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Arunachal: मतगणना से पहले ही भाजपा को मिलीं ये 10 सीटें, CM से लेकर पूर्व सीएम की पत्नी तक निर्विरोध जीतीं

स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Sun, 02 Jun 2024 07:38 AM IST

सार

Arunachal Pradesh Election: 60 सदस्यीय अरुणाचल प्रदेश विधानसभा में 10 सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं। राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू मुक्तो विधानसभा सीट से निर्विरोध चुने गए हैं। वहीं, उप-मुख्यमंत्री चाउना मीन भी निर्विरोध विधानसभा का चुनाव जीत गए हैं।
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अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2024 - फोटो : AMAR UJALA

देश में लोकसभा चुनावों के साथ चार राज्यों में विधानसभा के चुनाव भी हुए। 60 सदस्यीय अरुणाचल प्रदेश विधानसभा के लिए 19 अप्रैल को मतदान कराया गया था। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने शुरू हो गए हैं। हालांकि, मतगणना से पहले ही 10 सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए थे। निर्विरोध चुने जाने वालों में राज्य के मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। 

आइये जानते हैं किन सीटों पर निर्विरोध चुनाव हुआ?बिना चुनाव लड़े जीतने वाले उम्मीदवार कौन हैं? 

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अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2024 - फोटो : AMAR UJALA

देश में लोकसभा चुनावों के साथ चार राज्यों में विधानसभा के चुनाव भी हुए। 60 सदस्यीय अरुणाचल प्रदेश विधानसभा के लिए 19 अप्रैल को मतदान कराया गया था। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने शुरू हो गए हैं। हालांकि, मतगणना से पहले ही 10 सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए थे। निर्विरोध चुने जाने वालों में राज्य के मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। 

आइये जानते हैं किन सीटों पर निर्विरोध चुनाव हुआ?बिना चुनाव लड़े जीतने वाले उम्मीदवार कौन हैं? 

पेमा खांडू: राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू मुक्तो विधानसभा सीट से निर्विरोध चुने गए हैं। विधायक के रूप में यह खांडू का चौथा कार्यकाल होगा, जिसमें उन्होंने तीन बार निर्विरोध जीत हासिल की। वह तवांग जिले के मुक्तो निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। पेमा खांडू जुलाई 2016 से अब तक अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। उनके पिता पिता स्वर्गीय दोरजी खांडू भी अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। पेमा खांडू 2011 में जार्बोम गैमलिन सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। इसके बाद में 2014 में उन्हें नबाम तुकी सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया।

चाउना मीन: वर्तमान अरुणचल प्रदेश सरकार में चौना मेन उप-मुख्यमंत्री के साथ-साथ वित्त मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वह चौखम सीट से निर्विरोध विधानसभा का चुनाव जीत गए हैं। कांग्रेस से मीन के एकमात्र विपक्षी उम्मीदवार बयामसो क्रि ने नाम वापसी की अंतिम तिथि पर अपना नामांकन वापस ले लिया। चाउना मीन पिछली बार भी इसी सीट से चुने गए थे। 

डोंगरू सियोंगजू: बोमडिला-नफरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार डोंगरू सियोंगजू विधानसभा चुनाव में बिना किसी मुकाबले के जीत गए हैं। उनके एकमात्र प्रतिद्वंद्वी नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के पूर्व मंत्री जापू डेरू ने नामांकन वापस लेने के अंतिम दिन अपना नामांकन वापस ले लिया था। इसके चलते डोंगरू को यह जीत मिली। 

दासांगलू पुल: पूर्व मुख्यमंत्री कलिखो पुल की पत्नी दासांगलू पुल हयुलियांग विधानसभा सीट से निर्विरोध विधायक चुनी गई हैं। दासांगलू का निर्विरोध निर्वाचन उनके एकमात्र प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के बाफुत्सो क्रोंग की नामांकन वापसी के बाद हुआ। उन्हें लोग अंजॉ जिले की 'आयरन लेडी' के रूप में जानते हैं। दासांगलू अपने पति कलिखो के असामयिक निधन के बाद से हयुलियांग की विधायक हैं। वह पहली बार 2016 में विधायक बनी थीं।

तेची कासो: ईटानगर सीट से चुनाव मैदान में उतरे भाजपा उम्मीदवार तेची कासो का निर्विरोध निर्वाचित हुआ है। मुख्य चुनाव अधिकारी ने एनपीपी उम्मीदवार ताई तड़प का नामांकन खारिज कर दिया था। पिछली बार वह जदयू के टिकट पर ईटानगर से चुनाव जीते थे। भाजपा में आने से पहले तीन बार के विधायक कासो एनसीपी, कांग्रेस और जेडीयू में भी रह चुके हैं। अगस्त 2022 में जदयू विधायक भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की उपस्थिति में नई दिल्ली में पार्टी में शामिल हुए थे।

मुच्चू मीठी: निचली दिबांग घाटी जिले की रोइंग सीट से विधायक मुच्चू मीठी का निर्विरोध नामांकन हुआ है। नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मीठी फरवरी 2024 में भाजपा में शामिल हुए थे। मुच्चू मीठी 2019 में एनपीईपी के टिकट पर जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। 

रातू तेची: पापुम पारे जिले के सागली विधानसभा क्षेत्र से रातू तेची निर्विरोध विधायक चुने गए हैं। सेवानिवृत्त इंजीनियर तेची के खिलाफ किसी भी उम्मीदवार द्वारा नामांकन दाखिल नहीं किया गया था। सागली लंबे समय से कांग्रेस का गढ़ रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नबाम तुकी कई वर्षों से इसका प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। तुकी इस बार लोकसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। भाजपा के तेची कांग्रेस के गढ़ को तोड़ने में कामयाब रहे हैं।

जिक्के ताको: ताली सीट से भाजपा उम्मीदवार जिक्के ताको निर्विरोध चुने गए हैं। दिसंबर 2020 में जदयू के छह और पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) के एक विधायक अरुणाचल प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल हो गए थे। इन विधायकों में जिक्के ताको भी शामिल हैं जो 2019 में जदयू के टिकट पर चुने गए थे। 

न्यातो दुकाम: किसी भी विपक्षी उम्मीदवार के न होने कारण भाजपा के न्यातो दुकाम तालिहा सीट से चुनाव जीत गए हैं। 2019 में भी वह भाजपा के टिकट पर जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। कांग्रेस ने इस निर्वाचन क्षेत्र में कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था।

तापी माली: निचले सुबनसिरी जिले के जीरो-हापोली सीट से भाजपा उम्मीदवार तापी माली निर्विरोध विधानसभा चुनाव जीत गए हैं। अपातानी यूथ एसोसिएशन के अध्यक्ष तापी माली ने पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) के टिकट से भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ नामांकन दाखिल किया था। स्थानीय रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पीपीए ने तापी माली का टिकट वापस ले लिया।

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