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Jharkhand Hot Seats: हेमंत सोरेन और बाबूलाल मरांडी अपनी सीटों से आगे, झारखंड के दिग्गजों का ये है हाल

स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Sat, 23 Nov 2024 07:11 PM IST

सार

Jharkhand Election Result: झारखंड विधानसभा चुनाव में कुल 1211 उम्मीदवारों ने अपना सियासी भाग्य आजमाया। इनमें मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, आजसू प्रमुख सुदेश महतो जैसै कई चर्चित चेहरे भी हैं। इन दिग्गजों की किस्मत का फैसला भी आज ही होगा। जानिए झारखंड की चर्चित सीटों का समीकरण...

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झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 - फोटो : AMAR UJALA

चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध रुझानों के अनुसार झारखंड में शनिवार को जारी मतगणना में झामुमो नीत इंडिया ब्लॉक 48 सीटों पर आगे चल रहा है जबकि भाजपा नीत राजग 28 सीटों पर आगे है। इस चुनाव में 1211 उम्मीदवारों की सियासी किस्मत का फैसला होना है। मतों की गिनती सुबह आठ बजे शुरू हुई। शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनका परिवार, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, आजसू प्रमुख सुदेश महतो, मंत्री बन्ना गुप्ता, पूर्व उपमुख्यमंत्री स्टीफन मरांडी जैसे कई दिग्गज चेहरे के भविष्य का फैसला होना है। रुझानों के अनुसार, इंडिया ब्लॉक 48, एनडीए 28 और एक निर्दलीय तथा जेएलकेएम दो-दो सीटों पर आगे चल रहे थे।


आइये जानते हैं झारखंड की चर्चित सीटों पर दिग्गजों का मुकाबला किनसे था? इन सीटों पर समीकरण कैसे हैं? पिछली बार यहां के नतीजे कैसे थे? 

 
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झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 - फोटो : AMAR UJALA
चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध रुझानों के अनुसार झारखंड में शनिवार को जारी मतगणना में झामुमो नीत इंडिया ब्लॉक 48 सीटों पर आगे चल रहा है जबकि भाजपा नीत राजग 28 सीटों पर आगे है। इस चुनाव में 1211 उम्मीदवारों की सियासी किस्मत का फैसला होना है। मतों की गिनती सुबह आठ बजे शुरू हुई। शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनका परिवार, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, आजसू प्रमुख सुदेश महतो, मंत्री बन्ना गुप्ता, पूर्व उपमुख्यमंत्री स्टीफन मरांडी जैसे कई दिग्गज चेहरे के भविष्य का फैसला होना है। रुझानों के अनुसार, इंडिया ब्लॉक 48, एनडीए 28 और एक निर्दलीय तथा जेएलकेएम दो-दो सीटों पर आगे चल रहे थे।

आइये जानते हैं झारखंड की चर्चित सीटों पर दिग्गजों का मुकाबला किनसे था? इन सीटों पर समीकरण कैसे हैं? पिछली बार यहां के नतीजे कैसे थे? 
 

झारखंड विधानसभा चुनाव के चर्चित चेहरे - फोटो : अमर उजाला
हेमंत सोरेन: झारखंड के तीन बार मुख्यमंत्री रहे शिबू सोरेन परिवार के कई सदस्य इस चुनाव में उतरे हैं। उनके बेटे और मौजूदा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन साहेबगंज जिले की बरहेट विधानसभा सीट से चुनाव लड़े। हेमंत भी तीन बार झारखंड की सत्ता के शीर्ष तक पहुंच चुके हैं। भाजपा ने हेमंत सोरेन के खिलाफ गमलियाल हेम्ब्रम को उतारा था। हेम्ब्रम ने 2019 में आजसू पार्टी के टिकट पर बरहेट से चुनाव लड़ा था, जहां उन्हें महज 2,573 वोट मिले थे। 2019 में झामुमो नेता ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार साइमन माल्टो को 25,740 मत से हराया था। शुरुआती रुझानों में वे आगे चल रहे हैं। दूसरे दौर की मतगणना के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बरहेट विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के गमलील हेम्ब्रोम से 4,921 मतों से आगे चल रहे हैं। हेमंत सोरेन बरहेट सीट से 39416 वोटों के अंतर से जीत गए हैं।

 


 

झारखंड विधानसभा चुनाव के चर्चित चेहरे - फोटो : अमर उजाला
बाबूलाल मरांडी: राज्य के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी गिरिडीह जिले की धनवार सीट से भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरे थे।  उनके सामने झामुमो ने पूर्व विधायक निजामुद्दीन अंसारी उतारा। बाबूलाल मरांडी नवंबर 2000 से मार्च 2003 तक झारखंड के मुख्यमंत्री थे। इसके अलावा वह झारखंड भाजपा के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। बाबूलाल ने भाजपा से अलग होकर साल 2006 में झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) नाम से अपनी पार्टी बनाई थी। हालांकि, मरांडी ने घर वापसी की और 2020 में पार्टी का भाजपा में विलय कर दिया। 2019 के झारखंड चुनाव में झारखंड विकास मोर्चा के टिकट पर उतरे बाबूलाल मरांडी ने धनवार सीट पर भाजपा के लक्ष्मण प्रसाद सिंह को 17550 वोट से शिकस्त दी थी। बाबूलाल मरांडी ने धनवार सीट पर 35438 वोटों से जीत हासिल की। 

झारखंड विधानसभा चुनाव के चर्चित चेहरे - फोटो : अमर उजाला
चंपई सोरेन: झारखंड की चर्चित सीटों में सरायकेला विधानसभा सीट भी शामिल हैं। पिछले कुछ महीनों में लगातार झारखंड की राजनीति की सुर्खियों में रहे चंपई सोरेन भाजपा के टिकट पर सरायकेला से  ही मैदान में थे। उनके सामने झामुमो ने पूर्व भाजपा नेता गणेश महली को टिकट दिया। हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद चंपई सोरेन ने करीब छह महीने झारखंड की सत्ता संभाली थी। वह 2 फरवरी 2024 से 3 जुलाई 2024 सीएम रहे और हेमंत सोरेन के जेल से बाहर आने के बाद उनकी कुर्सी चली गई। पूर्व सीएम चंपई सोरेन 30 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। सरायकेला में पिछले नतीजे की बात करें तो झारखंड मुक्ति मोर्चा के टिकट पर लड़े चंपई सोरेन ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार गणेश महली को 15667 मत से चुनाव हराया था। इस बार भी दोनों में ही मुकाबला हुआ बस पार्टियां बदल गईं। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा उम्मीदवार चंपई सोरेन, जो पहले राउंड के बाद झामुमो के गणेश महली से सरायकेला में 2,986 मतों से पीछे चल रहे थे, दूसरे राउंड में 856 मतों से आगे चल रहे थे। हालांकि, आखिरकार उन्होंने चुनाव में जीत दर्ज की।

झारखंड विधानसभा चुनाव के चर्चित चेहरे - फोटो : अमर उजाला
सुदेश महतो: झारखंड विधानसभा चुनाव की चर्चित सीटों में सिल्ली विधानसभा सीट भी है। ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन यानी आजसू के मुखिया और दो बार के उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो एक बार फिर सिल्ली से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। 2000 के बाद झारखंड में बनने वाली सरकारों में आजसू ने कई बार किंगमेकर की भूमिका निभाई है। झारखंड में पिछले विधानसभा चुनाव में सुदेश महतो ने सिल्ली सीट पर झामुमो की सीमा देवी को 20195 मत से हराकर यह चुनाव जीता था। 2024 के विधानसभा चुनाव के लिए आजसू ने भाजपा के साथ गठबंधन किया है। समझौते के तौर पर आजसू 81 में से 10 सीटों पर चुनाव लड़ी। इस चुनाव में सुदेश के सामने झारखंड मुक्ति मोर्चा से पूर्व विधायक अमित कुमार उतारा। एनडीए सहयोगी आजसू पार्टी सुप्रीमो सुदेश महतो को सिल्ली में झामुमो के अमित कुमार से इस बार हार मिली है।

झारखंड विधानसभा चुनाव के चर्चित चेहरे - फोटो : अमर उजाला
कल्पना सोरेन: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन गिरिडीह की गांडेय सीट से चुनाव मैदान में उतरी थीं। कल्पना पहली बार की विधायक हैं और वह 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ गांडेय विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीत हासिल कर राजनीति में आई थीं। उन्होंने ने एनडीए गठबंधन से भाजपा के प्रत्याशी दिलीप कुमार वर्मा को 27,149 मतों से पराजित किया था। अब इस चुनाव में झामुमो नेत्री के सामने भाजपा ने जिला परिषद अध्यक्ष मुनिया देवी को उतारा है। मुनिया 2010-11 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जमुआ पूर्वी भाग से जिला परिषद सदस्य निर्वाचित हुई थीं। इसके बाद दो बार जिला परिषद की अध्यक्ष बनीं। जून 2023 में मुनिया देवी भाजपा में शामिल हुई थीं। कल्पना मुर्मू सोरेन मुनिया देवी से चुनाव जीत गईं हैं।

झारखंड विधानसभा चुनाव के चर्चित चेहरे - फोटो : अमर उजाला
महुआ माजी vs सीपी सिंह: रांची विधानसभा सीट के मुकाबले पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। यहां पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह (सीपी सिंह) फिर चुनाव मैदान में उतरे। वह झारखंड बनने से पहले 1996 से रांची सीट से विधायक हैं और तब से कभी चुनाव नहीं हारे। सीपी सिंह के सामने झारखंड मुक्ति मोर्चा ने राज्यसभा सांसद महुआ माजी को उतारा। पिछले चुनाव में दोनों आमने-सामने थे लेकिन उस बार सीपी सिंह ने महुआ को 5904 मत से हरा दिया था। सीपी सिंह ने इस बार भी रांची विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की है।

झारखंड विधानसभा चुनाव के चर्चित चेहरे - फोटो : अमर उजाला
सीता सोरेन: शिबू सोरेन की बहू और स्व. दुर्गा सोरेन की पत्नी सीता सोरेन जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में थीं। हेमंत सोरेन की भाभी को भाजपा ने टिकट दिया। झारखंड में भाजपा की तरफ से 2024 लोकसभा चुनाव में हार का सामना करने वाले कुछ चेहरों को भी विधानसभा में मौका दिया गया। इनमें एक नाम सीता सोरेन का है, जिन्हें लोकसभा में दुमका सीट से हार का सामना करना पड़ा था। जामताड़ा विधानसभा सीट पर इस चुनाव में सीता सोरेन का मुकाबला कांग्रेस के डॉ. इरफान अंसारी से है। दो बार के विधायक इरफान अंसारी झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। उन्होंने 2014 और 2019 के लगातार दो विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की। 2019 में इरफान अंसारी ने भारतीय जनता पार्टी के बीरेंद्र मंडल को 38741 मत से हराया था। इरफान अंसारी के पिता फुरकान अंसारी भी जामताड़ा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक रहे थे। सीता सोरेन 19 में से 18 राउंड की गिनती के बाद 44946 वोट से पीछे चल रहीं हैं।

झारखंड विधानसभा चुनाव के चर्चित चेहरे - फोटो : अमर उजाला
बन्ना गुप्ता vs सरयू राय: जमशेदपुर पश्चिम भी भी राज्य की खास सीटों में शामिल है। यहां कांग्रेस नेता और स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता उम्मीदवार थे। पिछले चुनाव में कांग्रेस नेता ने भाजपा के देवेंद्र नाथ सिंह को 22583 मत से चुनाव हराया था। इस बार उनका सामना जदयू के दिग्गज नेता सरयू राय से हुआ। दशकों तक भाजपा में रहे सरयू राय ने 2019 में जमशेदपुर पूर्वी सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीते थे। उन्होंने इस चुनाव में झारखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुबर दास को हरा दिया था। जमशेदपुर पश्चिम सीट से जदयू के टिकट पर लड़ रहे सरयू राय ने कांग्रेस के बन्ना गुप्ता को 7863 वोटों को हराया। 

झारखंड विधानसभा चुनाव के चर्चित चेहरे - फोटो : अमर उजाला
अजॉय कुमार vs पूर्णिमा साहू: जमशेदपुर पूर्व में भी मुकाबला दो चेहरों के कारण दिलचस्प रहा। कांग्रेस ने यहां से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व सांसद अजॉय कुमार को उतारा। पूर्व आईपीएस अजॉय कुमार 15वीं लोकसभा में जमशेदपुर से सांसद रह चुके हैं। कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य अजॉय पार्टी के कई राज्यों के प्रभारी भी हैं, जिनमें ओडिशा, त्रिपुरा, नगालैंड और सिक्किम शामिल हैं। अजॉय का मुकाबला पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास की बहू और भाजपा उम्मीदवार पूर्णिमा दास से हुआ। 2014 से 2019 तक झारखंड के मुख्यमंत्री रहे रघुबर अब ओडिशा के राज्यपाल बन चुके हैं। 2019 में जमशेदपुर पूर्व सीट पर निर्दलीय सरयू रॉय ने तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुबर दास को 15833 मत से शिकस्त दी थी। इससे पहले यहां से रघुबर दास लगातार पांच बार जीत दर्ज करने में सफल रहे थे। जमशेदपुर पश्चिम सीट से भाजपा की पूर्णिमा साहू कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजॉय कुमार से चुनाव जीत गईं हैं।

झारखंड विधानसभा चुनाव के चर्चित चेहरे - फोटो : अमर उजाला
मीरा मुंडा: पूर्वी सिंहभूम जिले की पोटका विधानसभा सीट पर झारखंड के तीन बार मुख्यमंत्री रहे और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा की पत्नी मीरा मुंडा चुनाव मैदान में थीं। हाल में हुए लोकसभा चुनाव में अर्जुन मुंडा खूंटी लोकसभा सीट से उतरे थे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी। अर्जुन मुंडा मार्च 2003 से मार्च 2005, मार्च 2005 से सितंबर 2006 और सितंबर 2010 से जनवरी 2013 तक झारखंड के सीएम रहे थे। अब पोटका से उनकी पत्नी मीरा चुनाव लड़ीं हैं जिनका मुकाबला झामुमो के मौजूदा विधायक संजीब सरदार से हुआ। पिछले चुनाव में संजीब सरदार ने भारतीय जनता पार्टी की मेनका सरदार को 43110 मत से बड़े अंतर से हराया था। पोटका विधानसभा सीट से पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा की पत्नी मीरा मुंडा अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी संजीब सरदार से 27093 वोटों के अंतर से चुनाव हार गईं हैं।

झारखंड विधानसभा चुनाव के चर्चित चेहरे - फोटो : अमर उजाला
गीता कोड़ा: जगन्नाथपुर में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा ने किस्मत आजमाई। 2019 के लोकसभा चुनाव में झारखंड में कांग्रेस की एकमात्र सांसद रहीं गीता कोड़ा ने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा का दामन थाम लिया था। लोकसभा चुनाव में भाजपा ने गीता को सिंहभूम सीट से प्रत्याशी भी बनाया लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। उनके पति मधु कोड़ा सितंबर 2006 से अगस्त 2008 तक झारखंड के मुख्यमंत्री रहे हैं। यह झारखंड के इतिहास में पहली बार था जब सरकार का नेतृत्व एक निर्दलीय विधायक ने किया था। इस बार के चुनाव में गीता का मुकाबला कांग्रेस नेता सोना राम सिंकू से था। जगन्नाथपुर में पिछली बार कांग्रेस के सोना राम सिंकू ने झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के उम्मीदवार मंगल सिंह बोबोंगा को 11606 वोट से हराया था। जगनाथपुर में पूर्व सांसद और भाजपा उम्मीदवार गीता कोड़ा कांग्रेस के सोनाराम सिंकू से 7383 वोटों से चुनाव हार गईं हैं।

झारखंड विधानसभा चुनाव के चर्चित चेहरे - फोटो : अमर उजाला
बसंत सोरेन: शिबू सोरेन के बेटे और मुख्यमंत्री हेमंत के भाई बसंत सोरेन दुमका से झामुमो के टिकट पर फिर मैदान में उतरे। हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद बनी चंपई सोरेन सरकार में बसंत को कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के सबसे छोटे बेटे 44 वर्षीय बसंत सोरेन पार्टी की युवा शाखा के प्रमुख हैं। उनकी राजनीतिक पारी दुमका से तब शुरू हुई जब बड़े भाई हेमंत ने 2005 में राज्य के पहले विधानसभा चुनाव में वहां से चुनाव लड़ा। बसंत ने 2020 में दुमका से उपचुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया, जिसे हेमंत ने दिसंबर 2019 के विधानसभा चुनावों में बरहेट से भी जीत कर खाली किया था। इस चुनाव में बसंत सोरेन के सामने भाजपा से पूर्व सांसद सुनील सोरेन उतरे। 2019 के लोकसभा चुनाव में दुमका सीट पर सुनील ने झामुमो के अध्यक्ष शिबू सोरेन को चुनाव में शिकस्त दी थी। बसंत सोरेन ने इस बार भाजपा के सुनील सोरेन को 14588 वोटों के अंतर से विधानसभा चुनाव में हरा दिया है।

झारखंड विधानसभा चुनाव के चर्चित चेहरे - फोटो : अमर उजाला
राजा पीटर: रांची जिले की तमाड़ विधानसभा सीट पर भी खास बनी हुई है। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को हराने वाले राजा पीटर यहां से फिर चुनाव मैदान में उतरे। पूर्व मंत्री राजा पीटर उर्फ गोपाल कृष्ण पातर 2009 में शिबू सोरेन को तमाड़ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में हराकर पहली बार चर्चा में आए थे। इस हार के बाद शिबू सोरेन को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ गया था। 2019 के विधानसभा चुनाव में तमाड़ सीट पर झामुमो के विकास मुंडा ने जीत हासिल की थी। विकास ने आजसू पार्टी के राम दुर्लाव सिंह मुंडा को 30971 वोट से हराया था। इस बार एनडीए की घटक दल जदयू की तरफ से राजा पीटर प्रत्याशी थे। पीटर का मुकाबला झारखंड मुक्ति मोर्चा के मौजूदा विधायक विकास सिंह मुंडा से हुआ। विकास सिंह मुंडा राजा पीटर से चुनाव जीत गए हैं।

झारखंड विधानसभा चुनाव के चर्चित चेहरे - फोटो : अमर उजाला
नीलकंठ सिंह मुंडा: दक्षिण छोटानागपुर क्षेत्र की खूंटी विधानसभा सीट भी खास है। यहां भाजपा ने अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा को उम्मीदवार बनाया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा की तरफ से राम सूर्य मुंडा मैदान में हैं। नीलकंठ खूंटी सीट से पांच बार के विधायक हैं। वे झारखंड सरकार में संसदीय कार्य और ग्रामीण विकास मंत्री रह चुके हैं। 2019 के चुनाव में खूंटी सीट पर भाजपा के नीलकंठ सिंह मुंडा ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के सुशील पाहन को 26327 मत से हराया था। खूंटी सीट से झामुमो के राम सूर्य मुंडा ने भाजपा के नीलकंठ सिंह मुंडा को 42053 वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की है।

झारखंड विधानसभा चुनाव के चर्चित चेहरे - फोटो : अमर उजाला
स्टीफन मरांडी: आदिवासी बहुल संथाल परगना क्षेत्र के पाकुड़ जिले के महेशपुर सीट पर झामुमो से राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री और झामुमो के दिग्गज नेता स्टीफन मरांडी मैदान मेंं थे। उनके सामने भाजपा ने पूर्व डीएसपी नवनीत हेम्ब्रम को उतारा। जून में अपने पद से इस्तीफा देने वाले नवनीत को भाजपा ने उम्मीदवार बनाने के लिए हाईकोर्ट से लेकर चुनाव आयोग तक पैरवी की थी। 2019 में महेशपुर सीट पर झामुमो के स्टीफन मरांडी ने भाजपा उम्मीदवार मिस्त्री सोरेन को 34106 मत से परास्त किया था। स्टीफन मरांडी 61175 वोटों के अंतर से चुनाव जीत गए हैं।

झारखंड विधानसभा चुनाव के चर्चित चेहरे - फोटो : अमर उजाला
डॉ. लुईस मरांडी: दुमका जिले की जामा विधानसभा सीट पर भी लोगों की नजरें हैं। यह सीट सोरेन परिवार के दबदबे वाली मानी जाती रही है। जामा की जनता ने शिबू सोरेन को एक बार, दुर्गा सोरेन को दो बार और सीता सोरेन को तीन बार चुना है। एक समय पर भारतीय जनता पार्टी की कद्दावर नेता रहीं डॉ. लुईस मरांडी जामा से झामुमो के चेहरे के तौर पर चुनाव मैदान में उतरीं। वह रघुवर दास सरकार में समाज कल्याण मंत्री के साथ-साथ भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहीं हैं। इस साल विधानसभा से पहले लुईस भाजपा छोड़ झामुमो में शामिल हो गईं। इस बार उनके सामने वहीं भाजपा की तरफ से सुरेश मुर्मू थे जो पिछले दो चुनाव बहुत कम अंतर से हारे थे। 2019 में झारखंड मुक्ति मोर्चा के टिकट पर उतरीं सीता सोरेन ने भाजपा के सुरेश मुर्मू को 2426 मत से पराजित किया था। डॉ. लुईस मरांडी 5738 वोटों से चुनाव जीत गईं हैं।

झारखंड विधानसभा चुनाव के चर्चित चेहरे - फोटो : अमर उजाला

रागिनी सिंह vs पूर्णिमा नीरज सिंह: झारखंड के धनबाद जिले की झरिया विधानसभा सीट भी दिलचस्प है जहां सिंह के परिवार से एक बार फिर से जेठानी-देवरानी के बीच मुकाबला हुआ। 2019 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने सूर्यदेव सिंह के भाई राजन सिंह के बेटे स्वर्गीय नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा नीरज सिंह को टिकट दिया था। वहीं भाजपा ने उनकी देवरानी रागिनी सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया था। नतीजा पूर्णिमा सिंह के पक्ष में रहा और उन्होंने यह चुनाव 12,054 वोट से जीत लिया। पिछले विधानसभा चुनाव के बाद इस चुनाव में भी देवरानी-जेठानी पूर्णिमा सिंह और रागिनी सिंह फिर एक दूसरे के खिलाफ मैदान में थीं। इस बार के चुनाव में रागिनी सिंह 14511 वोटों के अंतर से जीत गईं हैं।

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