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Exit Poll: 1 जून को अंतिम चरण के मतदान के बाद आएंगे आम चुनाव के एग्जिट पोल, जानें कितने बजे से मचने लगेगा शोर

Wed, 29 May 2024 08:47 PM IST
शिवेंद्र तिवारी स्पेशल डेस्क, अमर उजाला

सार

Exit Poll 2024: 1 जून की शाम को अलग-अलग मीडिया चैनलों और सर्वे एजेंसियों की तरफ से एग्जिट पोल जारी किए जाएंगे। बता दें कि एग्जिट पोल मतदान के तुरंत बाद किया जाता है। इसमें केवल वोटर्स को ही शामिल किया जाता है।
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एग्जिट पोल 2024 - फोटो : AMAR UJALA
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विस्तार
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लोकसभा चुनाव 2024 अब अपने अंतिम पड़ाव में है। अब तक छह चरण का मतदान हो चुका है। सातवें और अंतिम दौर की वोटिंग 1 जून को है। गुजरात की सूरत सीट से भाजपा उम्मीदवार मुकेश दलाल पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। ऐसे में 542 सीटों के नतीजे 4 जून को घोषित किए जाएंगे। इससे पहले 1 जून की शाम को अलग-अलग मीडिया चैनलों और सर्वे एजेंसियों की तरफ से एग्जिट पोल जारी किए जाएंगे। देश में किस पार्टी की सरकार बन सकती है? किस पार्टी को कितनी सीटें मिल सकती हैं? इसका अनुमान इस पोल के जरिए लगेगा।   

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आइए जानते हैं कि इस बार एग्जिट पोल कब जारी किया जाएगा? आखिर ये एग्जिट पोल है क्या? कैसे मतगणना से पहले ही ये सरकार बनने और बिगड़ने का दावा कर देते हैं? इसका इतिहास क्या है? एग्जिट पोल और ओपिनियन पोल में क्या अंतर होता है? इन सभी सवालों का हम आपको जवाब बताएंगे। पढ़िए ये रिपोर्ट…

इस बार एग्जिट पोल कब जारी किया जाएगा?
एग्जिट पोल वोटिंग के तुरंत बाद कराया जाता है, जिसमें केवल मतदाताओं को ही शामिल किया जाता है। एग्जिट पोल में वही लोग शामिल होते हैं, जो मतदान कर बाहर निकलते हैं। एग्जिट पोल निर्णायक दौर में होता है। इससे पता चलता है कि लोगों ने किस पार्टी पर भरोसा जताया है। एग्जिट पोल का प्रसारण मतदान के पूरी तरह से खत्म होने के बाद ही किया जाता है। 1 जून को सातवें दौर का मतदान खत्म होने के बाद एग्जिट पोल दिखाए जाएंगे। इससे पहले चुनाव आयोग ने जानकारी दी थी कि 19 अप्रैल 2024 को सुबह सुबह 7.00 बजे से 1 जून 2024 को शाम 6.30 बजे तक एग्जिट पोल पर प्रतिबंध रहेगा। यानी 1 जून को शाम 6.30 बजे के बाद ही एग्जिट पोल जारी होंगे। 

एग्जिट पोल है क्या?

दरअसल एग्जिट पोल एक तरह का चुनावी सर्वे होता है। मतदान वाले दिन जब मतदाता वोट देकर पोलिंग बूथ से बाहर निकलता है तो वहां अलग-अलग सर्वे एजेंसी और न्यूज चैनल के लोग मौजूद होते हैं। वह मतदाता से वोटिंग को लेकर सवाल पूछते हैं। इसमें उनसे पूछा जाता है कि उन्होंने किसको वोट दिया है? इस तरह से हर विधानसभा के अलग-अलग पोलिंग बूथ से वोटर्स से सवाल पूछा जाता है। मतदान खत्म होने तक ऐसे सवाल बड़ी संख्या में आंकड़े एकत्र हो जाते हैं। इन आंकड़ों को जुटाकर और उनके उत्तर के हिसाब से अंदाजा लगाया जाता है कि पब्लिक का मूड किस ओर है? मैथमेटिकल मॉडल के आधार पर ये निकाला जाता है कि कौन सी पार्टी को कितनी सीटें मिल सकती हैं? इसका प्रसारण मतदान खत्म होने के बाद ही किया जाता है। 

कितने लोगों से सवाल पूछा जाता है?

एग्जिट पोल कराने के लिए सर्वे एजेंसी या न्यूज चैनल का रिपोर्टर अचानक से किसी बूथ पर जाकर वहां लोगों से बात करता है। इसमें पहले से तय नहीं होता है कि वह किससे सवाल करेगा? आमतौर पर मजबूत एग्जिट पोल के लिए 30-35 हजार से लेकर एक लाख वोटर्स तक से बातचीत होती है। इसमें क्षेत्रवार हर वर्ग के लोगों को शामिल किया जाता है। 

ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल में क्या होता है अंतर? 

ओपिनियन पोल: एजेंसियां ओपिनियन पोल चुनाव से पहले कराती हैं और इसमें सभी लोगों को शामिल किया जाता है। भले ही वो मतदाता है या नहीं। ओपिनियन पोल के नतीजे के लिए चुनावी दृष्टि से अलग-अलग क्षेत्रों के अहम मुद्दों पर जनता की नब्ज को टटोलने की कोशिश की जाती है। इसके तहत हर क्षेत्र में यह जानने का प्रयास किया जाता है कि सरकार के प्रति जनता की नाराजगी है या फिर उसके काम से संतुष्ट है। 

एग्जिट पोल: एग्जिट पोल वोटिंग के तुरंत बाद कराया जाता है, जिसमें केवल मतदाताओं को ही शामिल किया जाता है। एग्जिट पोल में वही लोग शामिल होते हैं, जो मतदान कर बाहर निकलते हैं। एग्जिट पोल निर्णायक दौर में होता है। इससे पता चलता है कि लोगों ने किस पार्टी पर भरोसा जताया है। एग्जिट पोल का प्रसारण मतदान के पूरी तरह से खत्म होने के बाद ही किया जाता है। 1 जून को सातवें दौर का मतदान खत्म होने के बाद एग्जिट पोल दिखाए जाएंगे।

ओपिनियन पोल के बारे में रोचक जानकारी:

  • दुनिया में चुनावी सर्वे की शुरुआत सबसे पहले अमेरिका में हुई।

  • जॉर्ज गैलप और क्लॉड रोबिंसन ने अमेरिकी सरकार के कामकाज पर लोगों की राय जानने के लिए ये सर्वे किया था।

  • बाद में ब्रिटेन ने 1937 और फ्रांस ने 1938 में अपने यहां बड़े पैमाने पर पोल सर्वे कराए।

  • इसके बाद जर्मनी, डेनमार्क, बेल्जियम तथा आयरलैंड में चुनाव पूर्व सर्वे कराए गए।

एग्जिट पोल के बारे में रोचक जानकारी: 

  • एग्जिट पोल की शुरुआत नीदरलैंड के समाजशास्त्री और पूर्व राजनेता मार्सेल वॉन डैम ने की थी।

  • वॉन डैम ने पहली बार 15 फरवरी 1967 को इसका इस्तेमाल किया था। उस समय नीदरलैंड में हुए चुनाव में उनका आकलन बिल्कुल सटीक रहा था। 

  • भारत में एग्जिट पोल की शुरुआत इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ पब्लिक ओपिनियन (आईआईपीयू) के प्रमुख एरिक डी कोस्टा ने की थी।

  • 1996 में एग्जिट पोल सबसे अधिक चर्चा आए। उस समय दूरदर्शन ने सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसायटीज (सीएसडीएस) को देशभर में एग्जिट पोल कराने के लिए अनुमति दी थी।

  • 1998 में पहली बार टीवी पर एग्जिट पोल का प्रसारण किया गया।

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ये एजेंसी और चैनल कराते हैं सर्वे

  • टुडे चाणक्य

  • एबीपी-सी वोटर

  • न्यूजएक्स-नेता

  • रिपब्लिक-जन की बात

  • सीएसडीएस

  • न्यूज18-आईपीएसओएस

  • इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया 

  • टाइम्स नाउ-सीएनएक्स 

  • सीएसडीएस

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