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Lok Sabha Polls: 2019 के मुकाबले 2024 में SC-ST सीटों पर भाजपा को भारी नुकसान; कांग्रेस को 23 सीटों का फायदा

स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Tue, 04 Jun 2024 07:10 PM IST

सार

Lok Sabha Election: लोकसभा की कुल 543 सीटें में से 412 सामान्य सीटें हैं। वहीं अनुसूचित जाति के लिए 84 और अनुसूचित जनजाति के लिए 47 सीटें आरक्षित हैं। बीते चुनाव में अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित कुल 84 सीटों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी थी।
 
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LS Polls - फोटो : AMAR UJALA

लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे आज जारी हो गए। देशभर में 19 अप्रैल से 1 जून के बीच सात चरण में मतदान कराए गए थे। मतदान प्रकिया पूरी होने के बाद अब बारी थी नतीजों की। मंगलवार को 543 में से 542 सीटों के नतीजे घोषित किए गए। भाजपा नीत एनडीए बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है, जबकि विपक्षी गठबंधन भी 230 से ज्यादा सीटें जीतते दिखाई दे रही है।  

पूरे चुनाव के दौरान आरक्षण और संविधान के मुद्दे पर पार्टियों में जुबानी जंग देखने को मिली। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सत्ता में आई तो एससी-एसटी का आरक्षण छीनकर मुस्लिमों को दे दिया जाएगा। वहीं, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता में आई तो संविधान बदल दिया जाएगा और एससी-एसटी का आरक्षण खत्म कर दिया जाएगा। खैर 4 जून के नतीजों के बाद यह साफ हो गया कि देश की जनता ने किस पर भरोसा जताया और किस पर नहीं?

आइये जानते हैं कि लोकसभा में एससी-एसटी के लिए कितनी सीटें आरक्षित हैं? 2019 के लोकसभा चुनाव में नतीजे कैसे थे? बीते चुनाव में आरक्षित सीटों पर किस पार्टी को कितनी सीटें मिली थीं?

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LS Polls - फोटो : AMAR UJALA

लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे आज जारी हो गए। देशभर में 19 अप्रैल से 1 जून के बीच सात चरण में मतदान कराए गए थे। मतदान प्रकिया पूरी होने के बाद अब बारी थी नतीजों की। मंगलवार को 543 में से 542 सीटों के नतीजे घोषित किए गए। भाजपा नीत एनडीए बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है, जबकि विपक्षी गठबंधन भी 230 से ज्यादा सीटें जीतते दिखाई दे रही है।  

पूरे चुनाव के दौरान आरक्षण और संविधान के मुद्दे पर पार्टियों में जुबानी जंग देखने को मिली। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सत्ता में आई तो एससी-एसटी का आरक्षण छीनकर मुस्लिमों को दे दिया जाएगा। वहीं, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता में आई तो संविधान बदल दिया जाएगा और एससी-एसटी का आरक्षण खत्म कर दिया जाएगा। खैर 4 जून के नतीजों के बाद यह साफ हो गया कि देश की जनता ने किस पर भरोसा जताया और किस पर नहीं?

आइये जानते हैं कि लोकसभा में एससी-एसटी के लिए कितनी सीटें आरक्षित हैं? 2019 के लोकसभा चुनाव में नतीजे कैसे थे? बीते चुनाव में आरक्षित सीटों पर किस पार्टी को कितनी सीटें मिली थीं?

लोकसभा चुनाव 2024 परिणाम - फोटो : AMAR UJALA

पहले जानते हैं कि लोकसभा में किसके लिए कितनी सीटें आरक्षित हैं?
लोकसभा में देशभर से कुल 543 सांसद चुने जाते हैं। इनमें से 412 लोकसभा सीटें सामान्य हैं। वहीं अनुसूचित जाति के लिए 84 और अनुसूचित जनजाति के लिए 47 सीटें आरक्षित की गई हैं। 

पिछले चुनाव के नतीजे क्या थे?
2019 में देशभर में सात चरणों में चुनाव कराए गए थे। ये चुनाव 543 में 542 सीटों के लिए कराए गए थे। तमिलनाडु के वेल्लोर लोकसभा क्षेत्र में भारी नकदी बरामदगी के बाद लोकसभा चुनाव रद्द कर दिया गया था। इस तरह से 542 सीटों पर हुए चुनाव के नतीजे 23 मई 2019 को घोषित हुए थे। नतीजे सामने आए तो भारतीय जनता पार्टी ने लगातार दूसरी बार खुद के दम पर सत्ता में आई। भाजपा ने सबसे ज्यादा 303 सीटें जीतीं। इसके बाद कांग्रेस को महज 52 सीटों पर जीत मिली थी। इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस के 22 सांसद, बसपा के 10, भाकपा के 2, माकपा के 3 और एनसीपी के 5 सांसद जीते थे।

लोकसभा चुनाव 2024 परिणाम - फोटो : AMAR UJALA

इस चुनाव में आरक्षित सीटों पर किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं? 
इस बार आरक्षित सीटों की बात करें तो अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित कुल 84 सीटों में इस बार भी भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी है। हालांकि, उसे बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। पार्टी इस बार 84 में से 28 संसदीय क्षेत्रों में ही जीत पाई है। इसके बाद 35 सीटों पर अन्य दलों के उम्मीदवार जीते है। वहीं देश की मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने 20 और आप ने एक सीट पर सफलता हासिल की है।

वहीं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित 47 सीटों में से भी अधिकतर भाजपा ने ही कब्जाई हैं, लेकिन यहां भी उसे नुकसान हुआ है। पार्टी ने 47 में से 24 सीटों पर जीत हासिल की है, जोकि पिछले बार से सात कम हैं। इसके बाद कांग्रेस को 13 और अन्य को 10 सीटें मिली हैं।

बीते चुनाव में आरक्षित सीटों पर किस पार्टी को कितनी सीटें मिली थीं? 

कुल 412 सामान्य सीटों में भाजपा ने आधे से ज्यादा सीटों पर सफलता हासिल की थी। पार्टी को 412 में से 226 सीटों पर जीत मिली थी। इसके बाद 144 सांसद अन्य दलों के जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। वहीं कांग्रेस को इन 412 में से 42 सीटों पर जीत मिली थी। 

अब आरक्षित सीटों की बात करें तो अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित कुल 84 सीटों में भी भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। पार्टी को 84 में से 46 संसदीय क्षेत्रों में जीत मिली थी। इसके बाद 32 सीटों पर अन्य दलों के उम्मीदवार जीते थे। वहीं देश की मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने महज छह सीटों पर सफलता हासिल की थी।

वहीं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित 47 सीटों में से अधिकतर भाजपा ने कब्जाई थीं। पार्टी ने 47 में से 31 सीटों पर जीत हासिल की थी। इसके बाद 12 उम्मीदवार अन्य दलों के जीतकर संसद पहुंचे थे। इसके अलावा कांग्रेस ने केवल चार सीटों पर सफलता हासिल की थी।

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