Champai Soren: सत्ता मिलने से छिनने तक, दिल्ली-कोलकाता में मुलाकातें, क्या है चंपई के भाजपा में आने की कहानी?
झारखंड में साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ही सियासी हलचल बढ़ गई है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन रांची में भाजपा में शामिल हो गए हैं। उन्होंने वरिष्ठ भाजपा नेताओं शिवराज सिंह, हिमंत बिस्वा सरमा, बाबूलाल मरांडी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली।
हाल ही में उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा में खुद का अपमान होने की बात कह कर पार्टी से अलग राह तलाशने की बात कही थी। इसके बाद दिल्ली में चंपई की भाजपा नेतृत्व से मुलाकात हुई और अब अंततः पार्टी का हिस्सा बन गए हैं।
बीते छह महीने में चंपई का सियासी करियर काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा है। इसी दौरान वह मुख्यमंत्री भी बने और पद भी छोड़ना पड़ा और अब पार्टी छोड़कर भाजपा के साथ आ गए हैं। आइये टाइमलाइन के जरिए जानते हैं कि चंपई सोरेन का झामुमो से मोह भंग कैसा हुआ? पार्टी से अलग होने की बात कैसे आई? भाजपा नेतृत्व से कब मुलाकात हुई? झामुमो से इस्तीफा कब दिया? अभी क्या हो हुआ है?