवाओं की भूमिका काफी अहम होती है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, देश में 18-19 आयु वर्ग के 1.85 करोड़ युवा मतदाता हैं। पिछली बार यह आंकड़ा 1.5 करोड़ था। 18-19 और 20-29 आयु वर्ग के 2 करोड़ से अधिक युवा मतदाताओं को मतदाता सूची में जोड़ा गया है। ईसीआई ने  बताया कि निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर विशेष सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) नियुक्त किए गए थे ताकि शैक्षणिक संस्थानों से सीधे युवाओं के नामांकन की सुविधा मिल सके।

इसके अलावा 17 साल से अधिक युवाओं के लिए अग्रिम आवेदन भी मांगे गए हैं। साल में मिलने वाले तीन मौकों पर कुल 10.64 लाख से अधिक अग्रिम आवेदन प्राप्त हुए हैं।

दिव्यांग मतदाता कितने हैं?
मौजूदा समय में देशभर में दिव्यांग मतदाता 88.35 लाख हैं। वहीं बीते लोकसभा चुनाव के दौरान 45.64 लाख PwD मतदाता थे। चुनाव आयोग ने कहा कि मतदान के दिन पहुंच और समावेशिता सुनिश्चित करके दिव्यांग व्यक्तियों का समर्थन करने का एक सराहनीय प्रयास किया गया है।

अन्य मतदाताओं का हाल क्या है?
चुनाव आयोग ने बताया है कि देशभर में 48,044 अन्य मतदाता हैं। वहीं 2019 में अन्य मतदाता 39,683 थे।

डुप्लिकेट समेत इन वोटर्स के नाम हटे
ईसीआई ने जानकारी दी है कि घर-घर सत्यापन के बाद 1,65,76,654 मृतकों, स्थायी रूप से स्थानांतरित और डुप्लिकेट मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। इसमें 67,82,642 मृत मतदाता, 75,11,128 स्थायी रूप से स्थानांतरित/अनुपस्थित मतदाता और 22,05,685 डुप्लिकेट मतदाता शामिल हैं।

आयोग ने कहा है कि कमजोर जनजातीय समूहों पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया है। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के 100% पंजीकरण को प्राप्त करने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं। इससे मतदाता सूची अब तक की सबसे समावेशी बन गई है।

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